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- AI In Education: Lectures In Favorite Teachers Voice | UPI like Platform
नई दिल्ली2 घंटे पहलेलेखक: अनिरुद्ध शर्मा
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12 फरवरी को ‘बोधन एआई’ की औपचारिक शुरुआत होगी।
एआई से देश की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। पढ़ाई के लिए यूपीआई जैसा राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है।
इसके जरिए स्कूल-कॉलेज के किसी भी विषय का कोई भी टॉपिक मोबाइल पर ऑडियो और वीडियो में उपलब्ध होगा। छात्र अपनी पसंद की भाषा और टीचर की आवाज में लेक्चर सुन सकेंगे। यह प्लेटफॉर्म ‘भारत बोधन एआई स्टैक’ के नाम से विकसित किया जा रहा है।
जिस तरह भीम, गूगलपे, पेटीएम और फोनपे जैसे ऐप यूपीआई पर काम करते हैं, उसी तरह शिक्षा से जुड़े मोबाइल ऐप ‘भारत बोधन’ एआई स्टैक पर काम करेंगे।
सवाल पूछते ही तैयार होगा कस्टमाइज्ड लेक्चर
यह प्लेटफॉर्म पूरी तरह कस्टमाइज होगा। छात्र जैसे सवाल पूछेगा, उसी के अनुसार लेक्चर तैयार होगा। छात्र ऑडियो या वीडियो का ऑप्शन चुन सकेंगे। भाषा बदलने पर भी शिक्षक का टोन और पढ़ाने का अंदाज वही रहेगा। यह इंटरेक्टिव होगा, जिससे छात्र सवाल पूछकर तुरंत जवाब पा सकेंगे।
स्टूडेंट्स अपनी पसंद की भाषा और टीचर की आवाज में लेक्चर सुन सकेंगे।
12 फरवरी को ‘बोधन एआई’ की औपचारिक शुरुआत
शिक्षा में एआई के संस्थागत उपयोग को बढ़ावा देने के लिए 12 फरवरी को नई दिल्ली के भारत मंडपम में ‘बोधन एआई’ पहल की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। इस मौके पर ‘भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव’ में चुनिंदा एआई समाधानों का प्रदर्शन भी किया जाएगा।
भारत बोधन एआई स्टैक के तहत स्कूली शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास, एआई रिसर्च और डीप टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रस्ताव मांगे गए हैं। ये सभी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा के अनुरूप होंगे। प्लेटफॉर्म को चरणबद्ध तरीके से देशभर में लागू किया जाएगा।
आईआईटी मद्रास में सेंटर फॉर एक्सीलेंस स्थापित
शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी मद्रास में एआई इन एजुकेशन के लिए सेंटर फॉर एक्सीलेंस की स्थापना की है। इसे ‘आईआईटी मद्रास बोधन एआई फाउंडेशन’ नाम दिया गया है। इस केंद्र को भारत बोधन एआई स्टैक के तहत स्केलेबल एआई समाधान विकसित करने की जिम्मेदारी दी गई है।
मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, 12वीं का कोई छात्र अगर ऑप्टिक्स पढ़ना चाहता है तो वह प्लेटफॉर्म पर विषय चुन सकेगा। एनसीईआरटी और राज्य बोर्डों की पाठ्यपुस्तकों को एआई रिपोजिटरी का हिस्सा बनाया जाएगा। इसे दो साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
क्लास से लेकर प्रतियोगी परीक्षा तक में मदद करेगा प्लेटफॉर्म यह प्लेटफॉर्म यूनिवर्सिटी स्तर की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, लैब टेस्ट के थ्री-डी अनुभव और रिसर्च स्कॉलर्स के शोध में भी मदद करेगा। शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बताया कि हाल ही में बजट भाषण को एआई के जरिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की आवाज और टोन में हिंदी और कन्नड़ में प्रसारित किया गया था। इसी तकनीक का इस्तेमाल शिक्षा में किया जाएगा।
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