Site icon Newsleak

Commonwealth Games 2026 India Medal Tally

  • Hindi News
  • Sports
  • Commonwealth Games 2026 India Medal Tally | Boxing Success & Athletics

स्पोर्ट्स डेस्क9 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज समेत कुल 39 मेडल जीते। वह मेडल टैली में चौथे नंबर पर रहा।

पहली नजर में यह प्रदर्शन बर्मिंघम 2022 के 61 मेडल से कमजोर दिख सकता है, लेकिन आंकड़े अलग कहानी बताते हैं।

इस बार ग्लासगो में सिर्फ 10 खेल शामिल थे, जबकि बर्मिंघम में 19 खेल खेले गए थे। बैडमिंटन, कुश्ती, शूटिंग, हॉकी, टेबल टेनिस और क्रिकेट जैसे खेल ग्लासगो गेम्स का हिस्सा नहीं थे, जिनसे 2022 में भारत को 30 पदक मिले थे।

इसके अलावा भारत ने 210 खिलाड़ियों की जगह सिर्फ 123 खिलाड़ियों का दल भेजा। इनमें से 38 खिलाड़ी मेडल जीतकर लौटे, यानी सक्सेस रेट 31% रहा। बर्मिंघम में यह आंकड़ा 29% था।

5 फैक्टर्स में एनालिसिस

1. मेडल के लिहाज से- बॉक्सिंग सबसे बड़ा मेडल बैंक

भारत के 39 पदकों में सबसे बड़ा योगदान बॉक्सिंग का रहा। मुक्केबाजों ने 7 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत कुल 10 मेडल जीते। यानी हर चार में से एक मेडल बॉक्सिंग से आया। एथलेटिक्स में 10 मेडल आए, लेकिन इसमें गोल्ड नहीं मिला।

वेटलिफ्टिंग से 8, पैरा एथलेटिक्स से 6, जूडो से 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग से 1 मेडल मिला। कुल मिलाकर 39 में से 37 पदक सिर्फ पांच खेलों से आए।

2. पोजिशन के लिहाज से- चौथा स्थान बरकरार

भारत 13 गोल्ड के साथ मेडल टैली में चौथे स्थान पर रहा। ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा उससे आगे रहे। खेलों की संख्या कम होने और दल छोटा होने के बावजूद टीम टॉप-4 में पहुंच गई। 2022 बर्मिंघम गेम्स में 22 गोल्ड के साथ भारत चौथे स्थान पर था।

3. अनुमान से दोगुना ज्यादा गोल्ड जीते

कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू होने से पहले भारतीय ओलिंपिक संघ और विभिन्न खेल महासंघों की इंटरनल रिपोर्ट में भारत को 6 गोल्ड समेत 31 मेडल मिलने का अनुमान लगाया गया था। भारतीय खिलाड़ियों ने अनुमान से दोगुना से भी ज्यादा गोल्ड जीते। कुल मेडल में भी आगे निकल गए।

भारत की सबसे ज्यादा उम्मीदें बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग और एथलेटिक्स से थीं, जिन्होंने मिलकर 26 मेडल दिलाए। हालांकि, एथलेटिक्स में भारत को सबसे बड़ा झटका लगा और टीम एक भी गोल्ड मेडल नहीं जीत सकी।

4. किस खेल ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया?

i. बॉक्सिंग

भारत का सबसे सफल खेल बॉक्सिंग रहा। 14 मुक्केबाजों के दल में से 10 खिलाड़ी मेडल जीतकर लौटे। इसमें 7 गोल्ड और 3 सिल्वर शामिल रहे। यानी 71% मेडल कन्वर्जन रेट। बर्मिंघम 2022 में यह आंकड़ा 58% था।

जैस्मिन लांबोरिया, साक्षी चौधरी, प्रीति पवार, प्रिया घंघास, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल चैंपियन बने। लवलीना बोरगोहेन, जादुमणि सिंह और नरेंद्र बेरवाल सिल्वर जीत सके।

ii. पैरा एथलेटिक्स

भारत के सिर्फ 11 पैरा एथलीट ग्लासगो पहुंचे थे, लेकिन उन्होंने 6 मेडल जीत लिए। इनमें 3 गोल्ड, 2 सिल्वर और 1 ब्रॉन्ज शामिल रहे।

भारत ने तीन बार डबल पोडियम हासिल किया और दो बार 1-2 फिनिश दर्ज की। दिलीप गावित, सोमन राणा और शर्मिला धनकड़ गोल्ड जीतने में सफल रहे।

iii. जूडो

जूडो में भारत ने पहली बार कॉमनवेल्थ इतिहास में गोल्ड जीता। अस्मिता डे ने गोल्ड दिलाया। इसके कुछ मिनट बाद हर्ष सिंह ने दूसरा गोल्ड जीत लिया। यामिनी मौर्य ने सिल्वर और उन्नति शर्मा ने ब्रॉन्ज जीतकर कुल चार मेडल दिलाए। हालांकि 14 सदस्यीय भारतीय टीम के दो खिलाड़ी अरुण कुमार और तुलिका मान डोपिंग के कारण बाहर हो गए।

5. इनमें बेहतर करने की संभावनाएं

i. एथलेटिक्स

एथलेटिक्स ने भारत को 10 मेडल दिलाए, लेकिन एक भी गोल्ड नहीं आया। नीरज चोपड़ा सिल्वर जीत सके। उनके साथ डेब्यू कर रहे यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीता। गुलवीर सिंह ने 10 हजार मीटर में सिल्वर और 5 हजार मीटर रेस में ब्रॉन्ज जीतकर इतिहास रचा।

तेजस्विन शंकर ने डेकाथलन में भारत का पहला कॉमनवेल्थ पदक दिलाया। सरवेश कुशारे, श्रीशंकर, प्रवीण चित्रावेल और सीमा कालीरामना भी मेडल जीतने में सफल रहे। हालांकि स्प्रिंट और रिले टीम से बड़ी उम्मीदें थीं, वह खाली हाथ रही।

ii. वेटलिफ्टिंग

भारत ने वेटलिफ्टिंग में 8 मेडल जीते, लेकिन सिर्फ एक गोल्ड मिला। मीराबाई चानू ने लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गोल्ड जीता। ऋषिकांता सिंह, अजय बाबू और लवप्रीत सिंह ने स्नैच में गेम्स रिकॉर्ड बनाए। ज्ञानेश्वरी यादव ने नेशनल रिकॉर्ड तोड़ा। 2022 में 15 में से 10 भारतीय वेटलिफ्टर मेडल जीतकर लौटे थे।

iii. लॉन बॉल्स

बर्मिंघम 2022 में भारत ने लॉन बॉल्स में गोल्ड और सिल्वर जीता था। मेडल की उम्मीदें इस बार भी थी। लेकिन 6 सदस्यीय टीम खाली हाथ लौटी। हालांकि तस्वीर उतनी खराब नहीं थी जितनी मेडल टैली बताती है। रूपा रानी तिर्की और पिंकी सिंह की जोड़ी इंग्लैंड को हराने से सिर्फ एक बाउल दूर रह गई थी। पुरुष जोड़ी भी टाईब्रेक में हार गई।

iv. पैरा पावरलिफ्टिंग

भारत को पैरा पावरलिफ्टिंग टीम से काफी उम्मीदें थीं क्योंकि कई खिलाड़ी एशियाई और विश्व स्तर पर अच्छा प्रदर्शन कर चुके थे। लेकिन 7 सदस्यीय दल में सिर्फ झंडू कुमार ही मेडल जीत सके।

झंडू कुमार ने इस कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को पहला मेडल दिलाया।

V. जिम्नास्टिक्स, स्विमिंग और साइक्लिंग में मेडल नहीं मिला

जिम्नास्टिक्स में भारत के आठ खिलाड़ियों में से केवल दो ही फाइनल में पहुंच सके। इस खेल में भारत को 2014 से कोई मेडल नहीं मिला है।

स्विमिंग में श्रीहरि नटराज सहित कोई भी स्विमर मेडल तक नहीं पहुंच सका। साइक्लिंग में भी नतीजे निराशाजनक रहे।

इसी बीच 16 साल की ट्रैक साइक्लिंग प्लेयर लीशा दास की कहानी चर्चा में रही। सीमित संसाधनों और प्रशासनिक दिक्कतों के बावजूद उन्होंने ग्लासगो में हिस्सा लिया। हालांकि वे मेडल जीतने में सफल नहीं रहीं।

1934 में भारत पहली बार खेला था

——————————-

कॉमनवेल्थ गेम्स की यह खबर भी पढ़ें…

साइकल मैकेनिक की बेटी अस्मिता ने पहला जूडो गोल्ड दिलाया:सोमन ने सेना में ब्लास्ट में पैर गंवाया; कॉमनवेल्थ गेम्स के 38 मेडलिस्ट की स्टोरी

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 समाप्त हो चुके हैं। 11 दिन तक ग्लासगो में चले गेम्स में भारत के 38 खिलाड़ियों ने 39 मेडल जीते। गुलवीर सिंह को डबल मेडल मिले। इनमें 13 गोल्ड, 17 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज शामिल रहे। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…

Source link

Exit mobile version