नई दिल्ली12 मिनट पहले
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संघ लोक सेवा आयोग ने 2026 के लिए नोटिफिकेशन 4 फरवरी को जारी कर दिया है।
संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार 933 पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया है। आवेदन की आखिरी तारीख 24 फरवरी है।
परीक्षा केंद्र में फेस ऑथेंटिकेशन के बाद ही एंट्री दी जाएगी। इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है।
इसके मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है।
वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा।
जैसे किसी का 2026 में IPS में सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा।
पहले से IPS को दोबारा IPS नहीं
पहले से आईपीएस में चयनित या नियुक्त उम्मीदवार सीएसई 2026 से दोबारा आईपीएस नहीं पा सकेंगे। वहीं प्रीलिम्स के बाद लेकिन मेन्स से पहले अगर आईएएस या आईएफएस बनते हैं, तो मेन्स लिखने की अनुमति नहीं मिलेगी।
ये बदलाव यूपीएससी 2026 में पहली बार दिखेंगे
- सिविल सर्विस एग्जाम-2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। मौका तभी मिलेगा जब उम्मीदवार को ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम एक्जेम्शन (एक बार की छूट) मिले।
- छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है, और न छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा अपने आप रद्द हो जाएगी।
- सीएसई 2026 से चयनित उम्मीदवार सीएसई 2027 देना चाहते हैं, तो अनुमति जरूरी होगी। सीएसई 2028 या उसके बाद परीक्षा देने के लिए इस्तीफा अनिवार्य होगा।
लोकसभा में पूछा गया- लद्दाख के उम्मीदवारों को लैंग्वेज पेपर में छूट क्यों
लोकसभा में बुधवार को पूछा गया कि क्या लद्दाख के उम्मीदवारों को सिविल सेवा (मुख्य) परीक्षा में भारतीय भाषा के क्वालिफाइंग पेपर (पेपर-A) से छूट देने का कोई प्रस्ताव है। इस पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने जबाव दिया कि सिविल सेवा परीक्षा के नियम समय के साथ बदलते रहते हैं।
सभी उम्मीदवारों के लिए बराबरी का मौका देने के लिए सरकार सुधार और जरूरी कदम उठाती रहती है। फिलहाल लद्दाख के उम्मीदवारों को भाषा पेपर से छूट देने का कोई तय फैसला घोषित नहीं किया गया है।
मौजूदा नियम CSE रूल्स-2025) के तहत 6 राज्य अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम के उम्मीदवारों के लिए भारतीय भाषा का पेपर देना अनिवार्य नहीं है।
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