सिरसा निवासी अर्जुन अवार्डी सविता पूनिया अपने माता-पिता के साथ।
सिरसा जिले की रहने वाली अर्जुन अवार्ड से सम्मानित सविता पूनिया इस बार हॉकी वर्ल्ड कप क्वालीफाई नहीं खेलेगी। वह इस वक्त कैंप में भी हिस्सा नहीं ले रही। इस वर्ल्ड कप क्वालीफाई के लिए टीम खिलाड़ियों का चयन हो चुका है और खिलाड़ी अपनी तैयारी में जुटी हैं। य
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जानकारी के अनुसार, हॉकी वर्ल्ड कप लेकर बैंग्लोर में कैंप चल रहा है, जहां पर खिलाड़ियों को तैयारी करवाई जा रही है। पूरी टीम पिछले लंबे समय से तैयारी कर रही है। सविता ने भी पहले यहां पर ट्रेनिंग ली, पर अब इसमें हिस्सा नहीं ले रही। सविता पूनिया के पिता महेंद्र सिंह ने इसकी वजह परिवारिक कारण बताया है। अब सविता पूनिया इस माह के अंत तक कैंप में वापसी करेगी और एशियन गेम्स ही उनका लक्ष्य है।
ऐसे में एशियन गेम्स की तैयारी जल्द शुरू करेगी।
पदमश्री अवार्ड की सूची में नाम
हालांकि, सविता पूनिया का नाम पदमश्री अवार्ड की सूची में भी आ गया है। इसकी परिवार सहित गांव व पूरे जिले में खुशी मनाई गई। उनको राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाएगा। हाल ही में सविता सिरसा के जोधकां गांव स्थित अपने घर आई थी और परिवार के साथ पदमश्री अवार्ड का जश्न मनाया। गांव वालों ने भी सविता व उनके माता-पिता को बधाई दी। अब वापस दिल्ली चली गई।

अर्जुन अवार्ड विजेता सविता पूनिया।
ड्यूटी भी जरूरी, एशियन गेम्स टारगेट
इस बारे में सविता पूनिया के पिता महेंद्र सिंह ने भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, सविता पूनिया वर्ल्ड कप क्वालीफाई नहीं खेल रही। परिवारिक कारणों के चलते वह नहीं खेल रही और कुछ दिन के लिए आराम पर है। इस वक्त वह दिल्ली में अपनी ड्यूटी पर हैं और वहीं पर रहती है, ड्यूटी भी जरूरी है।
सविता अब 22-23 मार्च के बाद कैंप में भाग लेगी और एशियन गेम्स 2026 की तैयारी शुरू करेगी, एशियन गेम्स ही अब उसका टारगेट है। यह एशियन गेम्स सितंबर में होने हैं।
हॉकी में बेस्ट गोलकीपर रह चुकी
सविता पूनिया 18वें एशियन गेम्स में हॉकी में रजत पदक विजेता रही और बेस्ट गोलकीपर रह चुकी है। कुमारी सविता सिरसा जिले की बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ अभियान की ब्रांड एंबेसडर भी रही है। सविता को एशिया की ओर से बेस्ट गोलकीपर चुनी जा चुकी है। इसके अलावा टोक्यो ओलिंपिक 2020 में भी बेहतरीन गोलकीपर में द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया के नाम से मशहूर हुई थीं। इससे पहले अर्जुन अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
हॉकी प्री लीग में रांची में पिछली बार सूरमा टीम की ओर से लीग खेली। उसमें उनकी टीम विजेता रही थी और सविता को बेस्ट गोल कीपर से सम्मानित किया था। इस बार भी रांची में उनकी टीम खेली थी, पर विनर नहीं रही।

पिता हेल्थ विभाग से रिटायर्ड
पिता महेंद्र सिंह के अनुसार, कुमारी सविता पूनिया का जन्म 11 जून 1990 को सिरसा के जोधकां गांव में हुआ था। उनके पिता महेंद्र सिंह हेल्थ विभाग से फार्मासिस्ट के पद से रिटायर्ड है और डिंग में लंबे समय तक सेवाएं दी। उनकी माता लीलावती गृहिणी है। सविता का बड़ा भाई भविष्य आईटीआई में नॉन टीचिंग जॉब पर और भाभी एग्रीकल्चर विभाग सिरसा में कार्यरत है।
सविता की शादी साल 2021 में हरियाणा के सोनीपत के अंकित बल्हारा के साथ हुई है, उनके पति अंकित कनाडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं और पूरी फैमिली कनाडा में ही रहती है। ससुराल जाने के लिए उनको कनाडा ही जाना पड़ता है और बाकी समय खेल, ट्रेनिंग कैंप या मायके में गुजरता है।

सविता पूनिया अपने पति अंकित के साथ।
दादा को मानती है रोल मॉडल
सविता की पढ़ाई के साथ-साथ खेल में रूचि थी। वह अपने दादा रणजीत सिंह को रोल मॉडल मानती है। उनके दादा रणजीत सिंह ने सविता को हॉकी खेलने के लिए प्रेरित किया था। शुरू में साल 2003-2004 में सिरसा की अग्रसेन नर्सरी में बाद में भारतीय हॉकी प्राधिकरण के हिसार साईं सेंटर में खेलना शुरू किया। कोच आजाद सिंह मलिक के नेतृत्व में खेली।
साल 2007 में भारतीय सीनियर नेशनल हाकी कैंप के लिए सविता का चयन हुआ। इसके बाद साल 2011 में सविता की अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत हुई। हाइट लंबी और फुर्ती होने के कारण कोच ने उनको गोलकीपर के चुना था। ग्रामीण आंचल से शहर पहुंची और जिले का नाम राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया।