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- Wimbledon Semi Final Karolina Muchova Beats Coco Gauff Reach First Final
लंदन6 मिनट पहले
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चेक गणराज्य की 29 साल की कारोलिना मुचोवा ने सातवीं वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गॉफ को 6-2, 1-6, 7-6 (12-10) से हराकर पहली बार विंबलडन महिला सिंगल्स के फाइनल में जगह बना ली।
सेंटर कोर्ट पर 2 घंटे 35 मिनट तक चले मुकाबले का फैसला तीसरे सेट के टाई-ब्रेकर में हुआ। यह मुचोवा के करियर का दूसरा ग्रैंड स्लैम फाइनल है। इससे पहले वह 2023 फ्रेंच ओपन में उपविजेता रही थीं। फाइनल में उनका सामना चेक गणराज्य की लिंडा नोस्कोवा या यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक से होगा।
चेक गणराज्य की कारोलिना मुचोवा सेमीफाइनल जीत के बाद अमेरिका की कोको गॉफ को गले लगाती हुईं।
मुचोवा ने तीसरे सेट में मैच पॉइंट बचाया
निर्णायक सेट में दोनों खिलाड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही। टाई-ब्रेकर में स्कोर 8-8 होने पर सर्विस में देरी के कारण मुचोवा को टाइम वॉयलेशन की चेतावनी मिली। अगले ही अंक पर उनका फोरहैंड बाहर चला गया और कोको गॉफ को मैच पॉइंट मिल गया। हालांकि, गॉफ नेट पर ड्रॉप शॉट खेलने में चूक गईं। मुचोवा ने इसका पूरा फायदा उठाया और लगातार दो अंक जीतकर फाइनल का टिकट हासिल कर लिया।
जीत के बाद जश्न मनातीं कारोलिना मुचोवा।
डॉक्टरों ने कहा था- टेनिस छोड़ दो
मुचोवा का करियर लगातार चोटों से प्रभावित रहा है। वह कलाई, पेट, पीठ, जांघ, टखने और पैर की कई गंभीर चोटों से जूझ चुकी हैं।
2022 में डॉक्टरों ने उन्हें टेनिस छोड़ने तक की सलाह दे दी थी। इसके बाद 2023 और 2024 में उनकी दाईं कलाई की सर्जरी हुई, जिससे वह करीब 10 महीने कोर्ट से बाहर रहीं। अब शानदार वापसी करते हुए वह अपने पहले ग्रैंड स्लैम खिताब से सिर्फ एक जीत दूर हैं।
गॉफ की सर्विस बनी हार की बड़ी वजह
मुचोवा ने पहले सेट में गॉफ की कमजोर सर्विस का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने तीसरे और पांचवें गेम में सर्विस ब्रेक कर 6-2 से सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में गॉफ ने जोरदार वापसी करते हुए 6-1 से जीत हासिल की और मुकाबला निर्णायक सेट तक पहुंचाया। हालांकि, आखिरी सेट के दबाव भरे पलों में मुचोवा ने बेहतर खेल दिखाते हुए जीत दर्ज की।
कोको गॉफ का सफर सेमीफाइनल में हार के साथ समाप्त हुआ।
जीत के बाद बोलीं मुचोवा
मुचोवा ने कहा, ‘फाइनल में पहुंचना मेरे लिए बेहद खास पल है। मुकाबला बहुत कठिन था और पूरे मैच में लगातार उतार-चढ़ाव आते रहे। कोर्ट पर सोचने का ज्यादा समय नहीं था। आखिर तक मुकाबला काफी तनावपूर्ण रहा।’
