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Satwik Chirag Thailand Open 2026 Final; Satwiksairaj Chirag Shetty

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बैंकॉक5 घंटे पहले

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सात्विक-चिराग टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच चुके हैं। - Dainik Bhaskar

सात्विक-चिराग टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंच चुके हैं।

बैंकॉक में खेले जा रहे थाईलैंड ओपन सुपर 500 बैडमिंटन टूर्नामेंट में भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी फाइनल में पहुंच गए हैं। दुनिया की चौथे नंबर की भारतीय जोड़ी ने शनिवार को सेमीफाइनल में मलेशिया के गोह स्जे फी और नूर इज्जुद्दीन को 19-21, 22-20, 21-16 से हराया। यह मुकाबला 82 मिनट तक चला।

फाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना कल इंडोनेशिया के लियो रोली कार्नांडो और डेनियल मार्थिन से दोपहर 12:30 बजे से होगा।

इस सीजन का पहला फाइनल

सात्विक और चिराग ने दबाव में शानदार खेल दिखाया। भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम बेहद करीबी मुकाबले में बचाया और फिर निर्णायक गेम में बढ़त बनाकर मैच अपने नाम कर लिया। यह इस सीजन में उनकी पहली फाइनल एंट्री है। इससे पहले वे थाईलैंड का 2019 और 2024 टूर्नामेंट का खिताब जीत चुके हैं।

पहला गेम मलेशियाई जोड़ी के नाम रहा

मुकाबले की शुरुआत में मलेशियाई जोड़ी ने फ्रंट कोर्ट पर दबदबा बनाया और 3-1 की बढ़त ले ली। हालांकि सात्विक और चिराग ने तेजी से वापसी करते हुए स्कोर 5-5 कर दिया। पहले गेम में दोनों टीमों के बीच तेज रैलियां और लगातार आक्रामक स्मैश देखने को मिले।

ब्रेक तक मलेशियाई जोड़ी 11-8 से आगे थी। चिराग और इज्जुद्दीन ने कई तेज स्मैश लगाए, जबकि गोह ने नेट के पास शानदार ड्रॉप शॉट खेले। चिराग की कुछ गलतियों की वजह से भारतीय जोड़ी 9-15 से पीछे हो गई।

भारतीय खिलाड़ियों ने स्कोर 12-16 तक पहुंचाया, लेकिन इज्जुद्दीन के मजबूत स्मैश और डिफेंस की मदद से मलेशियाई जोड़ी ने 18-12 की बढ़त बना ली। इसके बाद गोह की दो गलतियों और एक लंबी शॉट से भारतीय टीम ने अंतर कम किया, लेकिन अंत में सात्विक नेट पर शॉट मार बैठे और पहला गेम गंवा दिया।

सात्विक और चिराग ने पहला गेम 19-21 से गंवा दिया।

सात्विक-चिराग ने वापसी की

दूसरे गेम में दोनों जोड़ियों के बीच कांटे की टक्कर रही। स्कोर 3-3 से 6-6 तक बराबरी पर चलता रहा। सात्विक और चिराग ने स्मैश की रफ्तार बदलकर विरोधियों से गलतियां कराईं और 9-6 की बढ़त ली।

ब्रेक तक भारतीय जोड़ी 11-9 से आगे थी। बाद में गोह ने नेट पर शानदार खेल दिखाते हुए स्कोर 13-13 कर दिया। चिराग के दमदार स्मैश से भारत ने 16-14 की बढ़त बनाई, लेकिन फिर मुकाबला 16-16 पर पहुंच गया।

20-20 पर मैच की सबसे लंबी और तेज रैली देखने को मिली। दोनों जोड़ियों ने लगातार डिफेंस किया। आखिर में इज्जुद्दीन का शॉट बाहर चला गया और भारतीय जोड़ी ने दूसरा गेम जीतकर मुकाबला बराबर कर लिया।

तीसरा गेम 11-5 से जीता

निर्णायक गेम में सात्विक ने ज्यादा आक्रामक खेल दिखाया। स्कोर 5-5 के बाद भारतीय जोड़ी ने लगातार 6 अंक जीतकर 11-5 की बड़ी बढ़त बना ली। सात्विक के स्मैश और बैककोर्ट शॉट्स ने मलेशियाई खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ा दिया।

मलेशियाई जोड़ी ने वापसी की कोशिश करते हुए स्कोर 13-17 तक पहुंचाया, लेकिन लगातार गलतियों की वजह से वे मैच में वापसी नहीं कर सके। आखिर में सात्विक के क्रॉस-कोर्ट स्मैश से भारत को पांच मैच पॉइंट मिले। एक नेट कॉर्ड के बाद चिराग ने आखिरी शॉट लगाकर टीम को फाइनल में पहुंचा दिया।

हम खिताब भी जीतेंगे- चिराग

मैच के बाद चिराग शेट्टी ने कहा, साल की शुरुआत हमारे लिए अच्छी नहीं रही। मानसिक तौर पर भी हम मजबूत स्थिति में नहीं थे। लेकिन थॉमस कप में मिला ब्रॉन्ज मेडल हमारे आत्मविश्वास के लिए बड़ा मोमेंट था। अब हम साल का पहला फाइनल खेल रहे हैं। उम्मीद है कि हम खिताब भी जीतेंगे।

2026 में सात्विक-चिराग का प्रदर्शन

भारतीय स्टार बैडमिंटन जोड़ी सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने 2026 में शानदार फॉर्म दिखाई है। दोनों खिलाड़ी का जनवरी में मलेशिया ओपन सुपर-1000 में सफर क्वार्टरफाइनल तक रहा, जबकि मार्च में स्विस ओपन सुपर-300 के क्वार्टरफाइनल में उन्होंने वॉकओवर दे दिया था। वहीं, सात्विक के कंधे की चोट के कारण भारतीय जोड़ी को बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप से नाम वापस लेना पड़ा था।

थाईलैंड ओपन में भारतीय प्लेयर्स का प्रदर्शन

थाईलैंड ओपन 2026 में पीवी सिंधु क्वार्टरफाइनल में जापान की अकाने यामागुची और लक्ष्य सेन थाईलैंड के कुनलावट विटिडसर्न से हारकर बाहर हुए। किदांबी श्रीकांत भी प्री-क्वार्टर फाइनल में सु ली यांग से हार गए।

विमेंस डबल्स में मालविका बंसोद दूसरे राउंड में चीन की चेन यू फी और देविका सिहाग थाईलैंड की पिचा मोन ओपतनिपुथ से हार गईं। वहीं आयुष शेट्टी, तरुण मन्नेपल्ली, उन्नति हुड्डा, अनमोल खरब, तन्वी शर्मा और इशारानी बरुआ पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे।

मेंस डबल्स में पी. रॉय और साई प्रतीक की जोड़ी मलेशिया के जे. आरिफ और याप आर. के. से हार गई। मिक्स्ड इवेंट में ध्रुव रावत-मनीषा के. और आशित सूर्या-अमृता प्रमुतेश की जोड़ियां भी अपने शुरुआती मुकाबले हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।

बैडमिंटन का सुपर-500 टूर्नामेंट क्या है?

बैडमिंटन ‘सुपर-500’ टूर्नामेंट वर्ल्ड टूर का चौथा सबसे बड़ा स्तर का टूर्नामेंट है। यह बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) द्वारा आयोजित प्रोफेशनल इंटरनेशनल सर्किट का अहम हिस्सा माना जाता है। सुपर-500 जीतने पर खिलाड़ियों को 9,200 रैंकिंग पॉइंट्स मिलते हैं, जबकि टूर्नामेंट की न्यूनतम प्राइज मनी 4.2 लाख डॉलर (करीब 3.5 करोड़ रुपए) होती है।

एक सीजन में कुल 9 सुपर-500 टूर्नामेंट खेले जाते हैं। इनमें इंडोनेशिया मास्टर्स, थाईलैंड ओपन, कोरिया ओपन, जापान ओपन और ऑस्ट्रेलियन ओपन जैसे बड़े इवेंट शामिल हैं। मुख्य ड्रॉ में 32 खिलाड़ी या जोड़ियां हिस्सा लेती हैं, जिनमें 4 एंट्री क्वालिफायर राउंड से मिलती हैं।

BWF वर्ल्ड टूर को कुल 5 स्तरों में बांटा गया है- वर्ल्ड टूर फाइनल्स, सुपर-1000, सुपर-750, सुपर-500 और सुपर-300/100। सुपर-500 टूर्नामेंट में दुनिया के टॉप खिलाड़ी खेलते हैं, जिससे उनके वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए रैंकिंग पॉइंट्स बेहतर होते हैं।

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