सोनीपत में गीता फोगाट जानकारी देते हुए।
2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत को मिलने की घोषणा पर देशभर में उत्साह का माहौल है। सोनीपत में अंतरराष्ट्रीय पहलवान और अर्जुन अवॉर्ड विजेता गीता फोगाट ने इसे भारतीय खेल इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कहा कि यह आयोजन प्रधानमंत्री के नेतृत्व मे
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अंतरराष्ट्रीय पहलवान गीता फोगाट ने कहा कि भारत द्वारा 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलना हर नागरिक के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि 2010 में दिल्ली में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में जो ऊर्जा और जुनून देखने को मिला था, उससे कई गुना मजबूत माहौल 2030 में देखने की उम्मीद है। गीता ने कहा कि अब खिलाड़ियों की संख्या, स्पर्धाएं और प्रतियोगिताएं बढ़ चुकी हैं, ऐसे में पदकों की उम्मीद भी ज्यादा रहेगी।
खेलों में बदलाव-प्रधानमंत्री के नेतृत्व ने बढ़ाया खिलाड़ियों का मनोबल
गीता फोगाट ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में खेल जगत में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का खेलों के प्रति लगाव और खिलाड़ियों के साथ सीधा संवाद रखने की परंपरा ने बड़ा बदलाव लाया है। पहले जहां खिलाड़ी और प्रधानमंत्री के बीच दूरी रहती थी, वहीं अब खिलाड़ी किसी भी समस्या के लिए सीधे मंत्रालय तक अपनी बात रख सकते हैं।
उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया और टॉप स्कीम जैसे कार्यक्रमों ने युवा खिलाड़ियों को नई ऊर्जा दी है। पहले जहां एक-दो ही टूर्नामेंट होते थे, वहीं आज पूरे साल प्रतियोगिताओं का सिलसिला चलता रहता है, जिससे खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस लगातार निखर रही है।
गीता फोगाट ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में खेल जगत में क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं।
2030 की तैयारी-खिलाड़ियों को मेहनत की जरूरत
गीता फोगाट ने कहा कि भले ही 2030 दूर दिख रहा हो, लेकिन खिलाड़ियों के लिए यह समय बहुत कम है। उन्होंने खिलाड़ियों को सलाह दी, कि वे अपने खेल में पूरी ताकत झोंक दें और जमकर तैयारी करें। उन्होंने कहा कि अपने देश में खेलना खिलाड़ियों के लिए एक अलग उत्साह लेकर आता है।
दर्शकों का समर्थन और अपनी धरती पर खेलने का गर्व प्रदर्शन को और मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि वह खुद भी हिस्सा लेना चाहेगी, लेकिन फिटनेस संबंधी नियमों के कारण संभव नहीं है। इसके बावजूद उन्होंने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित किया कि वे देश के लिए अधिक से अधिक मेडल लेकर आए।
हरियाणा के दो खिलाड़ियों की मौत पर जताया दुख
हरियाणा में दो खिलाड़ियों की मौत पर गीता फोगाट ने गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि माता-पिता के लिए अपने जवान बेटे को खोने से बड़ा दुख कोई नहीं होता। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताते हुए कहा कि कई बार ऐसी घटनाएं इंसान के हाथ में नहीं होतीं और हालात अपॉरच्युनिटी हो जाते हैं।
स्टेडियमों की पुरानी इमारतों की मरम्मत जरूरी
खिलाड़ियों की मौत के हादसे पर प्रतिक्रिया देते हुए गीता फोगाट ने कहा कि चाहे साई हो या अन्य स्टेडियम, नई बिल्डिंग बनाने के साथ-साथ पुरानी संरचनाओं की मरम्मत और समय-समय पर देखरेख होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि रिपेयरिंग कार्य में लापरवाही गंभीर हादसों का कारण बन सकती है। यह ऐसे मामले होते हैं, जो अक्सर एक्सीडेंटल होते हैं, इसलिए सुरक्षा पर ज्यादा ध्यान दिया जाना चाहिए।
