नई दिल्ली2 घंटे पहले
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यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन(UPSC) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन 4 फरवरी को जारी किया। इस नोटिफिकेशन में ही 40 गलतियां मिलीं।
नोटिफिकेशन में पेज 2 पर ‘Examination’ को ‘Examinaiton’ और ‘candidates’ को ‘cadidates’ लिखा गया है। वहीं, पेज 7 पर ‘Benchmark’ को ‘Bechmark’, ‘Functional’ को ‘Functinal’ और पेज 8 पर ‘Abbreviations’ की जगह ‘Abbriviations’ लिखा गया है।
सोशल मीडिया पर यूजर स्क्रीनशॉट शेयर कर आयोग को ट्रोल कर रहे हैं। उम्मीदवार पूछ रहे हैं कि अगर वे ऐसी गलती करें तो नंबर कटेंगे। एक्सपर्ट्स ने कहा कि प्रूफरीडिंग में चूक हुई है। फॉर्म भरते समय सावधानी बरतें।

आयोग के प्रोफेशनलिज्म पर सवाल
UPSC भारत सरकार की एक संवैधानिक संस्था है। देश के लिए योग्य और ईमानदार अधिकारियों को चुनने के लिए जिम्मेदार है। सिविल सेवा परीक्षा के जरिए भर्ती किए गए अधिकारी डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, SP और डिप्लोमैट जैसे कई पदों पर काम करते हैं।
आलोचकों का कहना है कि आधिकारिक नोटिफिकेशन में इतनी बेसिक स्पेलिंग और ग्रामर की गलतियों से कमीशन के काम में बारीकियों पर ध्यान और प्रोफेशनलिज्म पर सवाल उठते हैं।
सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग
यह नोटिफिकेशन जारी होते ही सोशल मीडिया पर आयोग की ट्रोलिंग शुरू हो गई। यूजर स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं और हर गलती बता रहे हैं। कई लोगों ने हैरानी जताई है कि दुनिया की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक करवाने वाले कमीशन ने एक ऑफिशियल डॉक्यूमेंट में इतनी गलतियां कैसे होने दीं।

आवेदन प्रक्रिया जारी
गलतियों के बावजूद, CSE 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है और यह 24 फरवरी, 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in के माध्यम से जारी रहेगी।
इसके तहत सिविल सेवा परीक्षा 2026 में 933 पोस्ट और भारतीय वन सेवा 2026 के लिए 80 पोस्ट हैं। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए आवेदन करते हैं।
2025 में, 10 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने आवेदन जमा किए थे। इनमें से 4,161 ने प्रीलिम्स पास किया, 2,736 इंटरव्यू स्टेज तक पहुंचे। इनमें से 979 का चयन हुआ।
UPSC सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद
उधर, नोटिफिकेशन के मुताबिक अब सिलेक्शन के बाद दोबारा परीक्षा देने की आजादी पहले जैसी नहीं रहेगी। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है।
वहीं, IAS और IFS को लेकर पुराने नियम जस के तस रखे गए हैं। चयनित अफसर को एक बार परफॉर्मेंस बेहतर करने का मौका मिलेगा।
जैसे किसी का 2026 में IPS में सिलेक्शन हुआ तो वह 2027 में परफॉर्मेंस बेहतर करने की परीक्षा देने का पात्र होगा। उसके बाद अगर वह परीक्षा देना चाहता है तो उसे सेवा से इस्तीफा देना होगा। पूरी खबर पढ़ें…
