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- India Wins Nona Gaprindashvili Trophy | Divya Deshmukh Best Chess Player
12 मिनट पहले
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भारतीय चेस ग्रैंडमास्टर दिव्या देशमुख को FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में बेस्ट चेस प्लेयर (फीमेल) चुना गया है। पिछले एक साल में विमेंस वर्ल्ड कप में उनके खिताबी प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें यह सम्मान मिला। उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव को बेस्ट चेस प्लेयर (मेल) चुना गया।
समरकंद में हुए 46वें चेस ओलिंपियाड के बाद हुए FIDE एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में भारतीय चेस का दबदबा रहा। ओपन और विमेंस नेशनल टीमों को सभी देशों के मुकाबले सबसे ज्यादा कंबाइंड पॉइंट्स हासिल करने के लिए बेस्ट टीम चुना गया। वहीं, ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) को बेस्ट फेडरेशन कैटेगरी में तीसरा स्थान मिला।
लगातार तीसरी बार भारत के पास नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी
भारत ने लगातार तीसरी बार नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी अपने नाम की। इससे पहले भारतीय टीम ने 2022 में चेन्नई और 2024 में बुडापेस्ट में हुए चेस ओलिंपियाड में यह ट्रॉफी जीती थी।
समरकंद में भारतीय ओपन टीम ने सिल्वर मेडल, जबकि वूमेंस टीम ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। भारतीय खिलाड़ियों ने टूर्नामेंट में कुल 6 इंडिविजुअल मेडल भी अपने नाम किए।
AICF अध्यक्ष बोले- भारत के लिए गर्व का पल
AICF अध्यक्ष नितिन नारंग ने भारतीय टीम की उपलब्धि पर कहा, “यह भारत और भारतीय चेस के लिए बेहद गर्व का पल है। लगातार तीसरी बार नोना गैप्रिंडाशविली ट्रॉफी घर लाना, ओपन सेक्शन में सिल्वर, वूमेंस सेक्शन में ब्रॉन्ज और 6 इंडिविजुअल मेडल जीतना बड़ी उपलब्धि है।”
उन्होंने कहा, “चेन्नई से बुडापेस्ट और अब समरकंद तक, हमारे खिलाड़ियों ने ग्लोबल स्टेज पर तिरंगे का मान बढ़ाया है। भारत अब सिर्फ चैंपियंस ही पैदा नहीं कर रहा, बल्कि एक ऐसा चेस इकोसिस्टम तैयार कर रहा है जिसे पूरी दुनिया में पहचान मिल रही है।”
खिलाड़ियों के परिवार और सपोर्ट स्टाफ को दिया श्रेय
नितिन नारंग ने इस सफलता का श्रेय खिलाड़ियों के साथ उनके परिवार, कैप्टन, कोच और सपोर्ट स्टाफ को भी दिया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी कामयाबी किसी एक व्यक्ति की मेहनत से हासिल नहीं होती। टीम के सपोर्ट स्टाफ ने पर्दे के पीछे रहकर दिन-रात काम किया, जबकि खिलाड़ियों के माता-पिता और परिवार उनकी यात्रा का अहम हिस्सा रहे।
अब दो वर्ल्ड चैंपियनशिप पर नजर
समरकंद की सफलता के बाद भारतीय चेस के सामने दो बड़े वर्ल्ड चैंपियनशिप मुकाबले हैं। डी गुकेश नवंबर में जिनेवा में अपने वर्ल्ड चैंपियनशिप टाइटल का डिफेंस करेंगे। वहीं, अगले साल की शुरुआत में आर. वैशाली वूमेंस वर्ल्ड चैंपियनशिप के टाइटल मैच में चुनौती पेश करेंगी।
नितिन नारंग के मुताबिक, पुरुष और महिला दोनों वर्गों की वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों की मौजूदगी देश में चेस के बढ़ते स्तर को दिखाती है।
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