राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने परीक्षाओं और परिणामों को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।
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आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने अपने कार्यकाल के आखिरी दिन जारी आदेश में चेतावनी दी है कि फर्जी या भ्रामक पोस्ट करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने अभ्यर्थियों से केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील भी की है।
दरअसल, शुक्रवार को आयोग की ओर से जारी प्रेस नोट में कहा गया है कि कुछ अभ्यर्थी और अन्य व्यक्ति अधिकृत सूचना के बिना परीक्षा परिणामों का विश्लेषण कर भ्रामक तथ्य और आंकड़े सोशल मीडिया पर साझा कर रहे हैं, जिससे अभ्यर्थियों और आमजन में भ्रम की स्थिति बन रही है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ आयोग कड़ा रुख अपनाएगा।
आयोग सचिव रामनिवास मेहता ने कहा कि
आयोग के संज्ञान में आया है कि विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर परीक्षा परिणाम घोषित होने से पहले ही कई तरह के दावे और विश्लेषण साझा किए जा रहे हैं। इससे न केवल अभ्यर्थियों में भ्रम फैल रहा है, बल्कि आयोग की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करने का प्रयास किया जा रहा है।
आयोग की अधिकृत सूचना पर ही भरोसा करें अभ्यर्थी
आयोग ने सभी अभ्यर्थियों और आमजन से अपील की है कि वे केवल आयोग की अधिकृत सूचना पर ही भरोसा करें।

आज सचिव रामनिवास मेहता का आखिरी दिन
राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव रामनिवास मेहता का शुक्रवार को कार्यकाल का आखिरी दिन रहा। रिटायर होने से पहले उन्होंने यह महत्वपूर्ण प्रेस नोट जारी कर अभ्यर्थियों को आगाह किया। इसके साथ ही आयोग के सदस्य डॉ. अशोक कलवार का कार्यकाल भी शुक्रवार को पूरा हो गया।
आयोग में तीन सदस्य पद होंगे रिक्त
डॉ. अशोक कलवार के कार्यकाल समाप्त होने और पहले से रिक्त एक सदस्य पद को मिलाकर अब आयोग में तीन सदस्य पद खाली हो जाएंगे। इन पदों पर नई नियुक्तियों का इंतजार रहेगा।
