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19 मिनट पहले
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NEET UG 2026 में पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के चलते 2027 में जो बदलाव किए जा रहे हैं, उनमें हाई-पावर्ड टास्क फोर्स का गठन भी है। इसके अध्यक्ष नंदन नीलेकणि हैं। टास्क फोर्स ने अब आम लोगों और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगना शुरू कर दिया है। केंद्र ने इसके लिए सुझाव देने की आखिरी तारीख 13 सितंबर 2026 रखी है।
इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि इस हाई-पावर्ड टास्क फोर्स के अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। वे केवल NEET नहीं, बल्कि NTA समेत देश की प्रमुख परीक्षाओं की सुरक्षा, डिजाइन, संचालन और गवर्नेंस में सुधार के लिए लोगों से सुझाव मांग रहे हैं।

साल में 4 बार टेस्ट से 90% समस्याओं का समाधान
इन्हीं सुझावों के चलते शिक्षाविद और बीजेपी के राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल का कहना है कि अगर उम्मीदवार को एक से डेढ़ साल में 4 बार एंट्रेंस टेस्ट में बैठने का मौका मिले और उसके बेस्ट स्कोर को माना जाए तो 90% तक समस्याओं का समाधान हो सकता है।
डॉ. मित्तल ने कहा कि वह उच्च स्तरीय समिति से मिलने का समय मांगेंगे और कमेटी के सामने अपनी बात रखेंगे। उनका कहना है कि NEET UG के लिए छात्र 10वीं के बाद या कुछ तो पहले से ही तैयारी करने लग जाते हैं।
इतनी मेहनत के बाद उनका एडमिशन केवल एक दिन में तीन घंटे की परीक्षा पर निर्भर करता है। ये छात्र के मानसिक तनाव का सबसे बड़ा कारण है क्योंकि उसे लगता है कि अगर उस दिन वह बेहतर नहीं कर पाया तो करियर खत्म हो जाएगा। इसी चीज का फायदा एग्जाम में गड़बड़ी करने वाले लोग भी उठाते हैं।
अगर NEET UG देने का मौका साल में चार बार मिले तो उससे साल में एक बार होने वाली एग्जाम पर निर्भरता कम होगी। एक ही टेस्ट पर निर्भर रहेंगे तो परीक्षा को लेकर समस्या का पूरी तरह से समाधान नहीं हो सकता। जहां तक एग्जाम फीस की बात है तो उसको कम से कम रखा जा सकता है।

सुझाव जुटाने में लगी है कमेटी
अभी NEET UG 2027 का नया पैटर्न घोषित नहीं हुआ है। फिलहाल कमेटी सुझाव जुटा रही है और अक्टूबर के आसपास नया पैटर्न तैयार करने की दिशा में काम कर रही है।

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