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Team India refused to accept the trophy from the Pakistani Home Minister. | PM मोदी ने लिखा- खेल के मैदान पर ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तान बोर्ड के चीफ खुद ट्रॉफी देने पर अड़े थे, भारतीय खिलाड़ियों का इनकार

8 मिनट पहले

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फाइनल मुकाबले के बाद हुए पोस्ट-मैच प्रेजेंटेशन में भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया।

दुबई में रविवार को एशिया कप के फाइनल में भारत ने पाकिस्तान को 9 विकेट से हरा कर नौवीं बार एशिया कप का खिताब जीत लिया है।

भारतीय टीम की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर बधाई देते हुए लिखा,ऑपरेशन सिंदूर खेल के मैदान पर भी जारी है। नतीजा वही है, भारत की जीत। हमारे क्रिकेटरों को हार्दिक शुभकामनाएं।

भारतीय टीम ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इंकार किया

भारतीय क्रिकेट टीम ने एशिया कप 2025 जीतने के बाद एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) के अध्यक्ष और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी से अवॉर्ड लेने से इनकार कर दिया। नकवी पाकिस्तान के गृहमंत्री भी हैं।

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने साथी खिलाड़ियों के सामने खाली हाथ ही ऐसा जेस्चर बनाया मानो वे ट्रॉफी लेकर आ रहे हों। बाकी खिलाड़ियों ने भी इसे ही असली ट्रॉफी मानकर सेलिब्रेट किया।

दरअसल, 22 अप्रैल को कश्मीर घाटी के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत में पाकिस्तान के खिलाफ विरोध तेज है। इस हमले के जवाब में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च किया था, जिसमें पाकिस्तान को करारा जवाब मिला था, इसके बावजूद उसने इसे अपनी जीत बताया था।

पहलगाम हमले के विरोध में ही टीम इंडिया ने टूर्नामेंट के दौरान पाकिस्तान टीम से हाथ मिलाने से परहेज किया और अब PCB व ACC चेयरमैन नकवी से ट्रॉफी लेने से भी मना कर दिया। यह भारत का हर मोर्चे पर पाकिस्तान का विरोध करने और यह संदेश देने का तरीका है कि आतंकवाद का समर्थन करने वालों का बहिष्कार किया जाएगा।

कप्तान सूर्यकुमार यादव ने ऐसा जेस्चर बनाया मानो वे ट्रॉफी लेकर आ रहे हों।

एक घंटे तक नकवी ने टीम इंडिया का इंतजार किया वैसे मैच खत्म होने के कुछ ही मिनटों बाद प्रेजेंटेशन सेरमनी हो जाती है, लेकिन फाइनल के बाद इसमें लगातार देरी होती रही। तकरीबन एक घंटे के बाद यह तय हुआ कि टीम इंडिया नहीं आएगी तो प्रेजेंटेशन सेरेमनी को खत्म किया जाए। नकवी ACC चेयरमैन होने के नाते भारत को ट्रॉफी देना चाहते थे जिसे टीम इंडिया ने नकार दिया।

नकवी ट्रॉफी देने स्टेज पर आए थे और तकरीबन एक घंटे तक खड़े रहे। स्टेज के एक तरफ भारतीय टीम खड़ी थी और दूसरी तरफ पाकिस्तानी टीम भी खड़ी थी।

टीम इंडिया जब ट्रॉफी लेने नहीं आई तो प्रेजेंटर साइमन डूल ने बताया कि भारत ने अपने अवॉर्ड्स लेने से इनकार कर दिया है और इसलिए यह प्रेजेंटेशन सेरेमनी यहीं खत्म की जाती है। फिर नकवी चले गए। टीम इंडिया ने साफ कर दिया था कि वह किसी पाकिस्तानी से ट्रॉफी या अवॉर्ड्स नहीं लेगी। इसके बाद टीम इंडिया ने बिना एशिया कप-2025 ट्रॉफी के फोटो खिंचवाया।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी (बाएं से तीसरे) इस बात पे अड़े थे कि वही चैंपियन टीम को ट्रॉफी देंगे। भारतीय टीम ने इनकार किया तो वे ट्रॉफी लेकर चले गए।

भारत माता की जय के नारे लगे न्यूज एजेसी पीटीआई के अनुसार नकवी जैसे ही प्रेजेंटेशन स्टेज पर आए स्टैंड में बैठे भारतीय प्रशंसकों ने भारत माता की जय के नारे लगाने शुरू कर दिए। नकवी के मंच पर आते ही उन्हें बताया गया कि अगर उन्होंने जबरदस्ती की तो भारतीय टीम ट्रॉफी स्वीकार नहीं करेगी और आधिकारिक विरोध दर्ज कराया जाएगा।

भारतीय कप्तान बोले- ऐसा पहली बार देखा मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव से ट्रॉफी के बारे में सवाल पूछा गया। सूर्या ने कहा- ‘जब मैं क्रिकेट खेल रहा हूं तब से पहली बार देखा कि चैंपियन टीम को ट्रॉफी नहीं दी गई। हमने बहुत मेहनत करके यह टूर्नामेंट जीता है। खैर कोई बात नहीं। भारतीय ड्रेसिंग रूम में अपने सभी खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के साथ होना ही मेरे लिए ट्रॉफी है।’

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव (दाएं) और ओपनर अभिषेक शर्मा।

BCCI सचिव ने कहा ICC में नकवी की शिकायत करेंगे BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने ANI को बताया-हमने फैसला किया था कि भारतीय टीम पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के किसी अधिकारी से ट्रॉफी नहीं लेगी। PCB चीफ ही एशियन क्रिकेट काउंसिल के चेयरमैन हैं, लिहाजा हमारे खिलाड़ियों ने उनसे ट्रॉफी या मेडल स्वीकार नहीं किया।

इसका मतलब ये नहीं कि नकवी भारत की ट्रॉफी या मेडल पाकिस्तान ले जाने के हकदार हो जाएंगे। नवंबर में ICC की कॉन्फ्रेंस है। हम वहां नकवी की हरकत पर कड़ी आपत्ति जताएंगे। उम्मीद है कि हमारी ट्रॉफी हमें जल्द मिल जाएगी।

पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत में यह डिमांड तेज थी कि टीम इंडिया को एशिया कप में पाकिस्तान से नहीं खेलना चाहिए। भारतीय टीम ने मैच का तो बायकॉट नहीं, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में भारत के खिलाड़ियों ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाया। टूर्नामेंट की शुरुआत में ही भारत ने यह भी तय कर लिया था कि अगर टीम चैंपियन बनती है तो किसी पाकिस्तानी ऑफिशियल से ट्रॉफी नहीं लेगी।

पाकिस्तानी कप्तान ने कहा-भारतीय टीम क्रिकेट का अनादर कर रही मैच के बाद पाकिस्तानी कप्तान सलमान अली आगा ने भारतीय टीम पर क्रिकेट का अनादर करने का आरोप लगाया। आगा ने कहा- हमसे हाथ न मिलाकर वे हमारा अपमान नहीं कर रहे, वे क्रिकेट का अपमान कर रहे हैं। उनका व्यवहार बहुत ही गलत था

​​​​​PCB चीफ ने भी विवादित पोस्ट की थी नकवी ने पिछले दिनों एक्स पर विमान क्रैश होने का संकेत देते हुए क्रिस्टियानो रोनाल्डो के गोल का जश्न मनाते हुए वीडियो डाला था। इसमें फुटबॉलर क्रिस्टियानो रोनाल्डो एक विमान के क्रैश होने का इशारा करते दिख रहे हैं, जो रऊफ के मैदान पर किए गए इशारे से मिलता-जुलता है।

पाकिस्तान के तेज गेंदबाज हारिस रऊफ ने भी भारत के खिलाफ 21 सितंबर को सुपर 4 मैच के दौरान यही भड़काऊ इशारा किया था, जिसकी वजह से उन पर जुर्माना लगाया गया था।

कोहली के नाम से चिढ़ाने पर भड़के रऊफ

भारत-पाकिस्तान मैच के दौरान भारतीय फैंस कोहली…कोहली के नारे लगाकर रऊफ को चिढ़ा रहे थे। क्योंकि, कोहली ने 2022 टी-20 वर्ल्ड कप में मेलबर्न में खेले मैच में रऊफ की गेंदों पर लगातार दो सिक्स लगाए थे। इस पर रऊफ भड़क गए और उन्होंने आसमान में उड़ते विमानों को गिराने का इशारा किया। रऊफ का यह इशारा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। भारतीय बोर्ड ने उनके इशारे पर ICC में अपत्ति जताई।

दरअसल, यह इशारा पाकिस्तान के दावे प्रेरित था, जिसमें कहा गया था कि ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तानी सेना ने 6 भारतीय फाइटर प्लेन गिराए थे। हालांकि, उसका यह दावा आधारहीन माना जाता है। रऊफ ने अपनी गेंदबाजी के दौरान भारतीय ओपनर्स शुभमन गिल और अभिषेक शर्मा को अपशब्द भी कहे। मैच के बाद अभिषेक शर्मा ने कहा कि हमने इसका जवाब बल्ले से दिया।

सुपर-4 में सूर्या का विकेट लेने के बाद प्लेन का इशारा करके विकेट सेलिब्रेट करते हारिस रऊफ।

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तुम पूछते हो हमारा मकसद क्या है। उसका जवाब सिर्फ एक शब्द है—जीत। हर कीमत पर जीत। दहशत के बीच भी जीत। चाहे रास्ता कितना भी कठिन क्यों न हो, हमें चाहिए जीत।’

यही शब्द थे विंस्टन चर्चिल के, जब उन्होंने दूसरे विश्व युद्ध के दौर में बतौर ब्रिटिश प्रधानमंत्री पहली बार संसद को संबोधित किया था। पूरी खबर

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