नूंह के ऑलराउंडर शाहबाज अहमद का टीम इंडिया में चयन हुआ है। – फाइल फोटो
हरियाणा के नूंह जिले के गांव शिकरावा के रहने वाले शाहबाज अहमद का टी-20 में चयन हो गया। साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाले चौथे T-20 से पहले स्टार ऑलराउंडर अक्षर पटेल तबीयत खराब होने की वजह से बाकी बचे दो मुकाबलों से बाहर हो गए। अब उनकी जगह टीम इंडिया मे
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31 वर्षीय खिलाड़ी IPL में अब तक 3 टीमों के साथ खेल चुके हैं। शाहबाज के पास 5 इंटरनेशनल मैच खेलने का अनुभव भी है। बाएं हाथ के स्पिनर ऑलराउंडर शाहबाज अहमद ने अब तक कुल 114 टी-20 मुकाबले खेले हैं। उन्होंने 1355 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक और 4 अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने गेंद से भी कमाल दिखाते हुए 73 विकेट चटकाए हैं।
आईपीएल की बात करें, तो शाहबाज अहमद 2020 से लेकर 2023 तक RCB के लिए खेले। इसके बाद वह सनराइजर्स हैदराबाद का हिस्सा बने। आईपीएल 2025 में वह लखनऊ सुपर जायंट्स की तरफ से खेले। आईपीएल के 58 मैचों में उन्होंने 545 रन बनाए और 22 विकेट झटके।
आज टी-20 मैच लखनऊ में खेला जा रहा है। वहीं, अंतिम मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 19 दिसंबर को खेला जाएगा। मेवात के लोगों में इस बात को लेकर खुशी है। मेवात के क्रिकेट प्रेमी उम्मीद कर रहे हैं कि शाहबाज को खेलने का मौका मिले। इसमें वह शानदार प्रदर्शन करेंगे।
शाहबाज भारत के लिए 3 वनडे और 2 टी-20 खेल चुके हैं। आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच उन्होंने अफगानिस्तान के खिलाफ अक्टूबर 2023 में खेला था।

पारिवारिक सदस्यों एवं विराट कोहली के साथ शाहबाज अहमद। – फाइल फोटो
यहां पढ़िए, शाहबाज के क्रिकेट खेलने की बचपन से अभी तक की कहानी…
- शुरुआत से ही कई मुश्किलों से गुजरना पड़ा: शाहबाज अहमद का जन्म हरियाणा के नूंह जिले के गांव शिकरावा (नूंह 2018 की एक सरकारी रिपोर्ट के अनुसार भारत का सबसे पिछड़ा जिला था) में हुआ था। उन्होंने एक बल्लेबाज के रूप में शुरुआत की और मेवात और उसके आसपास के इलाकों में स्थानीय क्रिकेट खेला, लेकिन यहां अवसर सीमित थे। सुविधाओं की कमी, संसाधनों का अभाव और क्रिकेट के बड़े मंच तक पहुंचने की मुश्किल राह, ये तमाम चुनौतियां थी, जिनसे शाहबाज को गुजरना पड़ा।
- 2015 में किया कोलकाता का रुख: शाहबाज में कुछ कर दिखाने का जुनून था। इसी जुनून के सहारे, 2015 में, शाहबाज ने क्लब क्रिकेट में अपनी किस्मत आजमाने के लिए कोलकाता का रुख किया। यह एक बड़ा फैसला था, अपने घर-परिवार को छोड़कर एक नई राह पर निकलना। कोलकाता पहुंचकर उन्होंने अपनी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी को निखारा और खुद को एक बेहतरीन ऑलराउंडर के रूप में स्थापित किया। यह उनकी मेहनत का ही नतीजा है कि आज वह भारतीय क्रिकेट टीम के दरवाजे तक पहुंचे हैं।
- पिता-चाचा दोनों क्रिकेट के शौकीन: शाहबाज अहमद के चाचा फारूख ने बताया कि पैतृक गांव शिकरावा में शाहबाज अहमद का जन्म 1995 में हुआ। शाहबाज के पिता अहमद और चाचा दोनों किक्रेट के शौकीन थे। जबकि शाहबाज के दादा ईसाक को कमेंटरी सुनने का शौक था। चाचा ने बताया कि 3 वर्ष के आयु में ही शाहबाज हमारे साथ किक्रेट खेलता था और बचपन में हम ही उसके कोच थे। तभी हमने अपनी आंखों में शाहबाज के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू करने का सपना संजो लिया था।
- गांगुली और लक्ष्मण की नजर पड़ी: छोटी सी उम्र में ही शाहबाज बहुत अच्छा किक्रेट खेलते थे। शाहबाज ने कोलकाता के तपन मेमोरियल क्लब में क्रिकेट की ट्रेनिंग ली। साल 2015-16 में हुए क्रिकेट लीग मैचों में शाहबाज ने उम्दा प्रदर्शन किया और इस दौरान सौरव गांगुली व वीवीएस लक्ष्मण की नजर शाहबाज पर पड़ी। अपने बेहतरीन प्रदर्शन के चलते शाहबाज को रणजी ट्राफी व उसके बाद आईपीएल में भी खेलने का मौका मिला।

विराट कोहली की पत्नी एक्ट्रेस अनुष्का शर्मा के साथ शाहबाज की फोटो।
जिम्बाब्वे के खिलाफ डेब्यू करने का मौका नहीं मिला था 3 वर्ष लगातार शाहबाज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम में विराट कोहली के साथ खेला और बेहतरीन प्रदर्शन किया। 2022 में शाहबाज अहमद का जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच सिरीज के लिए राष्ट्रीय किक्रेट टीम में चयन तो हुआ, लेकिन उन्हें डेब्यू करने का मौका नहीं मिला।