US Trump Call Balogun Ban | FIFA World Cup Controversy

  • Hindi News
  • Sports
  • US Trump Call Balogun Ban | FIFA World Cup Controversy | Infantino IOC Complaint

स्पोर्ट्स डेस्क21 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हस्तक्षेप के बाद अमेरिकी फुटबॉलर फोलारिन बालोगुन का वर्ल्ड कप बैन हटाने के फैसले पर फीफा अध्यक्ष जियानी इन्फैन्टिनो की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंदन के मानवाधिकार संगठन फेयरस्क्वेयर ने उनके खिलाफ इंटरनेशनल ओलिंपिक कमेटी (IOC) के एथिक्स कमीशन में शिकायत दर्ज कराई है।

संगठन का आरोप है कि इन्फैन्टिनो ने ओलिंपिक चार्टर के राजनीतिक निष्पक्षता नियम का उल्लंघन किया है। IOC मेंबर होने के नाते उन पर राजनीतिक तटस्थता संबंधी नियम लागू होते हैं। फेयरस्क्वेयर ने दिसंबर 2025 में भी उनकी शिकायत फीफा की एथिक्स कमेटी से की थी। तब भी उन पर राजनीतिक निष्पक्षता के उल्लंघन के आरोप लगे थे। हालांकि, उस मामले में कोई आधिकारिक अपडेट नहीं दिया गया।

फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार किसी राष्ट्राध्यक्ष ने रेड कार्ड रद्द करने की पैरवी की।फीफा ने इसे मान भी लिया।

फुटबॉल वर्ल्ड कप के इतिहास में पहली बार किसी राष्ट्राध्यक्ष ने रेड कार्ड रद्द करने की पैरवी की।फीफा ने इसे मान भी लिया।

ट्रम्प ने बैन हटाने का दावा किया था

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 6 जुलाई को दावा किया कि उनके फोन के बाद फीफा ने अमेरिकी स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन का एक मैच का बैन हटा दिया। बालोगुन को पिछले नाकआउट मुकाबले में रेड कार्ड मिला था, इसलिए उन्हें बेल्जियम के खिलाफ राउंड ऑफ-16 मैच से बाहर रहना चाहिए था। लेकिन फीफा की अनुशासन समिति ने उनका प्रतिबंध हटाकर उन्हें खेलने की अनुमति दी। इसके बावजूद अमेरिका को बेल्जियम के खिलाफ 4-1 से हार का सामना करना पड़ा।

बालोगुन को बोस्निया-हर्जेगोविना के डिफेंडर तारिक मुहारेमोविक पर फाउल के लिए रेड कार्ड दिखाया गया था।

बालोगुन को बोस्निया-हर्जेगोविना के डिफेंडर तारिक मुहारेमोविक पर फाउल के लिए रेड कार्ड दिखाया गया था।

IOC प्रेसिडेंट कोवेंट्री बोली- शिकायत मिली तो जांच करेंगे

IOC अध्यक्ष किर्स्टी कोवेंट्री ने कहा कि यदि इस मामले में औपचारिक शिकायत मिलती है तो एथिक्स कमीशन इसकी जांच करेगा। उन्होंने कहा कि IOC पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, क्योंकि अमेरिका 2028 लॉस एंजिलिस ओलिंपिक की भी मेजबानी करेगा।

टूर्नामेंट से जुड़ी 2 अन्य कंट्रोवर्सी भी पढ़िए

1. रेफरशिप विवाद; EFA ने रेफरी को हटाने की मांग की

प्री-क्वार्टर फाइनल में अर्जेंटीना से 3-2 की हार के बाद इजिप्ट फुटबॉल संघ (EFA) ने रेफरी पर कार्रवाई की मांग की है। उसने मैच की रेफरिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि कई फैसलों ने मुकाबले का रुख बदल दिया और वह इस मामले पर चुप नहीं रह सकता। वहीं, फीफा ने रेफरी के फैसलों का बचाव करते हुए अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाना गलत बताया।

होसम हसन ने X का साइन बराबर रेफरशिप का विरोध जताया था। इस पर उन्हें यलो कार्ड भी दिखाया गया।

होसम हसन ने X का साइन बराबर रेफरशिप का विरोध जताया था। इस पर उन्हें यलो कार्ड भी दिखाया गया।

आरोप है कि रेफरी ने 58वें मिनट वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) का गलत इस्तेमाल किया। उन्होंने VAR रिव्यू के बाद मारवान अटिया का गोल फाउल मानकर रद्द कर दिया था। टीम के हेड कोच होसम हसन ने अर्जेंटीना की जीत के बाद हाथों से ‘X’ का इशारा कर विरोध दर्ज कराया था।

2. एम्बाप्पे-सीनेटर विवाद; अमारिला ने फुटबॉलर को गाली दी

फ्रांस के कप्तान किलियन एम्बाप्पे और पैराग्वे की विपक्षी सीनेटर सेलेस्टे अमारिला के बीच विवाद और गहरा गया है। नस्लीय टिप्पणी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचना झेल रहीं अमारिला ने अब एमबापे के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने पहले दिए गए बयानों पर माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया।

मैच के बाद गिल एम्बाप्पे से हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़, लेकिन एम्बाप्पे उन्हें नजर अंदाज कर गए। इस पर गिल ने एम्बाप्पे की ओर फुटबॉल उछाल दी थी।

मैच के बाद गिल एम्बाप्पे से हाथ मिलाने के लिए आगे बढ़, लेकिन एम्बाप्पे उन्हें नजर अंदाज कर गए। इस पर गिल ने एम्बाप्पे की ओर फुटबॉल उछाल दी थी।

यह विवाद राउंड ऑफ-16 में फ्रांस की पैराग्वे पर 1-0 की जीत के बाद शुरू हुआ था। मैच के बाद एम्बाप्पे ने पैराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल से हाथ नहीं मिलाया था। इसके बाद सीनेटर ने उन्हें घमंडी बताते हुए नस्लीय टिप्पणी की थी।

————————————————————-

फुटबॉल वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए…

32 साल बाद 6 यूरोपियन टीमें क्वार्टर फाइनल में, एशिया की कोई टीम नहीं

2026 फीफा वर्ल्ड कप अब अपने सबसे रोमांचक और निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है। इस बार के क्वार्टर फाइनल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 32 साल बाद अंतिम-8 में 6 यूरोपियन (यूएफा) टीमों ने अपनी जगह बनाई है। पढ़ें पूरी खबर

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Comment