Karnal’s Suman Sandhu Selected for Haryana Women’s Cricket Team, To Play First Match on November 24 | करनाल की बेटी का हरियाणा वीमेंन्स क्रिकेट टीम में चयन: त्रिवेंद्रम में खेलेगी पहला मैच; देश का नाम चमकाना उद्देश्य – Karnal News

करनाल स्टेडियम में अभ्यास करती सुमन संधू।

हरियाणा में करनाल जिले के गगसीना गांव की बेटी सुमन संधू ने क्रिकेट की दुनिया में बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। बचपन में गली क्रिकेट से शुरू हुआ सफर अब हरियाणा वीमेंन्स क्रिकेट टीम तक पहुंच गया है। लगातार मेहनत और लगन का परिणाम है कि सुमन को राज्य की म

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18 साल की उम्र से खेल रही है क्रिकेट

गांव गगसीना की रहने वाली सुमन संधू (21 वर्ष) बीए प्रथम वर्ष की छात्रा है। उसने बताया कि मैं बचपन में अपने भाई के साथ गली क्रिकेट खेलती थी। वहीं से क्रिकेट में रुचि बढ़ी और मैंने तय कर लिया था कि अब इसे ही अपना करियर बनाना है। सुमन पिछले तीन साल से करनाल की क्रिकेट अकादमी में ट्रेनिंग ले रही है, जहां वह सुबह फिटनेस, दोपहर में बैटिंग और शाम को नेट व फील्डिंग सेशन करती थी।

सुमन संधू का चयन होने पर स्टेडियम में खुशी मनाते खिलाड़ी।

सुमन संधू का चयन होने पर स्टेडियम में खुशी मनाते खिलाड़ी।

हरियाणा कैंप में दिखाई प्रतिभा

सुमन ने बताया कि हाल ही में हरियाणा में ट्रायल और कैंप आयोजित किए गए थे। कैंप में खिलाड़ियों को तकनीक, फिटनेस और मैच सिचुएशन पर प्रशिक्षण दिया गया। वहीं उसने अपनी प्रतिभा दिखाई। सुमन ने कहा कि कैंप के दो दिन बाद बुधवार को मुझे कॉल आया कि मेरा चयन हरियाणा वीमेंन्स टीम में हो गया है। कॉल आते ही खुशी का ठिकाना नहीं रहा।

अब टीम को त्रिवेंद्रम जाना है, जहां पूरा स्क्वॉड इकट्ठा होगा और 24 नवंबर को उनका पहला मैच खेला जाएगा। सुमन का कहना है कि वह अपनी परफॉर्मेंस से हरियाणा और परिवार का नाम रोशन करना चाहती है।

करनाल में अभ्यास करती सुमन संधू।

करनाल में अभ्यास करती सुमन संधू।

परिवार ने दिया पूरा साथ

सुमन के पिता किसान हैं और मां गृहणी। दोनों ने अपनी बेटी का हर कदम पर साथ दिया। सुमन कहती है कि मेरे माता-पिता ने हमेशा हौसला बढ़ाया और मुझे कभी पीछे नहीं हटने दिया। मेरा भाई पहले अकादमी में प्रैक्टिस करता था, लेकिन उसने छोड़ दी, मैंने नहीं छोड़ी। मेरा मकसद है कि इंडियन वीमेंन्स टीम में खेलकर देश का नाम रोशन करूं।

कोच का भी मिला सहयोग

सुमन ने बताया कि उसके कोच ने न सिर्फ तकनीकी रूप से मजबूत किया, बल्कि मानसिक रूप से भी तैयार किया। अकादमी में अच्छे माहौल और नियमित अभ्यास ने उसकी क्षमता को निखारा। गगसीना की यह बेटी अब हरियाणा राज्य की जर्सी पहनने को तैयार है। गांव और जिले के लोग उसकी सफलता से गर्व महसूस कर रहे हैं। अब सबकी निगाहें त्रिवेंद्रम में होने वाले उसके पहले मुकाबले पर टिकी हैं।

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