राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वेबसाइट पर बने ग्रीवेंस पोर्टल पर दर्ज शिकायतें सीधे संबंधित अफसर तक पहुंचती हैं। आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने सभी अभ्यर्थियों (कैंडिडेट्स) से अपील की है कि वे अपनी शिकायतें ईमेल या अन्य माध्यमों के बजाय ग्रीवेंस पो
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वर्तमान में कई अभ्यर्थी (कैंडिडेट्स) अपनी शिकायतें आयोग की फीडबैक ईमेल आईडी (feedback.rpsc@rajasthan.gov.in) पर भेज रहे हैं। इसके अलावा, आयोग के अलग-अलग विभागों की ईमेल आईडी पर भी अभ्यर्थियों द्वारा शिकायतें भेजी जा रही हैं।
इन अलग-अलग ईमेल पर शिकायतें आने की वजह से आयोग को यह समझने और तय करने में बहुत ज्यादा समय लग जाता है कि कौन सी शिकायत किस विभाग की है। शिकायतों को अलग-अलग छांटने के इस काम के कारण मूल शिकायतों के समाधान में काफी देरी हो जाती है।
तय ग्रीवेंस पोर्टल के अलावा किसी अन्य तरीके, प्रार्थना पत्र या ईमेल से आने वाली शिकायतें सही फॉर्मेट में नहीं होती हैं, इसलिए उनके निपटारे में बहुत समय लगता है। दूसरी ओर, ग्रीवेंस पोर्टल पूरी तरह से व्यवस्थित (स्ट्रक्चर्ड) है, जिससे यहां दर्ज की गई शिकायत सीधे संबंधित अधिकारी के पास पहुँच जाती है। इसीलिए, अपनी शिकायतों के समय पर और जल्द समाधान के लिए केवल और केवल ‘कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल’ का ही इस्तेमाल करें।
आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-ग्रीवेंस पोर्टल ही सबसे अच्छा माध्यम।
आयोग के जॉइंट डायरेक्टर (IT) योगेश कुमार ने बताया- राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने अभ्यर्थियों की समस्याओं और शिकायतों के जल्द निपटारे के लिए अपने ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम (कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल) को अपडेट कर दिया है।
अब यदि अभ्यर्थियों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR), आरपीएससी की किसी भी भर्ती परीक्षा, आवेदन प्रक्रिया (Application Process) या किसी भी तरह की तकनीकी समस्या आ रही है, तो इसके समाधान के लिए उन्हें अपनी शिकायत केवल आयोग के ‘कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल’ पर ही तय प्रक्रिया के अनुसार दर्ज करानी होगी।
2 तरीकों से दर्ज कराई जा सकती है शिकायत
- ओटीआर (OTR) आधारित: अगर समस्या किसी परीक्षा से जुड़ी नहीं है, बल्कि वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) के तकनीकी कारणों या प्रोफाइल में सुधार (संशोधन) से संबंधित है, तो इस विकल्प को चुनें।
- एप्लिकेशन नंबर (Application Number) आधारित: अगर समस्या किसी विशेष परीक्षा, एडमिट कार्ड या परीक्षा फॉर्म से जुड़ी है, तो आपको इस विकल्प को चुनना होगा।
शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया..
स्टेप 1: कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर जाएं
सबसे पहले राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल’ के लिंक पर क्लिक करें।
स्टेप 2: वेरिफिकेशन और ओटीपी (OTP)
पोर्टल पर अपनी समस्या के प्रकार के अनुसार ‘ओटीआर (OTR)’ या ‘एप्लिकेशन आईडी (Application ID)’ का विकल्प चुनें। इसके बाद अपना संबंधित नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करके ‘Validate & Send OTP’ पर क्लिक करें। आपके मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) और स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को भरकर सबमिट करें।
स्टेप 3: शिकायत की कैटेगरी (Category) चुनें
सफलतापूर्वक लॉग-इन होने के बाद, आपको अपनी समस्या के अनुसार ‘ग्रीवेंस कैटेगरी’ और ‘ग्रीवेंस सब-कैटेगरी’ का चुनाव करना होगा।
स्टेप 4: विवरण लिखें और फाइनल सबमिट करें
इसके बाद ‘ग्रीवेंस डिटेल’ वाले बॉक्स में कम से कम 30 अक्षरों (Characters) में अपनी समस्या को साफ-साफ लिखें। यदि आपके पास शिकायत से जुड़ा कोई दस्तावेज (Proof) है, तो उसे पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट (अधिकतम साइज 2 MB) में अपलोड करें। अंत में ‘Submit Grievance’ पर क्लिक करें।
कैसे चेक करें अपनी शिकायत का स्टेटस?
शिकायत दर्ज करने के बाद अभ्यर्थी कभी भी पोर्टल के होम पेज पर जा सकते हैं। वहाँ ऊपर दाईं ओर (Top Right) दिए गए ‘View Existing Grievance Status’ बटन पर क्लिक करें। इसके बाद अपना ग्रीवेंस नंबर, मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालकर सबमिट करते ही आपकी शिकायत की वर्तमान स्थिति (Status) या आयोग का जवाब (Reply) स्क्रीन पर दिख जाएगा।
अभ्यर्थी ध्यान दें:
आरटीआई (RTI) के लिए यह पोर्टल नहीं है: सूचना के अधिकार (RTI) के तहत किए जाने वाले आवेदन इस पोर्टल पर स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उसके लिए पहले से तय निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का ही पालन करें।
विभागों की ईमेल आईडी केवल आंतरिक काम के लिए: आयोग के अलग-अलग विभागों की ईमेल आईडी केवल आंतरिक सरकारी कामकाज, विभागीय तालमेल और आधिकारिक पत्र-व्यवहार (Official Correspondence) के लिए तय हैं।
गोपनीय तरीके से दें संवेदनशील सूचना: यदि कोई व्यक्ति परीक्षा की गोपनीयता, पवित्रता या परीक्षा प्रक्रिया को नुकसान पहुँचाने वाले असामाजिक तत्वों (जैसे- नकल गिरोह या पेपर लीक) के बारे में कोई जानकारी देना चाहता है, तो वह आयोग कार्यालय को पूरी तरह गोपनीय तरीके से ‘पोस्टल डाक’ (स्पीड पोस्ट/रजिस्टर्ड डाक) के जरिए सूचित कर सकता है। ऐसी सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।
