पर्थ21 मिनट पहले
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इंग्लैंड की कप्तान बेन स्टोक्स के पास हैं। वे ऑस्ट्रेलिया में 9 टेस्ट 515 रन बना चुके हैं।
आज से क्रिकेट की सबसे पुरानी सीरीज द एशेज शुरू हो रही है। पर्थ स्टेडियम में शुक्रवार से 5 मैचों की इस सीरीज का पहला मैच खेला जाएगा। सवाल यह है कि क्या इंग्लैंड की टीम 15 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में 148 साल पुरानी इस सीरीज को जीत पाएगी। टीम ने आखिरी बार 2010-11 के दौरे में कंगारुओं को उसी के घर में 3-1 से हराकर टाइटल जीता था।
लेकिन, यह चुनौती आसान नहीं है। इंग्लिश टीम पहली बार पर्थ स्टेडियम में कोई टेस्ट खेलने जा रही है। इतना ही नहीं, ऑस्ट्रेलियाई टीम पिछले 15 साल से इस सीरीज में नहीं हारी है। टीम को आखिरी हार 2015 में इंग्लैंड दौरे पर मिली थी। तब इंग्लिश टीम ने 3-2 से सीरीज अपने नाम की थी। मैच डीटेल

इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया में पिछले 15 टेस्ट में कोई टेस्ट नहीं जीता है। उसने 13 गंवाए हैं। 2 ड्रॉ खेले हैं। आखिरी बार 2010-11 में इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया को 3-1 से हराया था।

हेड टु हेड
कंगारुओं ने 34, इंग्लैंड ने 32 सीरीज जीतीं ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच हुई एशेज में ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी है। अब तक दोनों देशों के बीच 73 सीरीज खेली गई हैं। इसमें से ऑस्ट्रेलिया ने 34 सीरीज जीतीं। वहीं, इंग्लैंड ने 32 सीरीज अपने नाम की हैं। बाकी की बची 7 सीरीज ड्रॉ रहीं। इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया में पिछले 15 टेस्ट में कोई टेस्ट नहीं जीता है। उसने 13 गंवाए हैं। 2 ड्रॉ खेले हैं। आखिरी बार 2010-11 में इंग्लैंड ने आस्ट्रेलिया को 3-1 से हराया था।

अगले 7 हफ्ते तक 5 शहरों में चलने वाली एशेज सीरीज से पहले 3 बड़े सवाल हैं?
- पहला: क्या सीनियर और एक्सपीरियंस प्लेयर्स के बिना आस्ट्रेलिया अपने घर में 2010 . 11 से चला आ रहा अजेय रिकॉर्ड जारी रख पाएगी?
- दूसरा: क्या बेन स्टोक्स इंग्लैंड को आस्ट्रेलियाई सरजमीं पर लंबे अर्से बाद एशेज दिला सकेंगे।
- तीसरा: क्या हेजलवुड और कमिंस के बिना पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया का पेस अटैक उतना ही असरदार होगा?
जवाब-1 : स्मिथ, लाबुशेन और ग्रीन पर जिम्मेदारी होगी। ऑस्ट्रेलिया का घरेलू मैदानों पर प्रदर्शन बढ़िया है। ऐसे में कंगारू टीम खिताब की दावेदार मानी जा रही है। इसके लिए स्टीव स्मिथ, मार्नस लाबुशेन और कैमरन ग्रीन जैसे सीनियर्स को जिम्मेदारी लेनी होगी। क्योंकि, डेविड वॉर्नर, पैट कमिंस और जोश हेजलवुड जैसे सीनियर खिलाड़ी नहीं हैं।
डेविड वॉर्नर के रिटायरमेंट के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम को स्थाई ओपनर नहीं मिला है। टीम ने इस पोजिशन में 5 बैटर्स को आजमाया, लेकिन कोई भी सफल नहीं हुआ। ऐसे में नए बल्लेबाज जैक वेदरल्ड को मौका दिया गया।
जवाब-2 : रूट ऑस्ट्रेलिया में शतक नहीं लगा सके। पिछले कुछ सालों में इंग्लैंड का प्रदर्शन औसत रहा है। इंग्लिश टीम को अपने घर में बढ़त लेने के बाद भारत से 5 मैचों की सीरीज 2-2 से ड्रॉ खेलनी पड़ी थी। WTC के पिछले 3 एडीशन में भी टीम खास नहीं कर सकी है। हालांकि, इंग्लिश टीम में बेन स्टोक्स, जो रूट, मार्क वुड और जोफ्रा आर्चर जैसे मैच विनर्स हैं। बेन डकेट और हैरी ब्रूक का रोल भी अहम है। इंग्लैंड के सबसे बड़े बैटर जो रूट ऑस्ट्रेलिया में कभी शतक नहीं लगा सके हैं। मर्क वुड, जोफ्रा आर्चर और ब्रायडन कार्स का प्रदर्शन जीत-हार का निर्धारण करेगी।
जवाब-3 : स्टार्क और बोलैंड प्रभावित कर सकते हैं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस और तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड चोटों के कारण पहला टेस्ट नहीं खेल सकेंगे। ऐसे में तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क, स्कॉट बोलैंड और ऑफ स्पिनर नाथन लियोन पर जिम्मेदारी बढ जाएगी। ब्रेंडन डोगेट टेस्ट डेब्यू करने जा रहे हैं। ऐसे में उन पर नजर रहेगी। आस्ट्रेलियाई प्लेइंग-11 में पहली बार 2 देशी खिलाड़ी होंगे।

पर्थ में होने वाले पहले टेस्ट में पैट कमिंस की जगह स्टीव स्मिथ टीम की कप्तानी कर रहे हैं।
कप्तानों की बात
इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स
मुझे पता है कि यह कितनी बड़ी सीरीज है। मैं जनवरी में यहां से रवाना होते समय उन भाग्यशाली कप्तानों में नाम दर्ज कराना चाहता हूं, जिन्होंने आस्ट्रेलिया में एशेज जीती है। इतिहास के बारे में काफी बातें होती है, लेकिन अब हमारे पास अपना इतिहास रचने का मौका है।
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान स्टीव स्मिथ
हम पहला टेस्ट मैच जीतकर सीरीज में आगे निकलना चाहते हैं। अगर नतीजा हमारे पक्ष में नहीं आता है, तो हम इसे बदल सकते हैं। हमने पिछले साल यह देखा था। तो आइडियली, हम इस हफ्ते अच्छा खेलें। अगले गेम में पैट कमिंस की वापसी देंगे। जोश, मुझे नहीं पता, लेकिन मुझे लगता है कि हम देखेंगे कि यह हफ्ता कैसा रहता है।
प्लेइंग
ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-XI: स्टीव स्मिथ (कप्तान), उस्मान ख्वाजा, जेक वेदरल्ड, मार्नस लाबुशेन, ट्रैविस हेड, कैमरन ग्रीन, एलेक्स कैरी (विकेट कीपर), मिचेल स्टार्क, नाथन लायन, ब्रेंडन डॉगेट और स्कॉट बोलैंड।
इंग्लैंड की टीम: बेन स्टोक्स (कप्तान), जोफ्रा आर्चर, गस एटकिंसन, शोएब बसीर, हैरी ब्रूक, ब्रायडन कार्स, जैक क्रॉली, बेन डकेट, ओली पोप, जो रूट, जैमी स्मिथ और मार्क वुड।
एशेज का इतिहास, 1882 में शुरुआत हुई थी 142 साल पुरानी इस सीरीज का पहला मुकाबला 21 से 25 नवंबर के बीच पर्थ में खेला जाएगा। 1982-83 के बाद पहली बार इस सीरीज का पहला मुकाबला ब्रिसबेन की बजाय पर्थ में हो रहा है। दुनिया की सबसे पुरानी सीरीज द एशेज की शुरुआत 1882 में हुई थी। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया-इंग्लैंड 1877 से टेस्ट सीरीज खेल रहे हैं। दुनिया का पहला टेस्ट मैच भी इन्हीं देशों के बीच खेला गया था। यह मुकाबला 15 से 19 मार्च 1877 को मेलबर्न में खेला गया। बाद में इसी सीरीज का नाम ‘एशेज’ पड़ा।
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पहले टेस्ट के लिए ऑस्ट्रेलिया की प्लेइंग-11 जारी; जैक वेदराल्ड और ब्रेंडन डॉगेट डेब्यू करेंगे

ऑस्ट्रेलिया ने एशेज सीरीज के पहले टेस्ट के लिए गुरुवार प्लेइंग-11 जारी कर दी है। पर्थ में 21 नवंबर से शुरू होने वाले मुकाबले में तस्मानिया के ओपनर जैक वेदराल्ड और क्वींसलैंड के तेज गेंदबाज ब्रेंडन डॉगेट इंटरनेशनल डेब्यू करेंगे। पैट कमिंस उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे में स्टीव स्मिथ टीम की अगुआई करेंगे। मुकाबला भारतीय समय के अनुसार सुबह 7:50 बजे से शुरू होगा। पढ़ें पूरी खबर