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- Gurinderveer Singh Indias Fastest Runner | 100m Record Shatters Myths
नई दिल्ली14 मिनट पहले
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25 साल के गुरिंदरवीर सिंह ने शनिवार को एथलेटिक्स फेडरेशन कप की 100 मीटर दौड़ 10.09 सेकेंड में पूरी कर भारत के सबसे तेज धावक बनने का रिकॉर्ड बनाया।
जीत के बाद उन्होंने कहा- ‘लोग कहते थे कि भारतीयों में 100 मीटर दौड़ वाला जिंस नहीं है। मैं इसे गलत साबित करना चाहता था।’
साल 2008 में मशहूर धावक उसैन बोल्ट ने ओलिंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। तब 7 साल के गुरिंदरवीर सिंह TV पर यह देख रहे थे।
बोल्ट को रिकॉर्ड बनाते देख वे प्रेरित हुए और तभी ठान लिया कि एक दिन भारत के सबसे तेज धावक बनकर देश का नाम रोशन करेंगे। कांस्टेबल पिता कमलजीत उन्हें अक्सर बोल्ट के किस्से सुनाते थे।

जीत के बाद गुरिंदरवीर सिंह की मां रुपिंदर कौर और पिता कमलजीत सिंह।
गुरिंदरवीर की 2 बातें…
- अनिमेष के साथ कॉम्पिटिशन पर गुरिंदरवीर ने कहा, ‘बहुत अच्छा है। ये होना चाहिए। जब तक कॉम्पिटिशन नहीं होगा, तब तक लोगों को मजा नहीं आएगा। अनिमेष का शुक्रिया कि वो फुटबॉल छोड़कर एथलेटिक्स में आया। अगर वह तेज दौड़ता है, तो मैं उससे तेज दौड़ना चाहता हूं।’
- एथलेटिक्स को करियर बनाने पर गुरिंदरवीर ने कहा, ‘जब मैं छठी-सातवीं में पढ़ता था, तब से लोग कहते थे कि 100 मीटर में कोई भविष्य नहीं है। भारतीय 100 मीटर नहीं भाग सकते। स्प्रिंट के लिए इंडियन जींस नहीं हैं। उन्हें गलत साबित करना है कि इंडियन जींस में बहुत दम है।’
लॉकडाउन में किराए पर होटल लेकर ट्रेनिंग की
कोविड में ट्रैक और जिम बंद होने पर जालंधर में गुरिंदरवीर, कोच सरबजीत सिंह हैप्पी के साथ चोरी-छिपे स्थानीय पार्कों के ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर दौड़ते थे। वे सुबह सुरक्षाकर्मियों की नजरों से बचकर ट्रैक पर पहुंचते, रनिंग ड्रिल पूरी कर लौट आते। कई बार ट्रेनिंग जारी रखने के लिए पटियाला में कुछ दिनों के लिए होटल किराए पर लेना पड़ता था।

गुरिंदरवीर सिंह की यह तस्वीर रांची में फेडरेशन कप के दौरान ली गई है।
जब रूममेट ने कहा था- ‘फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे’, गोल्ड जीतकर दिया जवाब
2017 की एशियन यूथ चैम्पियनशिप से पहले गुरिंदरवीर ने छह महीने तक स्मार्टफोन से दूरी बना ली थी। उनकी दुनिया सिर्फ अभ्यास और ट्रैक तक सीमित थी। लेकिन बैंकॉक में 100 मीटर हीट में वे आखिरी रहे तो ताने मिलने लगे।
रूममेट तक कहने लगे कि फाइनल भी पूरा नहीं कर पाओगे। गुरिंदरवीर ने पिता कमलजीत सिंह को फोन कर कहा कि दूसरा-तीसरा रैंक शायद मिल जाए। यह सुन पिता बोले ‘अगर सोच ही वही है, तो पहला कभी नहीं आएगा।’ पिता की यही डांट प्रेरणा बनी और अगले दिन गुरिंदरवीर ने पहला रैंक हासिल कर गोल्ड जीत लिया।

गुरिंदरवीर सिंह 10.09 सेकेंड की टाइमिंग के साथ भारत के सबसे तेज धावक बने।
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रांची के बिरसा मुंडा स्टेडियम में शनिवार भारतीय एथलेटिक्स के लिए ऐतिहासिक दिन रहा। पंजाब के 25 साल के स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह ने एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता की पुरुषों की 100 मीटर रेस 10.09 सेकेंड में पूरी की और नया नेशनल रिकॉर्ड बनाया। यह पहली बार है, जब किसी भारतीय ने 100 मीटर रेस 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरी की है। पढ़ें पूरी खबर
