Records remained unbroken even with medication, clean athletes won.

  • Hindi News
  • Sports
  • Records Remained Unbroken Even With Medication, Clean Athletes Won.

लास वेगास4 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
एनहेंस्ड गेम्स ने दुनिया को जरूर चौंकाया, लेकिन पहले ही आयोजन में यह साफ हो गया कि सिर्फ डोपिंग की छूट देने से इंसान सुपरह्यूमन नहीं बन जाता।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

एनहेंस्ड गेम्स ने दुनिया को जरूर चौंकाया, लेकिन पहले ही आयोजन में यह साफ हो गया कि सिर्फ डोपिंग की छूट देने से इंसान सुपरह्यूमन नहीं बन जाता।- फाइल फोटो

अमेरिका के लास वेगास में चमकती रोशनी, तेज संगीत, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की भीड़ और करोड़ों रुपए की इनामी राशि। दावा था कि यहां इंसानी शरीर की सीमाएं टूटेंगी और कई वर्ल्ड रिकॉर्ड बनेंगे। लेकिन ‘एनहेंस्ड गेम्स’ का पहला आयोजन फ्लॉप रहा। करीब पांच घंटे तक चली प्रतियोगिता में आखिर तक कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं टूटा।

अंतिम इवेंट में ग्रीस के तैराक क्रिस्टियन गकोलोमेव ने 50 मीटर फ्रीस्टाइल रेस 20.81 सेकंड में पूरी की। यह आधिकारिक विश्व रिकॉर्ड से सिर्फ 0.07 सेकंड बेहतर था। हालांकि, यह रिकॉर्ड मान्य नहीं है, क्योंकि उन्होंने प्रतिबंधित ‘स्किनसूट’ पहना था और डोपिंग भी की थी। फिर भी आयोजकों ने इसे अपनी सबसे बड़ी उपलब्धि बताकर जश्न मनाया।

इन एनहेंस्ड गेम्स का मकसद ही अलग है। यहां खिलाड़ियों को प्रदर्शन बढ़ाने वाली दवाएं लेने की अनुमति दी गई। टेस्टोस्टेरोन, ईपीओ और एनाबॉलिक स्टेरॉयड जैसी प्रतिबंधित चीजें खुले तौर पर इस्तेमाल हुईं। स्टेडियम की बड़ी स्क्रीन पर यह तक दिखाया जा रहा था कि खिलाड़ी कौन-कौन सी दवाएं ले रहे हैं। लेकिन सबसे दिलचस्प बात यह रही कि तीन ऐसे खिलाड़ी भी विजेता बने, जिन्होंने दावा किया कि वे बिना डोपिंग के उतरे थे।

अमेरिका के फ्रेड केरली (पेरिस ओलिंपिक के ब्रॉन्ज मेडलिस्ट) ने 100 मीटर दौड़ जीतने के बाद तंज कसते हुए कहा, ‘बाकियों को और मेहनत करनी चाहिए, शायद थोड़ा और ड्रग्स लेना चाहिए।’ वहीं महिलाओं की 100 मीटर रेस जीतने वाली ट्रिस्टन एवलिन ने कहा, ‘यह साबित करता है कि जीत सिर्फ केमिस्ट्री से नहीं मिलती।’ आयोजकों ने रिकॉर्ड टूटने की बड़ी उम्मीदें लगाई थीं, लेकिन ज्यादातर खिलाड़ी उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे। ‘गेम ऑफ थ्रोन्स’ सीरीज से मशहूर आइसलैंड के स्ट्रॉन्गमैन थॉर ब्योर्नसन 510 किलो डेडलिफ्ट का अपना रिकॉर्ड भी नहीं तोड़ सके। कई वेटलिफ्टर तीन-तीन कोशिशों के बाद भी रिकॉर्ड से दूर रह गए। यहां तक कि जब कनाडा के वेटलिफ्टर बोएडी सैंटावी असफल हो गए तो आयोजकों ने नियम बदलते हुए उन्हें एक अतिरिक्त मौका दे दिया। माहौल किसी पेशेवर टूर्नामेंट से ज्यादा स्कूल स्पोर्ट्स डे जैसा लगने लगा।

हालांकि, खिलाड़ियों के लिए इनाम बेहद बड़ा था। ब्रिटेन के तैराक बेन प्राउड ने 50 मीटर बटरफ्लाई जीतकर और एक अन्य रेस में दूसरा स्थान हासिल कर करीब 3.5 करोड़ रुपए कमाए। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने इन गेम्स के बारे में सुना तो लगा जैसे लॉटरी लग गई हो।’ एनहेंस्ड गेम्स ने दुनिया को जरूर चौंकाया, लेकिन पहले ही आयोजन में यह साफ हो गया कि सिर्फ डोपिंग की छूट देने से इंसान सुपरह्यूमन नहीं बन जाता।

दुनिया का पहला इस तरह का आयोजन

यह दुनिया का पहला ऐसा खेल आयोजन है, जहां खिलाड़ियों को प्रतिबंधित दवाएं लेने की अनुमति दी गई। आयोजकों का दावा है कि इससे इंसानी क्षमता की नई सीमाएं सामने आएंगी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय खेल संस्थाएं और कई पूर्व खिलाड़ी इसका विरोध कर रहे हैं। उनका मानना है कि यह खेल भावना और खिलाड़ियों की सेहत दोनों के लिए खतरनाक प्रयोग है।

Source link

Leave a Comment