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The most expensive player in the football league learned farming.

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द न्यूयॉर्क टाइम्स. न्यूयॉर्क21 मिनट पहले

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जेसन गर्व से कहते हैं, ‘खेल की वह चमक-दमक वाली जिंदगी बेहतरीन थी, लेकिन खेतों की यह नई जिंदगी मेरे दिल को ज्यादा सुकून देती है।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar

जेसन गर्व से कहते हैं, ‘खेल की वह चमक-दमक वाली जिंदगी बेहतरीन थी, लेकिन खेतों की यह नई जिंदगी मेरे दिल को ज्यादा सुकून देती है।- फाइल फोटो

खेल की दुनिया में बेतहाशा पैसा, शोहरत और लग्जरी लाइफ; ये सब किसी भी खिलाड़ी का सबसे बड़ा सपना होता है। अमेरिका की नेशनल फुटबॉल लीग (एनएफएल) के खिलाड़ी जेसन ब्राउन भी ठीक इसी ‘अमेरिकन ड्रीम’ को जी रहे थे। साल 2009 में वे लीग के सबसे महंगे ‘सेंटर’ प्लेयर बन गए थे। 7 साल के करियर के बाद वे शोहरत के शिखर पर थे और 10,000 वर्ग फीट के एक बेहद आलीशान महल में रहते थे। लेकिन, फिर उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया कि उन्होंने करोड़ों की दौलत को ठोकर मार दी और शकरकंद उगाने वाले एक आम किसान बन गए।

जेसन जब 27 साल के हुए, तो एक दिन आईने के सामने खड़े होकर उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी का मूल्यांकन किया। उन्हें अपने बड़े भाई लंसफोर्ड की याद आई। लंसफोर्ड अमेरिकी सेना में थे और 2003 में इराक में देश की सेवा करते हुए शहीद हो गए थे। दुखद बात यह थी कि उस समय उनके भाई की उम्र भी ठीक 27 साल ही थी। जेसन ने सोचा, ‘मेरे भाई ने सेवा और बलिदान की सच्ची जिंदगी जी, जबकि मैं केवल मनोरंजन की दुनिया में जी रहा हूं।’ इसी सोच ने उन्हें समाज के लिए कुछ बड़ा और सार्थक करने की प्रेरणा दी।

मार्च 2012 में जेसन को उनकी टीम ‘सेंट लुइस राम्स’ ने कॉन्ट्रैक्ट से मुक्त कर दिया। उनके एजेंट ने तुरंत खबर दी कि अमेरिका की तीन सबसे बड़ी और उनकी पसंदीदा टीमों (कैरोलिना पैंथर्स, बाल्टीमोर रेवेन्स और सैन फ्रांसिस्को 49अर्स) से उन्हें साइन करने के बेहतरीन ऑफर आए हैं। यह जेसन का सपना था, लेकिन वे किसानी करने का मन बना चुके थे। उनकी प|ी ने पूछा कि अगर इनमें से कोई टीम सुपर बाउल (फाइनल) जीत गई, तो क्या तुम बिना चैम्पियन रिंग के रह पाओगे? जेसन ने दृढ़ता से जवाब दिया- ‘हां, मुझे इसी के साथ जीना है।’

जेसन ने नॉर्थ कैरोलिना में 1,000 एकड़ का एक पुराना डेयरी फार्म खरीदा। उन्हें खेती का ‘ख’ भी नहीं आता था। उन्होंने किसानी को भी खेल की तरह लिया। जैसे वे मैच से पहले रणनीति समझने के लिए विरोधी टीमों के वीडियो देखते थे, वैसे ही उन्होंने खेती के गुर सीखने के लिए यूट्यूब पर घंटों वीडियो देखे। पहले ही साल शकरकंद की बंपर पैदावार ने उनका हौसला बढ़ा दिया।

आज उनका ‘फर्स्ट फ्रूट्स फार्म’ बेहद सफल है। वे अब तक 20 लाख पाउंड (करीब 9 लाख किलो) से ज्यादा पौष्टिक खाना उगाकर जरूरतमंदों को दान कर चुके हैं।

43 वर्षीय जेसन के आठ बच्चे हैं। वे अपने परिवार को एक ‘फार्म टीम’ मानते हैं। मैदान की तरह ही वे आज भी मुट्ठी बांधकर बच्चों का ‘हडल’ (गोल घेरा) बनाते हैं और खेत के काम बांटते हैं। उनके बच्चे जानवर पालने से लेकर पेड़ लगाने तक सब जानते हैं।

जेसन गर्व से कहते हैं, ‘खेल की वह चमक-दमक वाली जिंदगी बेहतरीन थी, लेकिन खेतों की यह नई जिंदगी मेरे दिल को ज्यादा सुकून देती है।’

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