Direct recruitment 32,679 posts UP Police UP Police Bharti 2025 SI ASI | यूपी पुलिस में 32,679 पदों पर भर्ती निकली: सबसे ज्यादा PAC में पोस्ट; लखनऊ-गोरखपुर और बदायूं में महिला बटालियन बनेगी – Lucknow News

नए साल पर योगी सरकार ने प्रदेश के युवाओं को बड़ा तोहफा दिया है। यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने 32, 679 पदों पर सीधी भर्ती का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी कर दिया है। सिविल पुलिस के अलावा PAC, विशेष सुरक्षा बल यानी SSF, महिला बटालियन, घुड़सवार पुल

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सिविल पुलिस में 10,469 पदों पर महिला और पुरुष अभ्यर्थियों की भर्ती होगी। जबकि PAC में पुरुषों के लिए 15,131 पद खाली हैं। UP SSF में पुरुष अभ्यर्थियों के लिए 1341 वैकेंसी है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज, 31 दिसंबर से शुरू हो गई है। 30 जनवरी, 2026 तक फॉर्म भरे जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले upprpb.in पोर्टल पर वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) जरूरी है।

साल 2025 में यह दूसरी बड़ी भर्ती है। इससे पहले 60,244 पदों पर सिपाही भर्ती हुई थी। बड़ी संख्या में उम्मीदवार इस भर्ती का इंतजार कर रहे थे।

कितनी फीस लगेगी?

  • सामान्य, ईडब्लूएस और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 500 रुपए।
  • अनुसूचित जाति और अनुसूचित जन जाति के लिए 400 रुपए।

क्या शैक्षिक योग्यता होनी चाहिए? आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी किसी भी बोर्ड से 12वीं पास होना चाहिए। आवेदन करते समय अभ्यर्थी के पास आवश्यक शैक्षिक योग्यता होनी चाहिए।

अतिरिक्त योग्यता, जो मदद करेंगे

  • DOEACC या NIELIT संस्था से कंप्यूटर में O लेवल या उससे हाई लेवल का सर्टिफिकेट
  • प्रादेशिक सेना में कम से कम दो वर्ष की सेवा
  • NCC का B प्रमाण-पत्र

नोट- इन सर्टिफिकेट्स के आधार पर कुछ अभ्यर्थियों को समान अंक होने की स्थिति में प्राथमिकता दी जाती है। इसमें कोई अतिरिक्त अंक नहीं दिए जाएंगे, बल्कि बराबर अंक प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों में चयन के समय प्राथमिकता तय की जाएगी।

एज लिमिट क्या है?

  • ऐसे पुरुष अभ्यर्थी, जिन्होंने 1 जुलाई 2025 तक न्यूनतम 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली हो और अधिकतम 22 वर्ष की आयु से अधिक न हो। मतलब- अभ्यर्थी का जन्म 2 जुलाई 2003 से पहले और 1 जुलाई 2007 के बाद नहीं होना चाहिए।
  • ऐसी महिला अभ्यर्थी, जिसकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 25 वर्ष है। यानी महिला अभ्यर्थी का जन्म 2 जुलाई 2000 से पहले और 1 जुलाई 2007 के बाद नहीं होना चाहिए।
  • आरक्षित वर्गों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और अन्य विशेष श्रेणियों के अभ्यर्थियों को शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

हालांकि सामान्य की एज लिमिट को लेकर विरोध शुरू हो गया है। वॉयस ऑफ ब्राह्मण नाम के X यूजर ने लिखा- अधिकांश राज्यों में पुलिस भर्ती की आयु-सीमा 18 से 25 वर्ष सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित है। लेकिन उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में आयु-सीमा 18 से 22 वर्ष रखी गई है, जो कि युवाओं के साथ अन्याय है।

इस कारण सामान्य वर्ग के लाखों मेहनती छात्र अवसर से वंचित हो रहे हैं और मानसिक रूप से परेशान हैं। जबकि OBC और SC वर्ग को 5 वर्ष की आयु-छूट प्रदान की जाती है। हमारी मांग है कि उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती की आयु-सीमा को भी 18 से 25 वर्ष किया जाए। ताकि सभी वर्गों के युवाओं को समान अवसर मिल सके।

सात स्लाइड्स में देखिए कहां कितने पदों पर भर्ती होगी…

आखिर में जरूरी प्रोसेस भी जानिए…

OTR प्रक्रिया (One Time Registration) क्या है? यूपी पुलिस समेत कई सरकारी भर्तियों में OTS/OTR का मतलब है One Time Registration (एक बार पंजीकरण) यानी एक बार आप अपनी बेसिक जानकारी, योग्यता, पहचान व संपर्क विवरण बोर्ड के पोर्टल पर दर्ज कराते हैं, जिससे आपको बार-बार आवेदन भरते समय वही जानकारी हर बार नहीं भरनी पड़े।

यह विभागीय भर्ती में आवेदन की पहली अनिवार्य कड़ी होती है, और इसका मकसद भर्तियों को अधिक प्रोफेशनल, पारदर्शी और एक्सेप्शन-लेस बनाना है।

OTR में क्या-क्या करना होता है? One Time Registration में अभ्यर्थी को सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट (जैसे uppbpb.gov.in) पर जाकर अपनी पहचान और शैक्षिक योग्यता से जुड़ी बुनियादी जानकारी दर्ज करनी होती है।

इस प्रक्रिया में आम तौर पर यह शामिल होता है-

  • नाम, जन्मतिथि, पिता/माता का नाम
  • शैक्षिक योग्यता विवरण
  • मोबाइल नंबर और ई-मेल पता
  • पहचान प्रमाण (जैसे आधार कार्ड)
  • डिजिटल फोटो व हस्ताक्षर अपलोड
  • सभी आवश्यक दस्तावेजों की स्कैन/अपलोड

एक बार OTR पूरा हो जाने के बाद आपकी प्रोफ़ाइल सिस्टम में सेव हो जाती है। इसके बाद जब भी आप यूपी पुलिस या किसी अन्य बोर्ड की भर्ती के लिए आवेदन भरेंगे, तो आपके आधार-बद्ध विवरण अपने-आप आ जाते हैं।

OTR क्यों ज़रूरी है? फ़्यूचर रिकग्निशन: अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में सिस्टम आप ही-आप आपका रिकॉर्ड पहचान लेता है। गलती की संभावना कम: बार-बार डेटा टाइप करने की बजाय एक बार दर्ज डेटा इस्तेमाल होता है। पारदर्शिता बढ़े: आधार आधारित पंजीकरण से फर्जी आवेदन की संभावना घटती है। डेटा मैनेजमेंट सरल: बोर्ड को अभ्यर्थियों का डेटा अच्छे से ट्रैक और प्रोसेस करने में मदद मिलती है।

आपको कब OTR करना है? OTR करना अनिवार्य है। बिना वन टाइम रजिस्ट्रेशन किए आप आवेदन नहीं भर पाएंगे। OTR की प्रक्रिया ऑनलाइन ही पूरी होती है। एक बार OTR होने पर उस रजिस्ट्रेशन नंबर / पासवर्ड से आगे का पूरा आवेदन मैनेज होता है।

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