Newsleak

Mohammad Kaif Birthday, Yuvraj Singh shone under his captaincy | Lords ODI | मोहम्मद कैफ @45, युवराज इनकी कप्तानी में चमके: भारत को पहला अंडर-19 वर्ल्ड कप दिलाया; ऐतिहासिक लॉर्ड्स वनडे जिताया, तब फिल्म देख रहे थे माता-पिता

स्पोर्ट्स डेस्क3 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

भारतीय क्रिकेट में कई बड़े नाम हैं, लेकिन कुछ खिलाड़ी अपनी शांत मौजूदगी और टीम के लिए किए गए काम की वजह से याद रखे जाते हैं। मोहम्मद कैफ ऐसा ही नाम हैं। आज वे अपना 45वां जन्मदिन मना रहे हैं, लेकिन फैंस के दिमाग में आज भी 2002 के नेटवेस्ट ट्रॉफी फाइनल में उनकी 87 रन की पारी बसी है।

लंदन के द लॉर्ड्स स्टेडियम में भारत को जीत दिलाने के बाद सेलिब्रेट करते मोहम्मद कैफ।

कैफ के करियर में कई ऐसे किस्से हैं, जिन्होंने उन्हें भारतीय क्रिकेट का एक भरोसेमंद चेहरा बनाया। आइए जानते हैं उनके करियर और जीवन से जुड़े कुछ खास किस्से..

इलाहाबाद की गलियों से टीम इंडिया तक

1 दिसंबर 1980, उत्तरप्रदेश के इलाहबाद (अब प्रयागराज) में मोहम्मद तारीफ और कैसर जहान के घर बेटे का जन्म हुआ। रेलवे और उत्तर प्रदेश के लिए 60 रणजी ट्रॉफी मैच खेल चुके तारीफ ने अपने बेटे मोहम्मद कैफ को भी बचपन से ही क्रिकेट सिखाना शुरू कर दिया।

इलाहाबाद की गलियों में टेनिस बॉल क्रिकेट खेलकर कैफ ने अपना नाम बनाया। पिता ने उन्हें प्रोफेशनल ट्रेनिंग देने के लिए कानपुर भेज दिया। जहां वे ग्रीन पार्क स्टेडियम के हॉस्टल में रहते और वहीं प्रैक्टिस भी करने लगे। जूनियर क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर महज 17 साल की उम्र में उन्होंने यूपी के लिए रणजी डेब्यू कर लिया। 1998 में ही उन्हें लिस्ट-ए खेलने का मौका भी मिल गया।

रणजी डेब्यू से पहले ही खेल लिया था वर्ल्ड कप

1996 में पहली बार अंडर-15 वर्ग के क्रिकेटर्स का वर्ल्ड कप भी आयोजित हुआ। टूर्नामेंट 55-55 ओवर का था। जहां रीतींदर सोढी की कप्तानी वाली टीम इंडिया में मोहम्मद कैफ को भी मौका मिला। भारत ने ग्रुप स्टेज में इंग्लैंड, वेस्टइंडीज, कनाडा और जिम्बाब्वे को हराकर सेमीफाइनल में एंट्री कर ली। कैफ ने एक फिफ्टी लगाकर 130 रन बनाए और एक विकेट भी लिया।

सेमीफाइनल में 3 फिफ्टी के सहारे साउथ अफ्रीका ने 7 विकेट खोकर 262 रन बना दिए। जवाब में भारत से रीतींदर सोढी और प्रदीप चावला ने फिफ्टी लगाई। आखिर में कैफ 54 रन बनाकर नॉटआउट रहे और भारत को 5 विकेट से जीत दिला दी। फाइनल में पाकिस्तान थी, टीम ने पहले बैटिंग करते हुए 222 रन भी बना दिए। भारत ने लगातार विकेट गंवाए, लेकिन कप्तानी रीतींदर के 82 रन की मदद से टीम ने 4 विकेट से फाइनल जीत लिया।

मोहम्मद कैफ ने हरभजन सिंह और युवराज सिंह जैसे खिलाड़ियों के साथ जूनियर क्रिकेट खेला।

अंडर-19 वर्ल्ड कप में युवराज को लीड किया

घरेलू क्रिकेट में अच्छे प्रदर्शन के दम पर युवा मोहम्मद कैफ को भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम में मौका मिला। इतना ही नहीं, BCCI ने उन्हें 2000 के दौरान श्रीलंका में होने वाले ICC जूनियर वनडे वर्ल्ड कप के लिए कप्तान भी बना दिया। इस टीम में युवराज सिंह, मौजूदा BCCI सेक्रेटरी मिथुन मन्हास और वेणुगोपाल राव जैसे प्लेयर्स भी शामिल थे।

कैफ की कप्तानी में भारत ने अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई। जहां टीम ने पहली बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को 170 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। फाइनल में पहले बैटिंग करते हुए श्रीलंका 178 रन ही बना सका। कप्तान कैफ ने 10 ओवर में महज 31 रन देकर श्रीलंका के टॉप स्कोरर जेहान मुबारक को पवेलियन भेजा। बेहतरीन बैटिंग के दम पर भारत ने 4 ही विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया।

कैफ की कप्तानी में भारत ने पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। टूर्नामेंट में 203 रन बनाने के साथ 12 विकेट लेने वाले युवराज सिंह प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने। भारत को दूसरा टाइटल जीतने में 8 साल लग गए, 2025 तक टीम ने 3 बार और इस खिताब को अपने नाम कर लिया। वर्ल्ड कप के ठीक बाद कैफ ने टेस्ट में भारत के लिए डेब्यू कर लिया।

भारत ने मोहम्मद कैफ की कप्तानी में पहली बार अंडर-19 वर्ल्ड कप जीता था।

लॉर्ड्स में फिफ्टी लगाकर रचा इतिहास

13 जुलाई 2002, भारत और इंग्लैंड के बीच लंदन के द लॉर्ड्स स्टेडियम में नेटवेस्ट ट्राई सीरीज का फाइनल हुआ। पहले बैटिंग करते हुए होम टीम ने 325 रन बना दिए। मार्कस ट्रेस्कोथिक और कप्तान नासेर हुसैन ने शतक लगाया। बड़े टारगेट के सामने भारत से वीरेंद्र सहवाग और कप्तान सौरव गांगुली ने सेंचुरी पार्टनरशिप कर ली।

सहवाग 45 और गांगुली 60 रन बनाकर आउट हो गए। देखते ही देखते भारत ने 146 रन पर 5 विकेट गंवा दिए। युवा युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ पिच पर आ गए। दोनों ने संभलकर पार्टनरशिप की और स्कोर 250 के पार पहुंचा दिया। 42वें ओवर में युवी 69 रन बनाकर आउट हो गए। कैफ फिर भी टिके रहे, उन्होंने हरभजन सिंह के साथ भारत को 300 के पार पहुंचा दिया।

48वें ओवर में भारत ने 2 और विकेट गंवा दिए। कैफ फिर भी टिके रहे। उनके साथ जहीर खान थे। 12 गेंद पर 11 रन अब भी चाहिए थे। 49वें ओवर में डेरेन गॉफ के खिलाफ मोहम्मद कैफ ने 9 रन बटोर लिए और टीम को जीत के करीब पहुंचा दिया। एंड्रयू फ्लिंटॉफ आखिरी ओवर फेंकने आए। उन्होंने 2 गेंदें डॉट भी करा दीं।

तीसरी गेंद को जहरी ने कवर्स की ओर खेला और एक रन के लिए दौड़ पड़े, इंग्लिश फील्डर ने थ्रो फेंका, लेकिन गेंद स्टंप्स को मिस करते हुए दूर चली गई। कैफ और जहीर ने इसका फायदा उठाकर दूसरा रन भी पूरा किया और भारत को जीत दिला दी। 75 गेंद पर 87 रन की पारी खेलने के लिए कैफ को प्लेयर ऑफ द फाइनल का अवॉर्ड मिला।

5 विकेट के बाद घरवालों ने बंद कर दी थी टीवी

लॉर्ड्स वनडे की मजेदार बात यह भी रही कि जैसे ही सचिन तेंदुलकर के रूप में भारत का पांचवां विकेट गिरा था। इलाहबाद में कैफ का मैच देख रहे उनके माता-पिता ने टीवी बंद कर दी और शाहरुख खान की देवदास फिल्म देखने घर से बाहर चले गए। उन्हें भारत के जीतने की उम्मीद नहीं थी।

फिल्म खत्म होने के बाद जैसे ही कैफ के पेरेंट्स थिएटर से बाहर निकले, लोगों ने बताया कि उनके बेटे ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई है। तब पिता ने कहा था, खुश हूं कि बेटे ने देश को भी खुशी मनाने का मौका दिया।

फील्डिंग से पलटने लगे मैच

इंग्लैंड के खिलाफ पारी के बाद कैफ लगातार भारत की वनडे टीम का हिस्सा रहे। उन्होंने मिडिल ऑर्डर में युवराज सिंह के साथ टीम की बागडोर संभाली। इस पोजिशन पर उन्हें बैटिंग के ज्यादा मौके नहीं मिले, लेकिन उन्होंने फील्डिंग के जरिए दर्शकों का ध्यान खींचा। उन्होंने करियर में 69 कैच पकड़े। 30-यार्ड सर्कल में उनकी फील्डिंग ने देश की नई पीढ़ी को फील्डिंग पर ध्यान देने के लिए इंस्पायर किया।

13 ही टेस्ट खेल सके, एक शतक लगाया

कैफ ने भारत के लिए 125 वनडे में करीब 32 की औसत से 2753 रन बनाए। इनमें उन्होंने 2 सेंचुरी और 17 फिफ्टी लगाईं। उन्होंने 2002 में वनडे डेब्यू के 2 साल पहले भारत के लिए टेस्ट डेब्यू कर लिया था। हालांकि, इस फॉर्मेट में वे खुद को स्थापित नहीं कर सके। रेड बॉल क्रिकेट के 13 मुकाबलों में कैफ ने करीब 33 की औसत से 624 रन बनाए। इनमें एक शतक और 3 फिफ्टी शामिल रहीं। 2006 के बाद कैफ भारत के लिए कोई इंटरनेशनल नहीं खेल सके।

शेन वॉर्न की कप्तानी में जीत चुके हैं IPL

इंटरनेशनल टीम से बाहर चले रहे कैफ ने घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन करना जारी रखा। 2008 में शुरू हुए IPL में उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने खरीद लिया। टीम के लिए 16 मुकाबलों में उन्होंने 176 रन बनाए। बैट से तो वे कुछ खास नहीं कर सके, लेकिन फील्डिंग से टीम को मैच जिताए। 2008 में राजस्थान ने ही चेन्नई सुपर किंग्स को फाइनल हराकर खिताब भी जीता।

पहले सीजन के बाद राजस्थान ने कैफ को रिलीज कर दिया। फिर 2012 तक पंजाब किंग्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 3 सीजन में वे 13 मैच ही खेल सके। जिनमें उन्होंने महज 83 रन बनाए। IPL करियर में उनके नाम एक भी फिफ्टी नहीं रही, 34 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा। इसके बाद वे बतौर कोच टीमों का हिस्सा रहे।

छत्तीसगढ़ से भी घरेलू क्रिकेट खेला

टीम इंडिया और IPL में जगह नहीं मिलने के बावजूद कैफ घरेलू क्रिकेट खेलते रहे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बाद छत्तीसगढ़ के लिए भी क्रिकेट खेला। 186 फर्स्ट क्लास मैचों में उनके नाम 10229 रन रहे। उन्होंने 269 लिस्ट-ए और 75 टी-20 मैच भी खेले। 2018 में कैफ ने क्रिकेट के सभी फॉर्मेट से संन्यास ले लिया।

कॉमेंट्री में करियर बनाया

प्रोफेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद कैफ ने बतौर कॉमेंटेटर अपना करियर बनाया। इसके साथ ही वे घरेलू टीमों के कोचिंग स्टाफ का हिस्सा भी बने। कैफ इन दिनों स्टार स्पोर्ट्स के कॉमेंट्री पैनल में नजर आते हैं।

हिंदू लड़की से शादी, बेटे का नाम कबीर रखा

मोहम्मद कैफ ने मार्च 2011 में पत्रकार पूजा यादव से शादी की। उन्होंने अपने बड़े बेटे के नाम कबीर और बेटी का नाम ईवा रखा। कैफ सोशल मीडिया पर अपने बच्चों के साथ समय बिताने की तस्वीरें शेयर करते रहते हैं। वे इंटरव्यूज में भी कई बार कह चुके हैं कि अब उनकी जिंदगी का बड़ा हिस्सा परिवार के साथ बीतता है।

खबरें और भी हैं…

Source link

Exit mobile version