हरिद्वार में IPL में बांग्लादेशी क्रिकेटर्स को बैन करने की मांग करते साधु-संत।
IPL 2026 के लिए बांग्लादेशी क्रिकेटर्स की खरीदारी किए जाने और खिलाने के खिलाफ हरिद्वार के साधु-संतों खुलकर सामने आ गए है। साधु-संतों ने आयोजकों को चेतावनी जारी की कि अगर बांग्लादेशी क्रिकेटर्स के साथ भारतीय खिलाड़ी खेलते है तो वे इसका विरोध करेंगे।
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उन्होंने भारतीय क्रिकेटर्स से भी इस पर गौर करने को कहा है। संतों ने कहा है कि अगर वो इन क्रिकेटर्स के साथ खेलेंगे तो वो भी जिहादी कहलाएंगे और उनका भी विरोध किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशियों ने हिन्दुओं का नरसंहार किया है।
हिन्दुओं को मारा है, काटा है, जलाया है। अगर उन बांग्लादेशियों के साथ मैच हुआ तो वे लोग हजारों पदाधिकरियों के साथ सड़क पर उतर जाएंगे।

हाथ में बांग्लादेशी खिलाड़ियों का पोस्टर लेकर बैन करने की मांग करते संत।
IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ियों के खिलाफ हरिद्वार के माया देवी मंदिर में आज यानी शनिवार को संत समाज, श्री अखंड परशुराम अखाड़ा और विभिन्न समाजसेवी संस्थाओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि IPL के लिए न तो बांग्लादेशी खिलाड़ियों की खरीद की जाए और न ही उन्हें मैचों में शामिल किया जाए। प्रदर्शन के दौरान संत समाज और सामाजिक संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।
आचार्य बोले- बांग्लादेशी खिलाड़ियों के साथ मैच होगा तो सड़कों पर उतरेंगे
आचार्य पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि ये जो IPL होने जा रहा है। जिन बांग्लादेशियों ने हिन्दुओं का नरसंहार किया है। हिन्दुओं को मारा है, काटा है, जलाया है, उन बांग्लादेशियों के साथ अगर मैच हुआ। अगर उन बांग्लादेशी खिलाड़ियों को जिहादियों को, अगर मैच में खरीदा गया, इनके साथ अगर मैच खेला गया तो श्री अखंड परशुराम अखाड़ा अपने हजारों पदाधिकरियों के साथ, हजारों-हजारों सिपाहियों के साथ सड़क पर उतरेगा।

आचार्य पवन कृष्ण शास्त्री ने कहा कि जिहादियों खेलने नहीं देंगे।
जहां मैच हो रहा होगा वहां जाकर विरोध करेगा। क्योंकि बांग्लादेश एवम पाकिस्तानी जितने भी खिलाड़ी है उनको खरीदने वाला उनके साथ संबंध रखने वाला वो भी जिहादी प्रवृत्ति का होगा और उनका विरोध करने का कार्य श्री अखंड परशुराम अखाड़ा करेगा।
भास्कर पुरी बोले- बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमला बर्दाश्त नहीं
साथ ही यह भी कहा गया कि जहां-जहां बांग्लादेशी खिलाड़ी खेलने जाएंगे, वहां जाकर विरोध प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया जाएगा। इस मौके पर संत जूना अखाड़ा से जुड़े भास्कर पुरी ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित अत्याचारों के विरोध में यह प्रदर्शन किया जा रहा है।

भास्कर पुरी ने कहा कि अगर IPL में बांग्लादेशी खिलाड़ी खेलेंगे तो वो इसका विरोध करेंगे।
उनका कहना था कि बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के लोगों पर हमले, मारपीट और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में भारत में बांग्लादेशी खिलाड़ियों को खेलने की अनुमति देना उचित नहीं है और इसका कड़ा विरोध किया जाएगा।
पंडित अधीर कौशिक बोले- बांग्लादेशी खिलाड़ियों को मोटी रकम मिल रही
वहीं श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू समाज पर हो रहे अत्याचारों के बावजूद आईपीएल के दौरान बांग्लादेशी खिलाड़ियों को मौका दिया जा रहा है और उन्हें मोटी रकम भी मिल रही है। उन्होंने मांग की कि जिस तरह पाकिस्तान के खिलाड़ी आईपीएल में शामिल नहीं होते, उसी तरह बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर भी आईपीएल के दौरान प्रतिबंध लगाया जाए।

पंडित अधीर कौशिक ने मांग की कि बांग्लादेशी खिलाड़ियों पर बैन लगाया जाए।
उन्होंने साफ कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो संत समाज और सामाजिक संस्थाएं लगातार इसका विरोध करेंगी। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम रहे और बड़ी संख्या में संत, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
IPL 2026 के लिए बांग्लादेश के क्रिकेट सलेक्ट
IPL 2026 की नीलामी में बांग्लादेश के मुस्तफिजुर रहमान एकमात्र खिलाड़ी थे, जिन्हें खरीदा गया था। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने उन्हें ₹9.20 करोड़ में खरीदा, जिससे वह IPL इतिहास के सबसे महंगे बांग्लादेशी खिलाड़ी बन गए, जबकि तस्कीन अहमद और शरीफुल इस्लाम जैसे अन्य खिलाड़ी अनसोल्ड रहे।

मुस्तफिजुर रहमान की फाइल फोटो।
मुस्तफिजुर के अलावा तस्कीन अहमद, रिशद हुसैन, शरीफुल इस्लाम, नाहिद राणा, तंजीम हसन साकिब और रकीबुल हसन भी नीलामी में थे, लेकिन सिर्फ मुस्तफिजुर को ही कॉन्ट्रैक्ट मिला।