वेस्टइंडीज और पाकिस्तान के बीच तारोबा के ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट के दूसरे दिन का खेल पाकिस्तान के नाम रहा। वेस्टइंडीज को पहली पारी में 311 रन पर समेटने के बाद पाकिस्तान ने दिन का खेल खत्म होने तक 3 विकेट पर 199 रन बना लिए। कप्तान शान मसूद 88 रन बनाकर नाबाद हैं और अपने शतक से सिर्फ 12 रन दूर हैं। पाकिस्तान अभी पहली पारी के आधार पर 112 रन पीछे है, जबकि उसके 7 विकेट बाकी हैं। मोहम्मद अली ने समेटा निचला क्रम दूसरे दिन की शुरुआत में पाकिस्तान के तेज गेंदबाजों ने पुरानी गेंद से शानदार स्विंग कराई। मोहम्मद अली ने 4 विकेट लेकर वेस्टइंडीज के निचले क्रम को ज्यादा देर टिकने नहीं दिया। दिन के तीसरे ओवर में खुर्रम शहजाद ने वेस्टइंडीज के सबसे सफल बल्लेबाज कावेम हॉज को आउट कर पहली सफलता दिलाई। इसके बाद मोहम्मद अली ने जस्टिन ग्रीव्स को पवेलियन भेजा। लंच के बाद उन्होंने लगातार दो गेंदों पर पहले शमार जोसेफ को बाउंसर पर आउट किया, फिर शाई होप को एलबीडब्ल्यू कर वेस्टइंडीज की पारी 311 रन पर खत्म कर दी। मोहम्मद अब्बास ने रोस्टन चेज, जबकि खुर्रम शहजाद ने केमार रोच का विकेट लिया। मसूद-इमाम ने की 155 रन की साझेदारी जवाब में उतरी पाकिस्तान की शुरुआत अच्छी रही। कप्तान शान मसूद और इमाम-उल-हक ने दूसरे विकेट के लिए 155 रन जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि मसूद को शुरुआत में किस्मत का साथ भी मिला। पहली ही गेंद पर वे बोल्ड होने से बचे। इसके बाद दूसरी गेंद पर जोमेल वारिकन ने उनका आसान कैच छोड़ दिया। शुरुआती ओवरों में उनके कई एज चौके के लिए निकल गए। शुरुआती संघर्ष के बाद मसूद ने संयम से बल्लेबाजी की और इमाम के साथ बड़ी साझेदारी निभाई। आखिरी घंटे में वेस्टइंडीज की वापसी दिन के अंतिम सत्र में वेस्टइंडीज ने दो अहम विकेट लेकर मुकाबले में वापसी की। इमाम-उल-हक अर्धशतक लगाने के बाद शमार जोसेफ की बाहर जाती गेंद पर स्लिप में कैच दे बैठे। इसके बाद बाबर आजम भी बड़ी पारी नहीं खेल सके। जयडेन सील्स की गेंद पर विकेटकीपर को कैच देने से पहले उन्होंने 16 रन बनाए। स्टंप्स तक शान मसूद 88 रन पर नाबाद थे। उनके साथ नाइटवॉचमैन क्रीज पर मौजूद थे। ———————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… ऋषिकांत के सिल्वर के पीछे परिवार का संघर्ष:मां-बहनों ने मजदूरी की, भाई ने कर्ज लिया, पिता को कैंसर हुआ लेकिन प्रैक्टिस नहीं रुकी ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में रविवार को ऋषिकांत सिंह ने कुल 264 किलो वजन उठाकर सिल्वर मेडल जीता। वहीं, हजारों किलोमीटर दूर राजस्थान के बाड़मेर में उनके बड़े भाई अमरजीत सिंह टीवी पर हर लिफ्ट देख रहे थे। जैसे ही ऋषिकांत का मेडल पक्का हुआ, अमरजीत की आंखें भर आईं। पूरी खबर
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