ठगी के मास्टरमाइंड मोहित सैनी की ओलिंपियन नीरज चोपड़ा के साथ फोटो।-फाइल
दिल्ली की एक स्पोर्ट्स कंपनी के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह से खुद को सरकारी अधिकारी बताकर 3.50 करोड़ रुपए की ठगी करने के मामले में पंचकूला नगर निगम के जेई रोहित सैनी को गिरफ्तार किया गया है। करनाल निवासी रोहित, इस मामले के मुख्य आरोपी और कृषि विभाग मे
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क्राइम ब्रांच ने रोहित को आठ दिन के रिमांड पर लिया है। शुरुआती पूछताछ में उसने खुलासा किया कि पूरे ठगी कांड का मास्टरमाइंड उसका भाई मोहित सैनी ही है। रोहित के मुताबिक, उसके खाते में केवल 4 लाख रुपए आए थे, जबकि बाकी रकम मोहित के पास है। उसने यह भी बताया कि मोहित ने खुद को हरियाणा खेल विभाग का ऑब्जर्वर बताकर शिव प्रकाश सिंह से संपर्क किया था। भरोसा जीतने के लिए उसने ओलिंपियन नीरज चोपड़ा के साथ अपनी तस्वीरें भी दिखाई थीं।
पुलिस के अनुसार, मोहित की पत्नी नेहा हरियाणा पुलिस में सब-इंस्पेक्टर है, जबकि उनका तीसरा भाई पार्षद रह चुका है। उनकी मां भी पुलिस विभाग में हैं। फिलहाल, पुलिस उन सभी लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जिनके खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर हुई है। वहीं, मामले के मास्टरमाइंड मोहित सैनी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
पहले वो पेमेंट, जिसके नाम पर स्पोर्टस कंपनी से हुआ फ्रॉड…..
- गोवा नेशनल गेम्स के लिए दिया था सामान: दिल्ली निवासी शिव प्रकाश सिंह ने पुलिस को बताया कि उनकी कंपनी शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड पिछले 30 वर्षों से खेल सामग्री और स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म का कारोबार कर रही है। वर्ष 2023 में गोवा नेशनल गेम्स के लिए हरियाणा ओलिंपिक एसोसिएशन को करीब 2.50 करोड़ रुपए का खेल सामान तत्काल सप्लाई किया गया था। सामान की सप्लाई के बावजूद भुगतान अटका रहा।
- फाइनेंस अफसर बनकर की बातचीत: शिव प्रकाश सिंह के मुताबिक, सितंबर 2025 में मोहित सैनी ने उससे जसवंत बनकर संपर्क किया और बताया कि आपके भुगतान की फाइल फाइनेंस डिपार्टमेंट में पहुंच गई है। यह पूछने पर कि उसे कैसे पता? इसके जवाब में बताया कि वह हरियाणा खेल विभाग में ऑब्जर्वर है और फाइनेंस मामले भी देखता है। ओलिंपियन नीरज चोपड़ा के साथ फोटो दिखाकर फोन और वॉट्सएप के जरिए बातचीत शुरू की। फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान जारी कराने के नाम पर पहले 50 लाख रुपए मांगे।
- 4 खातों में ट्रांसफर करवाई 50 लाख की रकम: शिव प्रकाश का आरोप है कि उन्होंने अलग-अलग तारीखों में बैंक ट्रांसफर, IMPS और नकद के जरिए 50 लाख की रकम दी। इसके बाद महेश, रविंद्र, नरेश और अनिरुद्ध नाम के लोगों को भी फाइल देखने वाले अधिकारी बताकर बातचीत में शामिल किया गया। मगर, कई दिन बीतने के बाद भी उसकी भुगतान संबंध समस्या का हल नहीं हुआ।
- ACB और विजिलेंस कार्रवाई का डर दिखाया: शिकायतकर्ता के मुताबिक, काम नहीं होने पर उसने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने नया डर पैदा किया। कहा गया कि एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस विभाग मामले की जांच कर रहे हैं, वह भी घूसखोरी के मामले में गिरफ्त में आ सकता है। इसी डर का फायदा उठाकर आरोपियों ने कुल 3.50 करोड़ रुपए वसूल लिए।
- ठगी का पता चलने पर केस दर्ज कराया: शिव प्रकाश के मुताबिक, जब उसने आरोपियों के बारें में फाइनेंस डिपार्टमेंट में पता किया तो वहां इस तरह को कोई आदमी नहीं मिला। ठगी का अहसास होने पर फोन नंबर्स और बैंक डिटेल के माध्यम से आरोपियों का पता किया तो उसे ठगी का पता चला। इसके बाद उसने पंचकूला के सेक्टर-20 थाने में BNS की धारा 318(4), 319(2) और 61(2) सहित अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कराया। पंचकूला पुलिस कमिश्नरेट के आदेश के बाद यह FIR एक महीने पहले दर्ज की गई। मामले की जांच अब क्राइम ब्रांच सेक्टर-19 कर रही है।
शिव नरेश स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर शिव प्रकाश सिंह ने एक महीने पहले इस मामले की रिपोर्ट पंचकूला के सेक्टर-20 थाने में दर्ज कराई थी।
कैसे पुलिस के चंगुल में फंसे ठग, दो पॉइंट में जानिए…
- केस दर्ज होते ही फरार हुआ मास्टरमाइंड: रिपोर्ट दर्ज होते ही फाइनेंस अफसर बनकर बात करने वाले युवक जसवंत के बारे में पता किया। मोबाइल नंबर, कॉल डिटेल आदि की जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि आरोपी का नाम जसवंत नहीं, मोहित सैनी है और वह पंचकूला में एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट में बेलदार है। इसके बाद पुलिस ने दबिश दी तो मोहित सैनी फरार हो गया।
- परिजनों के नाम पर ट्रांसफर कराई रकम: इसके बाद पुलिस ने मोहित सैनी के बैंक रिकॉर्ड और शिव प्रकाश से जिन खातों में रकम ट्रांसफर हुई, उनकी कुंडली खंगाली। पता चला कि मोहित सैनी ने कााफी रकम अपनी पत्नी, भाई, भाभी और दोस्तों के खातों में ट्रांसफर कराई। इसमें उसका भाई रोहित भी शामिल है, जो नगर निगम पंचकूला में जेई है। इसका पता चलते ही पुलिस ने रोहित को धर दबोचा।
ठगी के इस केस के मास्टरमाइंड मोहित सैनी की पत्नी नेहा सैनी हरियाणा पुलिस में एसआई हैं।
अब जानिए फ्रॉड के सूत्रधार और उनके परिवार के बारे में…
- सट्टे की लत में फंसा तो किया फ्रॉड : पुलिस को रोहित सैनी से पूछताछ में पता चला कि मोहित फिलहाल सट्टे की लत में फंसा हुआ है। इसके कारण उसने काफी कर्जा करवा लिया था। इसके चलते उसने फ्रॉड को अंजाम दिया है। जब एक महीने पहले फ्रॉड की शिकायत हुई तो ऑफिस जाना छोड़ कर फरार हो गया।
- भाई, पत्नी और दोस्तों के खाते में ली रकम : बेलदार मोहित सैनी ने कंपनी डायरेक्टर से रकम अपने भाई-पत्नी और दोस्तों के खाते में ली है। मोहित ने भाई रोहित सैनी के खाते में 4 लाख रुपए लिए हैं। इसकी रिकवरी के लिए पुलिस रिमांड के दौरान प्रयास कर रही है।
- सब इंस्पेक्टर है पत्नी: मुख्य आरोपी की पत्नी नेहा सैनी पुलिस विभाग में सब इंस्पेक्टर के पद पर तैनात है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पत्नी के खाते में भी आरोपी ने बड़ी रकम ली है। मोहित के एक भाई युद्धवीर सैनी की पत्नी पार्षद है। पहले खुद युद्धवीर सैनी भी पार्षद रहा है। उसके खाते में भी कुछ रकम ली गई है। आरोपी की मां भी पुलिस में है।
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