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40 मिनट पहले
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राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की दलोट (दलौद) तहसील के अंतर्गत आने वाले उदयाखेड़ी गांव में स्कूली बच्चों के लिए आने-जाने का कोई पक्का रास्ता या पुल नहीं है। ये बच्चे एक टूटे हुए पेड़ के सहारे स्कूल जाने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी रास्ता
एक गिरे एक खजूर के पेड़ को ही बच्चों ने अपना रास्ता बना लिया है। ग्रामीणों ने इस पेड़ के सहारे बांस और कील ठोककर बच्चों को पकड़ने के लिए अस्थायी सहारा बनाया है। इसके जरिए बच्चे संतुलन बनाकर किसी तरह नदी को पार करते हैं। इस जगह के लिए पुलिया दो बार सैंक्शन हो चुकी है लेकिन आस-पास के खातेदारी जमीन वाले इसे बनाने नहीं दे रहे है।
इससे पहले गांव के लोगों ने अपने हाथों से एक पुल तैयार किया था। लेकिन बारिश की वजह से ये पुल टूट गया। अब जैसे-तैसे तैयार किया ये पुल ही बच्चों के लिए स्कूल जाने का रास्ता बन गया है।
कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
ग्रामीणों का कहना है कि नदी पार करने के लिए कोई सुरक्षित व्यवस्था नहीं होने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से यहां जल्द से जल्द स्थायी पुल बनाने की मांग की है, ताकि बच्चों और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े।
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