खिलाड़ियों के लिए टिफिन में खाना ले कर जाती महिला, पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम का मेन गेट। फाइल फोटो
हरियाणा के पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम में चल रहा स्पोर्ट्स एक्सीलेंसी सेंटर फिर चर्चाओं में है। इस बार भी वजह है प्लेयर्स की डाइट। पिछली बार से इस बार अलग बात यह है कि खिलाड़ियों के लिए खाने का इंतजाम न होने पर उन्हें छुट्टी भेज दिया गया है। अफस
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असल में यहां बॉक्सिंग, एथलेटिक्स और बैडमिंटन के 50-50 खिलाड़ियों को 24 अक्टूबर से निर्धारित खुराक नहीं मिल पा रही है। पहले मेस ठेकेदार के भुगतान को लेकर विवाद था। तब खेल अधिकारियों ने ठेका रद्द कर दिया। खिलाड़ी बाहर से टिफिन सर्विस मंगवाते रहे, जिसमें सिर्फ दाल-भात-सब्जी ही मिल रही थी। इसका खुलासा होने के बाद विभाग ने दावा किया कि अब एक्सीलेंसी सेंटर में खुद ही मेस चलाई जाएगी।
गगर, अब गैस सिलेंडर रिफिल के तक पैसे भी नहीं हैं। इसके कारण 6 दिसंबर को सुबह मेस फिर से बंद हो गई। इसके बाद खिलाड़ियों से पंचकूला जिला खेल अधिकारी (DSO) के हॉस्टल छोड़ने के जुबानी आदेश बता कर छुट्टी जाने की बात लिखवा ली गई। बाकायदा खिलाड़ियों से लिखवाया गया कि वे खुद छुट्टी पर जाना चाह रहे हैं।
वहीं, पंचकूला DSO ने हॉस्टल खाली करने के लिए केवल जुबानी आदेश दिए हैं, लेकिन उन्होंने कोच के ग्रुप में मैसेज कर पूछा कि कोच कन्फर्म करें कि सभी खिलाड़ियों ने हॉस्टल खाली कर दिया है या नहीं। डीएसओ के मैसेज के जवाब में कोच राजिंद्र ने उन्हें रिप्लाई करते हुए लिखा कि मैडम, केवल 2 लड़कियां और 3 लड़के ही हॉस्टल में बचे हैं।
खिलाड़ियों ने दैनिक भास्कर एप को बताई परेशानी..
- खुलकर विरोध कर दिया तो कॅरियर खत्म: भिवानी के एक खिलाड़ी ने बताया कि इंजरी के बाद वह रिहैब कर रहा था। हॉस्टल में खाना तो मिल ही नहीं रहा था, लेकिन अब हॉस्टल भी खाली करवा लिया गया। उन्होंने काफी रिक्वेस्ट की थी कि वे खाना खुद खा लेंगे, फिर भी हॉस्टल खाली करवा लिया गया। अब खुलकर विरोध कर दिया तो कॅरियर खत्म हो जाएगा।
- अगले महीने नेशनल गेम्स, कैसे होगी तैयारी : एक अन्य खिलाड़ी ने बताया कि अगले महीने नेशनल गेम्स हैं, उससे पहले स्टेट गेम्स होने हैं। हॉस्टल खाली करवा लिया गया है। हॉस्टल के अलावा उनके पास यहां रहने का कोई प्रबंध नहीं है। उन्हें घर जाना पड़ रहा है, ऐसे में वे कैसे स्टेट के लिए तैयारी कर पाएंगे।
- अधिकारियों की मनमानी किसी को दिखाई नहीं देती: रोहतक एरिया की खिलाड़ी ने बताया कि परिवार केवल हॉस्टल के कारण ही यहां पर छोड़ने के लिए तैयार हुआ था। हॉस्टल छोड़ने की बात सामने आने पर परिवार ने घर बुला लिया है। अगर ऐसे हालात रहे तो उनका गेम्स ही छूट जाएगा। सरकार गेम्स पर बड़ी बातें तो करती हैं लेकिन गेम्स में अधिकारियों की मनमानी किसी को दिखाई नहीं देती।
खिलाड़ियों के लिए निर्धारित मैन्यू।
कहां से शुरू हुआ विवाद, 3 प्वाइंट में समझिए
- दिसंबर 2025 तक के लिए टेंडर: जनवरी 2024 में ठेकेदार राकेश तोमर के नाम एक्सीलेंसी सेंटर की मेस का टेंडर छूटा था। ठेकेदार के पास दिसंबर 2025 तक यहां की मेस का टेंडर था। लेकिन उसे एक साल से पेमेंट नहीं मिल रही थी। इस कारण उसने 24 अक्टूबर काे सप्लाई रोकी, आश्वासन पर 3 दिन और सप्लाई चली लेकिन जब पेमेंट नहीं हुई तो उसने सप्लाई बंद कर दी।
- 2 करोड़ का बिल बकाया, अब टेंडर रद्द: पंचकूला के एक्सीलेंसी सेंटर का हर महीने करीब 17 से 18 लाख रुपए का बिल बनता है। इसके अनुसार करीब 2 करोड़ रुपए ठेकेदार का विभाग पर बकाया है। वहीं, 14 नवंबर को ठेकेदार कांट्रेक्ट रद्द कर दिया गया। इसके बारे में बताया कि 5 खिलाड़ियों ने खाने की क्वालिटी को लेकर शिकायत भेजी थी।
- ढाबे से खाना शुरू, सवाल उठे तो किया बंद: ठेकेदार का टेंडर रद्द होने के बाद हिमालयन टिफिन सर्विस की गाड़ी यहां खिलाड़ियों का खाना सप्लाई करने पहुंची। उसके बाद 18 नवंबर दैनिक भास्कर ऐप ने मुद्दा उठाया तो खाना बंद हो गया। अंदर ही कुछ सामान व उपकरण रखकर खाने बनाने की शुरुआत हुई।
ताऊ देवी लाल खेल स्टेडियम में अधिकारियों को फटकार लगाते खेल मंत्री गौरव गौतम।
2 जिम्मेदारों का भी गैर जिम्मेदाराना रवैया
- DSO ने नहीं उठाया फोन, मैसेज का जवाब नहीं: पंचकूला की जिला खेल अधिकारी नीलकमल से बात करने के लिए उन्हें 3 बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने नहीं उठाया। इसके बाद उनके पास मैसेज भी भेजा गया। मैसेज के बावजूद उनकी ओर से कोई जवाब नहीं आया।
- खेल मंत्री से नहीं करवाई पीए ने बात : राज्य खेल मंत्री गौरव गौतम से जब बात करने के लिए उनके पास रविवार दोपहर बाद 3:07 बजे फोन किया। फोन उनके पीए शिवम ने उठाया और बताया कि मंत्री दूसरी गाड़ी में हैं। फिर 4:33 बजे कॉल की गई तो शिवम ने बताया कि मंत्री नोएडा किसी मीटिंग में हैं। इसके बाद शाम 6:26 बजे कॉल किया गया तो बताया कि मंत्री मीटिंग में व्यस्त हैं।
परफॉर्मेंस मैनेजर लेंगी पूरे मामले की जानकारी खेलो इंडिया गेम्स की हाई परफॉर्मेंस मैनेजर मीनाक्षी ने कहा-हॉस्टल खाली करवाने जैसी बात नहीं होनी चाहिए। मुझे नहीं पता किस वजह से हॉस्टल खाली करवाया गया है, मैं आज ही इस मामले की जानकारी लूंगी। जो भी बात सामने आएगी, उसकी रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
एडिशनल डायरेक्टर बोले- 65 दिन ऑफ करने का प्रॉवीजन खेल विभाग के एडिशनल डायरेक्टर अश्विनी मलिक ने बताया कि खेलो इंडिया एक्सीलेंसी सेंटर के हॉस्टल को साल के 365 दिन में से 65 दिन ऑफ रखा जा सकता है। इसी प्रॉवीजन के तहत एक सप्ताह के लिए बंद किया गया है। बच्चों से एप्लिकेशन लिखवाने जैसी बात मेरी नॉलेज में नहीं है।
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हरियाणा के पंचकूला के ताऊ देवीलाल स्टेडियम के स्पोर्ट्स एक्सीलेंसी सेंटर की बड़ी खामी सामने आई है। यहां बॉक्सिंग, एथलेटिक्स व बेडमिंटन के खिलाड़ी रह रहे हैं। उनके डाइट चार्ट में अंडे-पनीर-फल-मेवे समेत करीब 40 पौष्टिक व्यंजन दिखाए जा रहे हैं, जबकि हकीकत में बाहर से टिफिन मंगाकर दाल-चावल-रोटी परोसे जा रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें)
