- Hindi News
- Career
- Bardhaman School Girls Admission Cancelled | Boys School Status Change
3 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

पश्चिम बंगाल में पूर्वी बर्दवान के कलना नंबर 2 ब्लॉक स्थित बैद्यपुर विद्यापीठ पिछले 50 सालों से को-एड (गर्ल्स और बॉयज) स्कूल के तौर पर संचालित हो रहा है, लेकिन बीते दिनों जब 11वीं में पढ़ने वाली गर्ल्स स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन के लिए एजुकेशन पोर्टल पर आवेदन किया तो पता चला कि बैद्यपुर विद्यापीठ बॉयज स्कूल में बदल दिया गया है।
बदलाव की जानकारी प्रशासन को भी नहीं
इस बदलाव की जानकारी खुद स्कूल प्रशासन को भी नहीं है। स्कूल के इस स्टेट्स में हुए बदलाव के चलते 120 गर्ल्स स्टूडेंट्स का एडमिशन रद्द कर दिया गया है।
यहां कक्षा 5 वीं से 12 वी तक की पढ़ाई होती है। स्कूल में लगभग 1,700 से अधिक स्टूडेंट और 3 टीचर हैं। इस विद्यापीठ की स्थापना 1976 में हुई थी। तब से स्कूल में 11वीं और 12वीं क्लास की गर्ल्स स्टूडेंट्स एडमिशन लेती रही हैं।
बैद्यपुर विद्यापीठ को शिक्षा विभाग ने अचानक से बिना किसी सूचना के बॉयज स्कूल घोषित कर दिया है। हालांकि पिछले 50 सालों से इस स्कूल में गर्ल्स और बॉयज स्टूडेंट्स एक साथ पढ़ सकते थे।
🛑 এ যেন আলাদিনের আশ্চর্য ঘটনা ,,, পূর্ব বর্ধমানের কালনা ২ নং ব্লকের একটি স্কুল বিগত ৫০ বছর ধরে কো এড স্কুল ছিল,, পরিবর্তনের সরকার আসার পরেই বয়েজ স্কুলে পরিণত হল এখন শতাধিক ছাত্রীর মাথায় হাত 🙋 শিক্ষা প্রতিষ্ঠানের এই রকম পরিবর্তন কেউ চাই নি । pic.twitter.com/Da2PHbapKZ— Rohit Dutta 🇮🇳 (@RohitDu48986022) June 30, 2026

11वीं की छात्राओं का एडमिशन रद्द
स्कूल के स्टेट्स में हुए बदलाव के बाद 11वीं कक्षा में एडमिशन ले चुकी गर्ल्स स्टूडेंट्स का एडमिशन रद्द किया जा चुका है। हालांकि, ऐसी गर्ल्स स्टूडेंट्स जो अभी 12वीं में पढ़ रही हैं, उन पर ये नियम बेअसर रहेगा और वो 12वीं का एग्जाम दे सकती हैं।
स्कूल को कभी को-एड की मंजूरी नहीं मिली
जांच के बाद स्कूल प्रशासन ने दावा किया है कि इस स्कूल को कभी भी को-एड के लिए सरकारी मंजूरी नहीं मिली थी, लेकिन इसके बावजूद भी पिछले 50 सालों से स्कूल को-एड स्कूल के तौर पर संचालित हो रहा है।
11वीं में पढ़ रही 120 गर्ल्स स्टूडेंट्स का एडमिशन रद्द होने के बाद स्कूल प्रशासन एक्टिव हो गया है। इस संबंध में इंचार्ज टीचर ने डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन डिपार्टमेंट से संपर्क किया है, जिसमें इस साल 11वीं क्लास में एडमिशन लेने वाली लड़कियों के फ्यूचर को देखते हुए स्कूल का स्टेट्स फिलहाल को-एड बनाए रखने की मांग की गई है। हालांकि, अब तक कोई पॉजिटिव रिस्पॉन्स नहीं मिला है।
ये खबर भी पढ़ें…
36 घंटे से ज्यादा की शिफ्ट करने को मजबूर डॉक्टर:FAIMA की नई रिपोर्ट में खुलासा, स्टाफ की भारी कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य केंद्र

हाल ही में फेडरेशन ऑफ इंडिया मेडिकल एसोसिएशन का एक ऐसा सर्वे सामाने आया है जो डॉक्टरों की लंबी शिफ्ट और काम के बीच डॉक्टर्स के दर्द को बयां करता है। 1,260 रेजिडेंट डॉक्टरों के ऑनलाइन सर्वे में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें
