Asian Games 2026 Controversy | PT Usha Criticizes Aichi-Nagoya Housing Model

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2 घंटे पहले

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इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) की प्रेसिडेंट ने एथलीट्स विलेज मॉडल का सपोर्ट किया है।  - Dainik Bhaskar

इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) की प्रेसिडेंट ने एथलीट्स विलेज मॉडल का सपोर्ट किया है।

इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा ने एशियन गेम्स के आवास मॉडल पर सवाल उठाए हैं। जापान के आइची-नागोया में हो रहे गेम्स में इस बार एथलीट्स विलेज नहीं बनाया गया है। खिलाड़ी अलग-अलग जगहों पर ठहरे हैं।

मुख्य आवास के तौर पर क्रूज शिप का इस्तेमाल हो रहा है। उषा ने कहा कि इस फैसले का ज्यादातर देशों ने विरोध किया था और हम विलेज सिस्टम चाहते थे।

उषा बोलीं- विलेज सिस्टम हमेशा अच्छा रहता है

उषा गेम्स की कोऑर्डिनेशन कमेटी का हिस्सा थीं। उन्होंने बताया कि कमेटी के ज्यादातर सदस्यों ने भी इस मॉडल पर आपत्ति जताई थी।

उषा ने कहा- ‘ज्यादातर देशों ने विरोध किया था। मैंने भी किया था। विलेज सिस्टम हमेशा अच्छा रहता है।’

उषा ने बताया कि उन्होंने 1982 से अब तक ज्यादातर एथलीट्स विलेज देखे हैं। उनके मुताबिक, इस बार का शिप मॉडल उनसे बिल्कुल अलग है।

गेम्स में हजारों खिलाड़ियों को इटली के एक क्रूज शिप पर ठहराया गया है।

गेम्स में हजारों खिलाड़ियों को इटली के एक क्रूज शिप पर ठहराया गया है।

ऊषा ने कहा- विलेज खिलाड़ियों को जोड़ता है

उषा के मुताबिक, एथलीट्स विलेज सिर्फ रहने की जगह नहीं होता। वहां अलग-अलग देशों के खिलाड़ी एक-दूसरे से मिलते हैं।

उन्होंने कहा- ‘सभी लोग एक जगह आ सकते हैं, एक-दूसरे से मिल सकते हैं और घुल-मिल सकते हैं। यही चीज विलेज को खास बनाती है।’

उषा ने माना कि मौजूदा व्यवस्था में खिलाड़ियों के रहने के लिए पर्याप्त सुविधाएं हैं। लेकिन सेंट्रलाइज्ड विलेज नहीं होने से लॉजिस्टिक्स और समन्वय मुश्किल हो सकता है।

2023 एशियन गेम्स में चीन के हांगझोऊ में एथलीट्स विलेज बनाया गया था

2023 एशियन गेम्स में चीन के हांगझोऊ में एथलीट्स विलेज बनाया गया था

वेन्यू दूर होने से गेम्स देखना मुश्किल

उषा ने गेम्स के वेन्यू के बीच दूरी को भी चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि पहले के एशियन गेम्स, ओलिंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स में वेन्यू पास होते थे।

उन्होंने कहा- ‘हमारे समय में सुविधाएं ज्यादा नहीं थीं, लेकिन वेन्यू बहुत पास होते थे। अगर एक वेन्यू से दूसरे जाना हो, तो आसानी होती थी।’

मौजूदा गेम्स के बारे में उन्होंने कहा- ‘यहां अगर मुझे शूटिंग से क्रिकेट जाना हो, तो दूसरा रास्ता लेना पड़ेगा। इसलिए कई गेम्स देखने की इच्छा हो, तो मैं सिर्फ एक वेन्यू जा सकती हूं।’

उन्होंने माना कि अलग-अलग जगहों पर आयोजन से वहां खेलों का इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित हो सकता है। हालांकि, इससे वेन्यू तक पहुंचना मुश्किल होता है।

पीटी उषा ने बताया कि खिलाड़ियों को दूसरे गेम्स देखने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है।

पीटी उषा ने बताया कि खिलाड़ियों को दूसरे गेम्स देखने के लिए काफी दूर जाना पड़ता है।

उषा का मानना विलेज कल्चर नहीं बदलेगा’

उषा ने कहा कि जापान में अपनाया गया यह मॉडल पारंपरिक एथलीट्स विलेज का विकल्प बनने की शुरुआत नहीं है।

उन्होंने कहा- ‘मुझे नहीं लगता कि विलेज कल्चर बदलेगा, क्योंकि जब हम कमेटी में थे, तब किसी को भी यह विचार पसंद नहीं आया था।’

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