- Hindi News
- Sports
- Cricket
- Melbourne Pitch Controversy; AUS Vs ENG Boxing Day Test, Kevin Pietersen | Michael Vaughan| Dinesh Karthik | Aakash Chopra
मेलबर्न4 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की पिच पर चौथे टेस्ट के लिए 10 MM की घास छोड़ी गई थी। इससे पेसर्स को मदद मिली।
एशेज सीरीज का चौथा टेस्ट महज दो दिन में समाप्त हो गया है। मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर शनिवार को इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हराया। मैच 852 बॉल पर खत्म हो गया। यह बॉल के लिहाज से इस सीरीज के 143 साल के इतिहास का चौथा सबसे छोटा टेस्ट है।
इस मैच के दूसरे दिन 16 विकेट गिरे, जबकि पहले दिन 20 विकेट गिरे थे। इसमें कोई भी बैटर 50 रन का आंकड़ा पार नहीं कर सका। इतना ही नहीं, 4 पारियों में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं हुआ।
ऐसे में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड की पिच पर सवाल उठने लगे हैं। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन, माइकल वान, दिनेश कार्तिक ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाए हैं। वान ने लिखा- यह पिच है या मजाक?

36 में से 35 विकेट पेसर्स को मिले MCG पिच पर 10 मिमी घास छोड़ने के फैसले से पिच से तेज गेंदबाजों को बहुत फायदा मिला। इससे बैटिंग करना कठिन हो गया था। इस मैच में 35 विकेट तेज गेंदबाजों को मिले हैं। जबकि एक बैटर रनआउट हुआ।
एशेज के पहले तीन मैच भी कुल मिलाकर 11 दिन तक चले। इस तरह से वर्तमान सीरीज में कुल 20 मैच दिनों में से केवल 13 दिन ही खेल हो पाया है। पर्थ में खेला गया पहला टेस्ट मैच भी दो दिन में समाप्त हो गया था।
पीटरसन ने लिखा- ऑस्ट्रेलिया की भी आलोचना हो इंग्लैंड के पूर्व कप्तान पीटरसन ने X पर लिखा, ‘भारत में जब टेस्ट मैच के पहले दिन कई विकेट गिरते हैं, तो भारत को हमेशा कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ता है। इसलिए मुझे उम्मीद है कि ऑस्ट्रेलिया को भी उसी तरह की आलोचना का सामना करना पड़ेगा। न्याय सबके लिए समान होना चाहिए।’

दिनेश कार्तिक ने लिखा- साधारण पिच थी पूर्व भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज कार्तिक ने कहा, ‘MCG की पिच साधारण नजर आ रही है। यकीन नहीं होता कि चार एशेज टेस्ट में से दो टेस्ट केवल दो दिन में खत्म हो गए। इतनी चर्चा के बावजूद चार एशेज टेस्ट सिर्फ 13 दिन में पूरे हो गए।’

भारतीय पिच को क्रिटिसाइज किया गया था पीटरसन और कार्तिक का तंज इस पर था कि एशिया में ऐसा होने पर भारतीय स्पिनरों और पिचों को अक्सर कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर 2020-21 की सीरीज के दौरान अहमदाबाद में टर्निंग पिच पर भारतीय स्पिनर्स का सामना करने में इंग्लैंड की असफलता पर विशेषज्ञों ने कड़ी आलोचना की थी।
इंग्लैंड की टीम ने तब चेन्नई में पहला टेस्ट जीता था, लेकिन अगले तीन टेस्ट मैचों में रविचंद्रन अश्विन और अक्षर पटेल के सामने उसकी बल्लेबाजी बुरी तरह फ्लॉप रही। लेकिन एशेज में तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल पिचों को लेकर बहुत अधिक आक्रोश देखने को नहीं मिला है।
वान बोले- यह खेल के साथ नाइंसाफी इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वान ने कहा, ‘यह पिच है या मजाक। यह खेल के साथ नाइंसाफी है। खिलाड़ी और प्रसारक और सबसे महत्वपूर्ण प्रशंसकों के लिए 98 ओवरों में 26 विकेट गिरना अच्छी बात नहीं है।’

आकाश चोपड़ा का सवाल- स्पिनर्स ने एक भी ओवर नहीं किया भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने कहा, ‘टेस्ट मैच के डेढ़ दिन में स्पिनरों ने एक भी ओवर नहीं किया। जरा सोचिए अगर उपमहाद्वीप में इतने लंबे समय तक तेज गेंदबाज एक भी ओवर न करें तो क्या बवाल होगा।’

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने गलती स्वीकार की क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टॉड ग्रीनबर्ग ने भी कहा कि कम अवधि वाले मैच टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिए अच्छे नहीं हैं और सीए भविष्य में पिच की तैयारी में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने पर विचार करेगा।
ग्रीनबर्ग ने कहा, ‘एक प्रशंसक के तौर पर इसे देखना रोमांचक, दिलचस्प और आनंददायक था, लेकिन हम निश्चित रूप से चाहते हैं कि टेस्ट मैच लंबी अवधि तक चलें। कल रात मुझे नींद नहीं आई। उन्होंने कहा, ‘हमने शुरू से ही विकेट तैयार करने के मामलों में हस्तक्षेप न करने का रवैया अपनाया है, लेकिन जब आप खेल के व्यावसायिक पक्ष पर इसका प्रभाव देखते हैं तो पिच की तैयारी को पूरी तरह से नजरअंदाज करना मुश्किल हो जाता है।’
——————————————-
मेलबर्न टेस्ट की यह खबर भी पढ़िए…
ऑस्ट्रेलिया में 18 मैच बाद इंग्लैंड की जीत; एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट में 4 विकेट से हराया

इंग्लैंड ने एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया को 4 विकेट से हरा दिया। इसी के साथ इंग्लैंड ने ऑस्ट्रेलिया में 18 टेस्ट मैचों से चला आ रहा जीत का इंतजार खत्म किया। इससे पहले इंग्लैंड को ऑस्ट्रेलिया में आखिरी टेस्ट जीत 2011 में सिडनी (SCG) में मिली थी। पढ़ें पूरी खबर