व्यस्त शेड्यूल से WTC फाइनल की राह मुश्किल:ईरानी कप और इंडिया-A मैचों से तैयारियों के लिए चुनौती; न्यूजीलैंड-ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले कम समय


भारतीय टीम के लिए वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने की राह मुश्किल होती जा रही है। WTC पॉइंट्स टेबल में पांचवें नंबर पर मौजूद टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल है। नवंबर में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज और इसके बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 मैचों की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले भारतीय खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट की पर्याप्त तैयारी का समय नहीं मिल पा रहा है। टीम मैनेजमेंट और नेशनल सिलेक्शन कमेटी के सामने घरेलू क्रिकेट, इंडिया-A के मुकाबलों और इंटरनेशनल सीरीज के बीच खिलाड़ियों के वर्कलोड और तैयारियों का संतुलन बनाने की चुनौती है। ईरानी कप और इंडिया-A मैचों का शेड्यूल टकराया ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ इंडिया-A को 22-25 सितंबर और 29 सितंबर-2 अक्टूबर तक दो 4-दिवसीय रेड-बॉल मैच खेलने हैं। वहीं, 1-5 अक्टूबर तक श्रीनगर में ईरानी कप होगा। दोनों टूर्नामेंट के शेड्यूल में क्लैश से टेस्ट दावेदारों को लेकर चयनकर्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। इंडिया-A में ज्यादा टेस्ट खिलाड़ियों को उतारने पर ईरानी कप की रेस्ट ऑफ इंडिया टीम कमजोर हो सकती है, जबकि खिलाड़ियों को ईरानी कप में भेजने पर उन्हें रेड-बॉल क्रिकेट की तैयारी का मौका कम मिलेगा। न्यूजीलैंड दौरे से पहले भी टाइमलाइन टाइट भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से 5 मैचों की टी-20 सीरीज के साथ शुरू होगा। इसके बाद 24 अक्टूबर से इंडिया-A के तीन 4-दिवसीय मैच होंगे, जिनका शेड्यूल 5 मैचों की वनडे सीरीज से ओवरलैप करेगा। सबसे बड़ी चिंता यह है कि आखिरी वनडे और पहले टेस्ट के बीच सिर्फ 4 दिन का अंतर है। ऐसे में टेस्ट खिलाड़ियों को रेड-बॉल क्रिकेट की पर्याप्त तैयारी का समय मिलना मुश्किल है। गिल-गंभीर चाहते हैं 10-14 दिन की तैयारी कप्तान शुभमन गिल और हेड कोच गौतम गंभीर बड़ी टेस्ट सीरीज से पहले 10 से 14 दिन की तैयारी चाहते हैं। हालांकि, मौजूदा शेड्यूल में न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया सीरीज से पहले इतना समय मिलना मुश्किल नजर आ रहा है। वनडे और टेस्ट के बीच संतुलन की चुनौती अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए टीम मैनेजमेंट साउथ अफ्रीका की परिस्थितियों में मुख्य वनडे खिलाड़ियों को ज्यादा मैच खिलाना चाहता है। वहीं, WTC फाइनल की रेस के लिए आगामी टेस्ट सीरीज भी बेहद अहम हैं। इसी वजह से मुख्य टेस्ट खिलाड़ियों को तीसरे वनडे के बाद रिलीज करने की योजना है, ताकि वे टेस्ट की तैयारी कर सकें। कुछ खिलाड़ियों को वनडे सीरीज से पहले इंडिया-A के रेड-बॉल मैचों में भी मौका दिया जा सकता है।

शेड्यूल को लेकर तालमेल पर सवाल सूत्रों के मुताबिक, इस बार सीजन का शेड्यूल तय करते समय भारतीय टीम मैनेजमेंट को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया। आमतौर पर BCCI की ऑपरेशंस टीम, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE), टीम मैनेजमेंट और सेलेक्टर्स मिलकर कार्यक्रम तय करते हैं। श्रीलंका दौरे के दौरान हालांकि गिल की मांग पर टेस्ट सीरीज से पहले टीम को तैयारी के लिए पर्याप्त समय दिया गया था। अब चुनौती WTC के साथ घरेलू और लिमिटेड ओवर्स के व्यस्त शेड्यूल के बीच टेस्ट तैयारियों को संतुलित करने की है।

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