Players of other sports are becoming fans of chess, Erling Haaland

  • Hindi News
  • Sports
  • Players Of Other Sports Are Becoming Fans Of Chess, Erling Haaland

लंदन32 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
मैनचेस्टर सिटी के स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड ने हाल ही में एक ग्लोबल चेस टूर में निवेश किया है। - Dainik Bhaskar

मैनचेस्टर सिटी के स्ट्राइकर अर्लिंग हालेंड ने हाल ही में एक ग्लोबल चेस टूर में निवेश किया है।

अर्लिंग हालेंड (फुटबॉल), विक्टर वेम्बान्यामा (बास्केटबॉल) और कार्लोस अल्कारेज (टेनिस) जैसे दुनिया के शीर्ष एथलीट्स में एक बात समान है- शतरंज के प्रति उनका गहरा जुनून। शतरंज का खेल भले ही फुटबॉल के आक्रामक खेल से बिल्कुल अलग हो, लेकिन रणनीति, योजना और समस्या-समाधान जैसे इसके गुण खिलाड़ियों को अपनी ओर खींच रहे हैं।

हाल ही में मैनचेस्टर सिटी के स्ट्राइकर हालेंड ने एक ग्लोबल चेस टूर में निवेश किया है। उनका मानना है कि यह बोर्ड गेम फुटबॉल की तरह ही है, जो दिमाग को तेज करता है और भविष्य की रणनीति बनाने में मदद करता है।

शतरंज का क्रेज कई खेलों के दिग्गजों में देखा जा रहा है। इंग्लैंड के डिफेंडर ट्रेंट अलेक्जेंडर-अर्नोल्ड ने पांच बार के वर्ल्ड चैम्पियन मैग्नस कार्लसन के खिलाफ मैच खेला था। वहीं, एबेरेची एजे ने चेस.कॉम का चार दिवसीय एमेच्योर टूर्नामेंट अपने नाम किया और करीब 18 लाख रुपए जीते।

लिवरपूल के स्टार मोहम्मद सालाह तो ऑनलाइन ‘ब्लिट्ज चेस’ (तेज गति वाला शतरंज) के इतने आदी हैं कि वे रोज गुमनाम प्रोफाइल से खेलते हैं। वेम्बान्यामा ने न्यूयॉर्क के एक पार्क में फैंस को शतरंज खेलने की चुनौती देकर सुर्खियां बटोरी थीं। इंग्लैंड की रग्बी टीम बाकायदा शतरंज की प्रतियोगिताएं आयोजित करती थी।

शीर्ष स्तर के खेलों में शारीरिक क्षमता के अलावा मानसिक मजबूती भी उतनी ही जरूरी है। इसमें शतरंज बहुत मददगार साबित होता है। वर्ल्ड नंबर-1 टेनिस प्लेयर कार्लोस अल्कारेज कहते हैं, ‘आपको यह अनुमान लगाना होता है कि विरोधी खिलाड़ी गेंद को कहां भेजेगा। आपको समय से पहले आगे बढ़ना होता है। शतरंज इसमें बहुत मदद करता है।’

शतरंज और फुटबॉल में काफी समानताएं हैं

फुटबॉल मैनेजर क्विके सेटिन के अनुसार, शतरंज और फुटबॉल में काफी समानताएं हैं। दोनों में मोहरे (या खिलाड़ी) आक्रमण और बचाव के लिए जुड़े होते हैं और बीच के हिस्से (सेंटर) पर दबदबा बनाना सबसे अहम होता है। ब्रिटिश चेस प्लेयर मैल्कम पेन का मानना है कि शतरंज खिलाड़ियों को खेल के तनाव से ‘स्विच ऑफ’ करने का मौका देता है। इसमें शांत रहना होता है; अगर भावनाएं हावी हुईं, तो हार तय है। बोरिस बेकर जब नोवाक जोकोविच के कोच थे, तो रणनीति सुधारने के लिए साथ में शतरंज खेला करते थे।

Source link

Leave a Comment