भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने हार्दिक पांड्या और 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की टीम में भूमिका को लेकर स्थिति साफ की है। उन्होंने कहा कि हार्दिक अभी वनडे में पूरे 10 ओवर गेंदबाजी करने के लिए तैयार नहीं हैं, इसलिए उनकी इंटरनेशनल क्रिकेट में वापसी में जल्दबाजी नहीं की जाएगी। वहीं, अफगानिस्तान के खिलाफ तीनों टी-20 में प्लेइंग-11 से बाहर रहे वैभव को अपने मौके का इंतजार करना होगा। गंभीर ने कहा कि वैभव को जब मौका मिलेगा, तो टीम उन्हें लगातार मौके देगी। भारत ने गुरुवार को नई दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में अफगानिस्तान को 127 रन से हराकर सीरीज 3-0 से जीती। हार्दिक फिट होंगे तो नितीश के साथ खेल सकते हैं हार्दिक की फिटनेस और टीम में उनकी भूमिका पर गंभीर ने कहा, ‘हार्दिक पांड्या इस समय 10 ओवर गेंदबाजी नहीं कर सकते। हम उन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट में वापस लाने में जल्दबाजी नहीं करना चाहते। जब वह फिट होंगे, तो हार्दिक और नितीश दोनों के खेलने की संभावना है।’ इससे साफ है कि हार्दिक की वनडे टीम में वापसी बतौर ऑलराउंडर होगी। टीम मैनेजमेंट उन्हें केवल बल्लेबाज के तौर पर खिलाने के बजाय गेंदबाजी में भी योगदान देने की स्थिति में देखना चाहता है। इंडिया-ए टीम में नाम, फिटनेस क्लीयरेंस का इंतजार हार्दिक को पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए इंडिया-ए स्क्वाड में शामिल किया गया है। हालांकि, इस सीरीज में उनका खेलना बीसीसीआई के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस से मिलने वाली अंतिम फिटनेस क्लीयरेंस पर निर्भर है। 15 साल के वैभव को तीनों मैच में नहीं मिला मौका वैभव सूर्यवंशी को अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी-20 की सीरीज में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इससे उनका घरेलू मैदान पर इंटरनेशनल डेब्यू भी टल गया। वैभव ने कुछ महीने पहले इंग्लैंड में इंटरनेशनल डेब्यू किया था। उन्होंने तीन मैचों में 42 रन बनाए। इसके बाद जिम्बाब्वे के खिलाफ सीरीज में 151 रन बनाकर टॉप स्कोरर रहे। इस दौरान उनका औसत 50.33 और स्ट्राइक रेट 196.10 रहा। अच्छी फॉर्म के बावजूद उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ ओपनिंग का मौका नहीं मिला। टीम मैनेजमेंट ने 2026 टी-20 वर्ल्ड कप में खिताब जीतने वाली अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन की ओपनिंग जोड़ी को बरकरार रखा। दोनों ने तीन मैचों में मिलकर 346 रन बनाए। गंभीर बोले- वैभव को मौका मिलेगा तो लंबा रन भी देंगे वैभव को प्लेइंग-11 से बाहर रखने के फैसले पर गंभीर ने कहा, “वैभव के साथ बातचीत बिल्कुल साफ थी कि उसे अपने मौके का इंतजार करना होगा। हम जानते हैं कि उसमें किस तरह की प्रतिभा है और वह क्या कर सकता है। लेकिन जो खिलाड़ी दो साल से लगातार अच्छा कर रहा है, वह उस खिलाड़ी से आगे रहेगा जो अभी टीम में आया है।” गंभीर ने कहा कि वैभव को जब मौका मिलेगा, तो उन्हें लंबा रन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीम में 15 साल का खिलाड़ी हो या 30 साल का, जब मौके का इंतजार करना हो तो इंतजार करना पड़ता है। संजू को बाहर करना गंभीर के लिए सबसे मुश्किल फैसला था गंभीर ने संजू सैमसन को फिर से मौका देने के फैसले पर कहा कि वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बनने वाला खिलाड़ी अचानक खराब नहीं हो जाता। उन्होंने माना कि इंग्लैंड सीरीज से संजू को बाहर रखना उनके कोचिंग कार्यकाल का शायद सबसे मुश्किल फैसला था। गंभीर ने कहा कि इस सीरीज में वह वर्ल्ड कप वाली ओपनिंग जोड़ी के साथ जाना चाहते थे। उनके मुताबिक, 3-4 मैच में नाकाम होने से कोई खिलाड़ी खराब नहीं हो जाता। अभिषेक ने 34 गेंद में 108 रन बनाए अफगानिस्तान के खिलाफ तीसरे टी-20 में अभिषेक शर्मा ने 34 गेंद में 108 रन की पारी खेली। उन्होंने 30 गेंद में शतक पूरा किया, जो सभी फुल मेंबर टीमों के बीच सबसे तेज टी-20 इंटरनेशनल शतक है। उन्होंने न्यूजीलैंड के फिन एलन का 33 गेंद का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा। अभिषेक ने तीन मैचों की सीरीज में 229 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 269.41 रहा। ‘1-2 खराब सीरीज से बैटिंग डिपार्टमेंट तय नहीं होता’ अभिषेक ने जून-जुलाई में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ मिली टी-20 सीरीज हार का जिक्र करते हुए कहा, “एक-दो खराब सीरीज हमें बैटिंग डिपार्टमेंट के तौर पर परिभाषित नहीं कर सकतीं। हम टी-20 वर्ल्ड कप से पहले पूरे साल विपक्षी टीम चाहे कोई भी हो, दबदबा बनाए रखना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि बल्लेबाज के तौर पर उतार-चढ़ाव आते हैं, लेकिन टीम के तौर पर एक-दूसरे का साथ देना जरूरी है। अभिषेक ने अपनी बल्लेबाजी के बारे में कहा कि वह किसी भी एरिया को सीमित नहीं करना चाहते और गेंद देखकर शॉट खेलने पर भरोसा करते हैं। इब्राहिम बोले- बड़ी टीमों के खिलाफ ज्यादा सीरीज खेलनी होंगी अफगानिस्तान के कप्तान इब्राहिम जादरान ने कहा कि उनकी टीम समय के साथ बेहतर होगी। उन्होंने कहा कि एक-दो सीरीज में संघर्ष हो सकता है, लेकिन इंटरनेशनल टीमों को हराने के लिए इंटेंट जरूरी है। जादरान ने कहा कि अफगानिस्तान को अपना स्तर सुधारने के लिए जिम्बाब्वे और आयरलैंड के अलावा बड़ी टीमों के खिलाफ ज्यादा सीरीज खेलनी होंगी।
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