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भारत-A ने पुडुचेरी में ऑस्ट्रेलिया-A के खिलाफ दूसरा अनऑफिशियल टेस्ट ड्रॉ करा लिया। 365 रन का पीछा करते हुए भारत-A ने 9 विकेट पर 310 रन बनाए। टीम जीत से 55 रन दूर रह गई, जबकि एक समय उसके सामने मैच बचाने की चुनौती थी। इस नतीजे के साथ भारत-A ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम की। पहले अनऑफिशियल टेस्ट में भारत-A ने ऑस्ट्रेलिया-A को 162 रन से हराया था। भारत-A पहली पारी में 167 रन पर ऑलआउट हो गई थी। ऑस्ट्रेलिया-A ने पहली पारी में 358 रन बनाने के बाद दूसरी पारी 4 विकेट पर 173 रन बनाकर घोषित की थी। नाइटवॉचमैन बने तुषार ने 52 रन बनाए दिन की शुरुआत आयुष पांडे और तुषार देशपांडे ने की। लियम स्कॉट ने पांडे को LBW कर भारत-A को झटका दिया। इसके बाद नंबर-3 पर नाइटवॉचमैन के तौर पर उतरे तुषार ने कप्तान देवदत्त पडिक्कल के साथ पारी संभाली। तुषार ने 119 गेंदों का सामना करते हुए 52 रन बनाए और करीब 180 मिनट क्रीज पर बिताए। उन्होंने अपना दूसरा फर्स्ट-क्लास अर्धशतक लगाया। पडिक्कल 26 रन बनाकर स्कॉट की गेंद पर विकेटकीपर जॉश फिलिप के हाथों कैच हुए। इसके कुछ देर बाद लियम हैचर की धीमी पड़ती गेंद पर तुषार भी लॉन्ग-ऑफ पर कैच दे बैठे। रशीद ने तेज बल्लेबाजी कर जीत की उम्मीद जगाई शेख रशीद ने 45 गेंदों पर 38 रन की तेज पारी खेली। उन्होंने 8 चौके लगाए और कुछ समय के लिए भारत-A की जीत की उम्मीद जगा दी। हालांकि नाथन मैकस्वीनी की गेंद पर वह पीछे हटकर शॉट खेलने गए और LBW हो गए। इसके बाद कुमार कुशाग्र भी ज्यादा देर नहीं टिक सके। स्कॉट की गेंद इतनी नीची रही कि वह लगभग जमीन से गुजरते हुए स्टंप्स से जा टकराई। तनुश कोटियान भी कोरी रोचिचियोली की गेंद पर आउट हो गए। भारत-A का स्कोर 7 विकेट पर 199 रन हो चुका था। राठौड़ और मुलानी ने 216 गेंदों तक संभाला यहीं से यश राठौड़ और प्लेयर ऑफ द सीरीज शम्स मुलानी ने पारी को संभाला। मुलानी ने एक छोर पर डिफेंस मजबूत रखा, जबकि राठौड़ ने रन बनाने के मौके तलाशते रहे। दोनों ने 216 गेंदों पर 85 रन की साझेदारी की। राठौड़ ने दबाव के बावजूद आक्रामक रुख बनाए रखा। उन्होंने कभी क्रीज से बाहर निकलकर गेंद को खेला तो कभी क्रीज की गहराई का इस्तेमाल किया। मुलानी ने 131 गेंदों का सामना कर ऑस्ट्रेलिया-A के गेंदबाजों को लंबे समय तक परेशान किया। स्कॉट ने फिर पलटा मैच जब लगने लगा कि राठौड़ और मुलानी भारत-A को आसानी से ड्रॉ तक पहुंचा देंगे, तभी लियम स्कॉट ने फिर मैच में रोमांच पैदा कर दिया। उन्होंने राठौड़ को 80 रन पर LBW किया। राठौड़ ने रिव्यू लिया और गेंद की ऊंचाई को लेकर सवाल उठाया, लेकिन बॉल ट्रैकिंग में अंपायर्स कॉल आया। इसके दो ओवर बाद स्कॉट ने मुलानी को भी आउट कर दिया। भारत-A 9 विकेट गंवा चुका था और जीत के लिए 55 रन अभी बाकी थे। आखिरी विकेट ने बचाया मैच अंशुल कंबोज को सीनियर टीम में बुलाए जाने के कारण भारत-A को अपने नंबर-11 प्रफुल हिंगे को बल्लेबाजी के लिए भेजना पड़ा। हिंगे ने 6 गेंदें खेलीं। उनके साथ नचिकेत भुटे ने 21 गेंदों का सामना किया। दोनों ने ऑस्ट्रेलिया-A को आखिरी विकेट लेने का मौका नहीं दिया और खराब होती रोशनी के बीच दोनों टीमों ने मैच ड्रॉ पर खत्म करने पर सहमति जताई।
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