MS Dhoni Captaincy Vs BCCI; Virat Kohli

  • Hindi News
  • Sports
  • MS Dhoni Captaincy Vs BCCI; Virat Kohli | Indian Cricket Team Selection

स्पोर्ट्स डेस्क56 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2017 में टी-20 और वनडे की कप्तानी खुद नहीं छोड़ा था, बल्कि सिलेक्शन कमेटी ने उन्हें कप्तानी छोड़ने का सुझाव दिया था। चयनकर्ताओं ने धोनी से यह भी कहा था कि वे लिखित में मेल में अपना इस्तीफा दें ताकि ट्रांजिशन को औपचारिक रूप दिया जा सके। पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने ‘द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो’ में बताया कि उस समय के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने धोनी से इस विषय पर बातचीत की थी।

धोनी ने 2014 में टेस्ट कप्तानी पहले ही छोड़ दी थी, लेकिन 2017 वह साल था जब विराट कोहली को तीनों फॉर्मेट की कमान सौंपी गई थी

4 जनवरी 2017 को एमएस धोनी ने वनडे और टी20 कप्तानी छोड़ दी थी।

4 जनवरी 2017 को एमएस धोनी ने वनडे और टी20 कप्तानी छोड़ दी थी।

धोनी ने बिना किसी विरोध के फैसले पर सहमति जताई

पूर्व चयनकर्ता जतिन परांजपे ने ‘द ग्रेट इंडियन क्रिकेट शो’ में बताया कि वह और उस समय के मुख्य चयनकर्ता एमएसके प्रसाद नेट्स में बल्लेबाजी कर रहे धोनी से मिलने पहुंचे। उन्होंने सम्मान के साथ कहा कि अब बदलाव का समय आ गया है। धोनी ने बिना किसी विरोध के फैसले पर सहमति जताई और कहा कि यह सही निर्णय है।

BCCI चयन समिति के पूर्व सदस्य जतिन परंजपे

BCCI चयन समिति के पूर्व सदस्य जतिन परंजपे

उन्होंने एमएसके से कहा, अन्ना, यह बिल्कुल सही फैसला है। मुझे बताइए कि आपको मुझसे क्या चाहिए।

एमएसके ने उनसे कहा कि आपको लिखकर देना होगा कि आप आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। इस पर उन्होंने कहा, ठीक है, मैं कर दूंगा।

देर रात धोनी की ओर से ईमेल आया

परांजपे के मुताबिक, देर रात धोनी की ओर से ईमेल आया “मैं पद छोड़ना चाहता हूं।” इस फैसले की आलोचना भी हुई, लेकिन चयनकर्ताओं ने इसे टीम के भविष्य के लिए जरूरी बताया।

परांजपे ने यह भी बताया कि धोनी ने विराट कोहली को पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया था। उन्होंने कहा, चिंता मत करो। मैं विराट के साथ पूरी तरह काम करूंगा। वह मेरे भाई जैसा है। मैं उसके लिए जो भी जरूरी होगा, करूंगा। मेरा जितना भी अनुभव है, मैं उसे दूंगा। और हम एक अच्छी टीम बनाएंगे।

धोनी सभी आईसीसी खिताब हासिल कर चुके थे

उस समय धोनी 35 साल के थे। वह 2007 का पहला टी20 वर्ल्ड कप, 2011 का वनडे वर्ल्ड कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर सभी आईसीसी खिताब हासिल कर चुके थे।

_______________

स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…

भारत-पाकिस्तान मैच हमेशा एकतरफा नहीं रहते:4 मुकाबलों में आखिरी गेंद पर फैसला; अब तक नहीं बना 200+ का स्कोर

टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले का मतलब भारत का दबदबा। आखिर जो टीम 8 में से 7 बार जीतेगी उसका पलड़ा भारी कहा ही जाएगा। भारत 7-1 से आगे है।

तो फिर इस मैच की इतनी हाइप क्यों होती है? जब एक टीम इतना आगे है तो फिर यह मुकाबला रोमांचक क्यों बन जाता है?

इसकी दो वजहें हैं। एक तो यह कि दोनों देशों के संबंध हमेशा खराब रहे हैं। इसलिए दो दुश्मनों के बीच मैच का हाइप अपने आप बन जाता है। दूसरी वजह यह है कि नतीजे भले ज्यादातर भारत के पक्ष में आए हों लेकिन मुकाबले काफी नजदीकी होते रहे हैं।

स्टोरी में आगे हम टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हर मैच की संक्षिप्त कहानी जानेंगे। साथ ही यह भी समझने की कोशिश करेंगे कि इस बार कैसा खेल देखने को मिल सकता है। पूरी खबर पढ़े

खबरें और भी हैं…

Source link

Leave a Comment