लाहौर24 मिनट पहले
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9 दिसंबर को ऑस्ट्रेलियाई डेलिगेशन लाहौर कमीशनर के ऑफिस पहुंचा। जहां उसे सुरक्षा व्यवस्था की ब्रीफिंग दी गई। यहां PCB अधिकारी भी मौजूद रहे।
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने पाकिस्तान दौरे से पहले एक डेलिगेशन लाहौर भेजा है। जोकि सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है। इसमें एक स्वतंत्र सुरक्षा सलाहकार और क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का एक अधिकारी शामिल है। डेलिगेशन लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम और उस होटल जाएंगे, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम ठहरेगी। वे PCB अधिकारियों तथा सरकारी और सुरक्षा प्रतिनिधियों से भी मुलाकात करेंगे।
ऑस्ट्रेलियाई टीम अगले साल की शुरुआत में पाकिस्तान का दौरा करेगी। टीम वहां 2 चरणों में सीमित ओवरों की सीरीज खेलेगा। पहले चरण में जनवरी में तीन मैचों की टी20 सीरीज होगी। हालांकि, PCB ने सीरीज का शेड्यूल जारी नहीं किया है।
11 नवंबर को इस्लामाबाद में एक कोर्ट के बाहर आत्मघाती हमला हुआ था। इस हमले के बाद श्रीलंकाई टीम के आधे से ज्यादा खिलाड़ी ने 13 नवंबर को वनडे मैच खेलने से मना कर दिया था। बाद में गृहमंत्री मोहसिन नवकी और आसिम मुनीर के सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के बाद मैच खेला गया।

इस्लामाबाद के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के पार्किंग में खड़ी गाड़ी में विस्फोट हुआ था। इसमें 12 लोग मारे गए और कई घायल हुए।
वनडे सीरीज स्थगित हो सकती है ऑस्ट्रेलिया अगले साल मार्च में तीन मैचों की वनडे सीरीज के लिए फिर से पाकिस्तान का दौरा करेगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि वनडे सीरीज को फिलहाल स्थगित किया जा सकता है और इसका आयोजन 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप से पहले किसी समय हो सकता है।
3 साल पहले 21 सितंबर 2021 को न्यूजीलैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली सीमित ओवरों की सीरीज रद्द कर रही थी। टीम संभावित आतंकवादी हमले की खुफिया सूचना मिलने के बाद बिना कोई मैच खेले ही स्वदेश लौट गई थी।

16 साल पहले टीम बस पर हमला हुआ था 16 साल पहले श्रीलंकाई क्रिकेटर्स की टीम बस पर हमला हुआ था। मार्च 2009 में TTP आतंकवादियों ने गद्दाफी स्टेडियम के पास टीम की बस पर गोलियां चलाई थी। इसमें किसी की जान तो नहीं गई थी, लेकिन कुछ खिलाड़ी घायल हुए थे।

2009 में आतंकी हमले पर श्रीलंका के अजंता मेंडिस घायल हो गए।

हमले के बाद श्रीलंकाई टीम को मैदान पर हेलीकॉप्टर के जरिए स्वदेश भेजा गया था।
जिसके कारण करीब 10 साल तक पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट मैच नहीं हुआ था। क्योंकि, कई विदेशी टीमों ने सुरक्षा चिंताओं के कारण देश का दौरा करने से इनकार कर दिया था।