उत्तर प्रदेश के नोएडा में चल रही वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स-2025 प्रतियोगिता में इस बार बहुत कम विदेशी खिलाड़ी पहुंचे हैं। महिला वर्ग के 10 भार वर्गों में सिर्फ 44 और पुरुष वर्ग में 65 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। सिर्फ 2 कैटेगरी में 8-8 बॉक्सर हैं। कोच व
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दिल्ली-एनसीआर के पॉल्यूशन से लोगों की सांसें ही नहीं घुट रहीं, बल्कि खिलाड़ियों पर इसका असर अलग तरह से पड़ रहा है। पॉल्यूशन के कारण वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फाइनल्स टूर्नामेंट में विदेशी बॉक्सर कम संख्या में पहुंचे, जिसका खामियाजा हरियाणा के बॉक्सरों को कैश अवॉर्ड व दूसरी सुविधाओं से वंचित रहकर चुकाना पड़ेगा।
शहीद विजय सिंह पथिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 16 से 20 नवंबर तक चल रही प्रतियोगिता में भारत के 20 मुक्केबाज भाग ले रहे हैं। इनमें से अधिकांश हरियाणा से हैं। कई शीर्ष बॉक्सिंग देशों ने इस आयोजन को नकार दिया है। पांच वेट कैटेगरी तो ऐसी हैं, जिनमें से 3 से 4 खिलाड़ी ही शामिल हुए हैं। यानी पोडियम पर खड़े होने वाले 3-4 खिलाड़ी और भाग लेने वाले भी लगभग इतने ही हैं।
खेल प्रेरक राजनारायण पंघाल ने बताया कि इस सीजन में दिल्ली-एनसीआर के पॉल्यूशन के कारण खिलाड़ी इंडिया आने से परहेज करते हैं। इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के खिलाड़ी खासकर एनसीआर में होने वाले मुकाबलों से बचते हैं। इतने बड़े आयोजन में ऐसी चीजों का ध्यान रखना चाहिए।

यहां पढ़िए, क्या है नियम और हरियाणा के कौन खिलाड़ी ले रहे भाग…
- कम से कम 7 विदेशी जरूरी: हरियाणा खेल विभाग का नियम है कि यदि किसी अंतरराष्ट्रीय आयोजन में 7 से कम देश भाग लें, तो खिलाड़ी को कैश अवॉर्ड नहीं दिया जाएगा। इसके साथ-साथ सरकार से मिलने वाली ग्रेडेशन, नौकरी, प्रमोशन, खेल पुरस्कार जैसी जो भी सुविधा मिलती है, उसके लिए योग्य नहीं माना जाएगा।
- हरियाणा के कई ओलिंपियन ले रहे भाग: प्रतियोगिता में 9 भार वर्गों में हरियाणवी बॉक्सर भाग ले रहे हैं। इनमें 57 किलो में जैस्मिन लंबोरिया, 60kg में प्रवीण हुड्डा, 65kg में नीरज फोगाट, 75kg में स्वीटी बूरा, 80kg में पूजा रानी बोहरा, पुरुषों के 70kg में हितेश गुलिया, 80kg में अंकुश पंघाल, 85kg में जुगनू अहलावत और 90kg प्लस में नरेंद्र बेरवाल शामिल हैं।
- ये खिलाड़ी कर चुके देश का प्रतिनिधित्व: इनमें से प्रीति पंवार बड़ेसरा, जैस्मिन लंबोरिया ने पेरिस ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। जबकि पूजा बोहरा टोक्यो ओलिंपिक के लिए महिला वर्ग में पहला कोटा हासिल करने वाली हैं।

क्या बोले खेल जानकार और विभाग निदेशक…
कैश अवॉर्ड नियम में संशोधन ही समाधान खेल विशेषज्ञों का कहना है कि रैंकिंग आधारित टूर्नामेंट में देशों की संख्या कम होना सामान्य है। परंतु इसका खामियाजा खिलाड़ियों को झेलना पड़े, यह न्यायसंगत नहीं है। मौजूदा समय में नियम बदलना न सिर्फ आवश्यक, बल्कि खिलाड़ियों के हित में अनिवार्य है।
रैंकिंग आधारित है टूर्नामेंट बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के महासचिव चौधरी प्रमोद कुमार युगल ने बताया कि टूर्नामेंट रैंकिंग आधारित है। जिसमें पॉइंट्स के आधार पर बॉक्सरों का चयन हुआ है। ऐसे टूर्नामेंट में अधिकतम टॉप-8 खिलाड़ी ही बुलाए जाते हैं। प्रबंधन व स्थान में कोई गड़बड़ नहीं है।

खेल निदेशक बोले- इस पर विचार कर रहे हरियाणा खेल विभाग के निदेशक IAS संजीव वर्मा ने बताया कि रैंकिंग इवेंट में ग्रेडेशन नियमों में बदलाव को लेकर विचार चल रहा है। खेल संघों की ओर से हमें इस प्रकार के प्रस्ताव मिले हैं। खेल नियमों में समय-समय पर प्रोत्साहन के लिए बदलाव होता रहता है।