- Hindi News
- Sports
- Maya Rajeswaran Revathi Wins ITF W35 Title | Youngest Indian Pro Champion
14 मिनट पहले
- कॉपी लिंक

भारत की 17 साल की टेनिस खिलाड़ी माया राजेश्वरन रेवती ने सानिया मिर्जा का 22 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है। माया ने रविवार को पुर्तगाल के लागोस में ITF W35 टूर्नामेंट का सिंगल्स खिताब जीतकर यह उपलब्धि हासिल की।
वह 17 साल 3 महीने की उम्र में इस स्तर का खिताब जीतने वाली सबसे युवा भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सानिया के नाम था, जिन्होंने 2004 में 17 साल 10 महीने की उम्र में खिताब जीता था।
माया ने फाइनल में स्पेन की 28 साल की सीलिया सरविनो रुइज को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 से हराया। उन्होंने यूक्रेन की येलिजवेता कोट्लियार के साथ डबल्स खिताब भी अपने नाम किया। माया ने क्वालीफाइंग राउंड से शुरुआत की थी और पूरे सिंगल्स टूर्नामेंट में एक भी सेट नहीं गंवाया।
सानिया और माया ने लागोस में ही जीते खिताब
माया और सानिया की उपलब्धि में एक खास समानता भी है। दोनों ने 17 साल की उम्र में लागोस में खिताब जीते। हालांकि, सानिया ने 10 अक्टूबर 2004 को नाइजीरिया के लागोस में खिताब जीता था, जबकि माया ने 11 अक्टूबर 2026 को पुर्तगाल के लागोस में जीत हासिल की।
सानिया उस समय 17 साल 10 महीने की थीं, जबकि माया ने 17 साल 3 महीने की उम्र में खिताब जीतकर उनका रिकॉर्ड तोड़ा। यानी माया ने सानिया से करीब 7 महीने कम उम्र में यह उपलब्धि हासिल की।

पहले राउंड में 0-5 से पिछड़ने के बाद टॉप सीड को हराया
दुनिया की 1038वें नंबर की खिलाड़ी माया ने मुख्य ड्रॉ के पहले राउंड में टॉप सीड और वर्ल्ड नंबर-246 जुस्तिना मिकुलस्काइट को 7-6(1), 6-1 से हराया। पहले सेट में वह 0-5 से पिछड़ गई थीं, लेकिन इसके बाद वापसी करते हुए सेट टाईब्रेकर में जीत लिया।
दूसरे राउंड में माया ने अर्जेंटीना की बर्टा बोनार्डी को 6-2, 6-0 से हराया। क्वार्टर फाइनल में आठवीं सीड तियान जियालिन को 6-2, 6-1 से मात दी। सेमीफाइनल में ब्रिटेन की ब्रिट डु प्री के खिलाफ वॉकओवर मिलने के बाद वह फाइनल में पहुंचीं।
दबाव कम करने के लिए मन में गाना गुनगुनाया
फाइनल में पहला सेट जीतने के बाद माया को अपना पहला प्रोफेशनल खिताब जीतने का दबाव महसूस होने लगा। इसी दौरान उन्हें सुबह सुने एक गाने की धुन याद आई और उन्होंने मन ही मन गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया।
माया ने कहा, “मुझे लगा कि मैं बहुत ज्यादा दबाव ले रही हूं। तनाव कम करने के लिए मैंने मन में गाना गुनगुनाना शुरू कर दिया। इससे मुझे काफी मदद मिली। मैच पॉइंट आने पर भी मैंने उसे खास पॉइंट की तरह नहीं लिया। मेरे लिए वह एक सामान्य पॉइंट था।”
उन्होंने कहा, “पहला खिताब हमेशा खास होता है। इस हफ्ते की कई अच्छी यादें मेरे साथ रहेंगी। इस जीत से मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं बड़े स्तर पर मुकाबला कर सकती हूं।”
डबल्स फाइनल में पहला सेट हारने के बाद जीतीं
माया ने यूक्रेन की येलिजवेता कोट्लियार के साथ डबल्स खिताब भी जीता। फाइनल में उनकी जोड़ी ने मिन लियू और कार्लोटा मोचिया को 0-6, 6-2, 10-7 से हराया।
पहला सेट 0-6 से गंवाने के बाद माया और कोट्लियार ने दूसरे सेट में वापसी की। इसके बाद निर्णायक सुपर टाईब्रेकर 10-7 से जीतकर खिताब अपने नाम किया।
15 साल की उम्र में मुंबई ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थीं
कोयंबटूर की माया ने 2025 में 15 साल की उम्र में मुंबई ओपन WTA 125 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। उन्होंने क्वालीफाइंग राउंड से शुरुआत की थी। इस प्रदर्शन के बाद उन्हें पहली बार WTA रैंकिंग मिली और वह सीधे दुनिया की 642वें नंबर की खिलाड़ी बन गईं।
माया ने शुरुआती करियर में स्पेन की राफेल नडाल एकेडमी में ट्रेनिंग ली। अब वह फ्रांस के कान्स स्थित एलीट टेनिस सेंटर में अभ्यास करती हैं।
जूनियर सर्किट में भी माया ने इस साल फ्रांस के बियोलियू-सुर-मेर और जर्मनी के बामबर्ग में J300 खिताब जीते हैं। पिछले साल उन्होंने नई दिल्ली में J300 टूर्नामेंट जीता था। पिछले महीने वह जापान के ओसाका में J500 टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक पहुंची थीं।
————————————-
स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें…
पाकिस्तान का टी-20 इंटरनेशनल में अपना दूसरा सबसे बड़ा स्कोर:श्रीलंका को 82 रन से हराया: माज सदाकत शतक से चूके; सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त

पाकिस्तान ने दूसरे टी-20 इंटरनेशनल में श्रीलंका को 82 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ पाकिस्तान ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। रविवार को टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करते हुए पाकिस्तान ने 20 ओवर में 3 विकेट पर 215 रन बनाए। यह टी-20 इंटरनेशनल में पाकिस्तान का दूसरा सबसे बड़ा स्कोर है। टीम का सर्वोच्च स्कोर 232/6 है, जो उसने 2021 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था। पूरी खबर
