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20 मिनट पहले
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मोना अग्रवाल ने एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। (फाइल फोटो)
भारतीय निशानेबाज मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा ने पैरा एशियन गेम्स में भारत को पहले दिन सोमवार को 2 पदक दिलाए। राइफल शूटिंग में मोना ने गोल्ड और अवनी ने सिल्वर जीता।
जापान के नागोया में चल रहे गेम्स में दोनों ने शानदार वन-टू फिनिश किया। क्वालिफिकेशन राउंड में अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। मोना उनसे आगे थीं। उन्होंने क्वालिफिकेशन में 629.1 स्कोर किया। यह एशियन पैरा गेम्स क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड है।
मोना पहले और अवनी दूसरे स्थान पर रहीं। (फाइल फोटो)
मोना को 9 महीने की उम्र में पोलियो हुआ
मोना अग्रवाल राजस्थान के सीकर की पैरा-शूटिंग खिलाड़ी हैं। उनका जन्म 8 नवंबर 1987 को हुआ था। नौ महीने की उम्र में उन्हें पोलियो हुआ था और दोनों पैर प्रभावित हुए।
पैरा-शूटिंग शुरू करने से पहले मोना पैरा-एथलेटिक्स और पैरा-पावरलिफ्टिंग में हिस्सा लेती थीं। उन्होंने महिलाओं की सिटिंग वॉलीबॉल में भी अहम भूमिका निभाई।
गोल्ड मेडल जीतने के बाद मोना अग्रवाल।
राजस्थान महिला टीम की कप्तान भी रह चुकी हैं मोना
- 2019 में मोना ने राजस्थान की महिला टीम की कप्तानी की। टीम ने पहली नेशनल सिटिंग वॉलीबॉल चैंपियनशिप में गोल्ड जीता। मोना ने दिसंबर 2021 में राइफल शूटिंग शुरू की। 2022 में उन्होंने नेशनल लेवल पर सिल्वर जीता।
- 2023 में मोना ने ओसिजेक, क्रोएशिया में वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप के मिक्स्ड टीम इवेंट में ब्रॉन्ज जीता। उसी साल चांगवोन के वर्ल्ड कप में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 कैटेगरी में गोल्ड जीता।
- मार्च 2024 में नई दिल्ली में हुए वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट वर्ल्ड कप में मोना ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल SH1 कैटेगरी में गोल्ड जीता। उन्होंने 250.7 का स्कोर किया। इसके साथ उन्होंने एशियन रिकॉर्ड बनाया और भारत के लिए पैरालंपिक कोटा स्थान हासिल किया।
- मोना ने पेरिस 2024 पैरालंपिक गेम्स में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 कैटेगरी में ब्रॉन्ज मेडल जीता।मोना को 2024 में अर्जुन अवॉर्ड मिला।
कार एक्सीडेंट में अवनी की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी
2012 में कार दुर्घटना के दौरान अवनी लेखरा की रीढ़ की हड्डी में चोट लगी थी। उस समय वह 10 साल की थीं। ठीक होने के दौरान उनके पिता ने उन्हें खेलों से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
अवनी ने ओलिंपिक शूटिंग चैंपियन अभिनव बिंद्रा की आत्मकथा ‘ए शॉट एट हिस्ट्री’ से प्रेरित होकर 2015 में शूटिंग शुरू की। अवनी ने बताया है कि शूटिंग ने उनका आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद की। इससे वह लोगों से बातचीत करने में भी सहज हुईं।
अवनी ने राजस्थान यूनिवर्सिटी से पांच साल की लॉ डिग्री की पढ़ाई की।
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