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पूर्व भारतीय क्रिकेटर्स ने दूसरे टी-20 में वैभव सूर्यवंशी को नंबर-3 पर उतारने के फैसले पर सवाल उठाए। शनिवार को क्राइस्टचर्च में 15 साल के वैभव सिर्फ 4 रन बना सके थे। हालांकि, इंडिया ने मैच 4 विकेट से जीत लिया था। मैच के बाद पैनल डिस्कशन में मुरली कार्तिक ने पूछा कि वैभव को ओपन क्यों नहीं भेजा गया। आर अश्विन ने कहा- ‘छठे ओवर में बैटिंग करना वैभव के लिए आसान नहीं था।’ इस पैनल में अजिंक्य रहाणे और अजय जडेजा भी शामिल थे। वैभव को चोटिल ईशान किशन की गैरमौजूदगी में खेलने का मौका मिला था। भारत ने यह मुकाबला 4 विकेट से जीता था। कार्तिक ने कहा- वैभव से ओपनिंग करानी चाहिए थी कमेंटेटर कार्तिक ने कहा- ‘वे एक युवा खिलाड़ी हैं। उन्होंने सिर्फ एक तरीके से बैटिंग की है। इसी वजह से आप अनुभवी खिलाड़ियों को रखते हैं, ताकि वे अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकें।’ कार्तिक ने आगे कहा, ‘यह अलग बात है कि आपने मैच जीत लिया, लेकिन अगर आप सूर्यवंशी को खिला रहे हैं, तो उन्हें आज ओपनिंग करनी चाहिए थी।’ सीनियर्स का रोल बदलना चाहिए- कार्तिक कार्तिक ने कहा कि सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी के लिए भारत के अनुभवी बल्लेबाजों को अपनी पोजिशन बदलने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने संजू सैमसन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकते हैं। कार्तिक के मुताबिक, सैमसन को नीचे भेजकर सूर्यवंशी को ओपनिंग कराई जा सकती थी। अश्विन ने कहा- वैभव ने एक मौका गंवाया अश्विन ने कहा कि वैभव सूर्यवंशी ने एक मौका गंवाया है। उन्होंने आगे कहा कि छठे ओवर में क्रीज पर उतरना वैभव सूर्यवंशी के बस की बात नहीं थी। वे मैदान पर पानी के बिना मछली की तरह असहज थे। अश्विन ने कहा- वैभव हर गेंद मारने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे नाजुक मौकों पर एक सीनियर्स को उनके पास जाकर उन्हें शांत रहने और गेंद को शरीर के पास खेलने की सलाह देनी चाहिए थी। मौके का फायदा नहीं उठा सके सूर्यवंशी सूर्यवंशी की छोटी पारी के कारण वे भारत के लक्ष्य का पीछा करने में असर नहीं डाल सके। हालांकि, टीम ने मिडिल और लोअर ऑर्डर के योगदान से जीत हासिल की। तिलक वर्मा ने नाबाद अर्धशतक लगाकर पारी को संभाला। नमन धीर और नीतीश कुमार रेड्डी ने आखिरी ओवरों में तेजी से रन बनाए। ——————————————————-
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