नई दिल्ली3 मिनट पहले
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पेपर लीक विवाद के बाद देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2027 में कम से कम छह दिन चलेगी। पूरी तरह कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) मोड में कराई जाएगी। परीक्षा के लिए देश भर में 1 हजार से ज्यादा परीक्षा केंद्र बनाए जाएंगे।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) हर साल मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए NEET आयोजित करता है। अभी तक यह परीक्षा पेन-पेपर मोड में होती रही है।
NEET-UG में हर साल करीब 25 लाख कैंडिडेट्स हिस्सा लेते हैं। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि परीक्षा की नई योजना अभी तैयार की जा रही है। इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE की तरह NEET भी अलग-अलग दिनों में आयोजित होगी।
एग्जाम मोड में बदलाव की वजह पेपर लीक विवाद
NEET में यह बदलाव 2024 में पेपर लीक और अन्य गड़बड़ियों के विवाद के बाद सामने आया है। इसके बाद केंद्र सरकार ने घोषणा की थी कि NEET-UG अब पेन-पेपर की बजाय CBT मोड में कराई जाएगी। शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्रालय के बीच कई वर्षों से इस बदलाव पर चर्चा चल रही थी, लेकिन परीक्षा सुधारों की प्रक्रिया पेपर लीक विवाद के बाद तेज हुई।
इसी परीक्षा के नतीजों के आधार पर डेंटिस्ट्री, आयुर्वेद, यूनानी और सिद्ध चिकित्सा के स्नातक पाठ्यक्रमों में भी दाखिला दिया जाता है।
सुधारों के लिए बनी थी समिति
जून 2024 में शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा सुधारों के लिए पूर्व ISRO अध्यक्ष के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति बनाई थी। समिति को परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
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देश के 20 लाख से ज्यादा छात्रों ने रविवार को NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा दी। इसके लिए देश के 551 और विदेश के 14 शहरों में 5440 सेंटर बनाए गए। परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे के बीच हुई।
छात्रों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक ही एंट्री दी गई। कई सेंटर्स पर एक-दो मिनट देर से पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री नहीं दी गई। इसके चलते कई स्टूडेंट्स का एग्जाम छूट गया। पढ़ें पूरी खबर…