IPL 2026 Auction Players Story; Kartik Sharma Mangesh Yadav Sakib Hussain | CSK RCB SRH | IPL 2026 मिनी ऑक्शन में संघर्ष से सफलता तक: रैन बसेरा में रातें,फटे जूते और किराए का कमरा: IPL तक पहुंचे 5 खिलाड़ियों की कहानी

4 मिनट पहले

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IPL मिनी ऑक्शन में कई गुमनाम भारतीय खिलाड़ियों ने बड़ी रकम हासिल की। इनमें कई खिलाड़ी ऐसे हैं जो जिंदगी में कई चुनौतियों को मात देकर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार जैसे राज्यों से निकल कर ऑक्शन में लखपति और करोड़पति बनने वाले ऐसे ही पांच होनहारों की कहानी आगे पढ़िए।

रेन बसेरा में रातें गुजारने वाला कार्तिक अब CSK में भरतपुर के कार्तिक शर्मा को IPL मिनी ऑक्शन में चेन्नई सुपर किंग्स ने 14.20 करोड़ रुपए में खरीदा। कार्तिक के पिता मनोज शर्मा ने बताया कि एक घरेलू टूर्नामेंट के दौरान ग्वालियर में पैसे खत्म हो जाने पर उन्हें बेटे के साथ रैन बसेरा में रहना पड़ा। एक दिन ऐसा भी आया जब दोनों को भूखे सोना पड़ा। बेटे के क्रिकेट करियर के लिए पिता ने दुकान बेच दी, कोल्ड ड्रिंक और पानी की सप्लाई की और ट्यूशन पढ़ाया। कार्तिक खुद भी क्रिकेट किट के खर्च के लिए बच्चों को ट्यूशन पढ़ाते थे।

कार्तिक शर्मा के स्वागत के लिए क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के साथ आम लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे।

कार्तिक शर्मा के स्वागत के लिए क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों के साथ आम लोग भी बड़ी संख्या में पहुंचे।

किराए के 10×10 कमरे से RCB तक पहुंचे मंगेश यादव मध्यप्रदेश के पांढुर्णा जिले के बोरगांव गांव के ऑलराउंडर मंगेश यादव को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 5.20 करोड़ रुपए में खरीदा। मंगेश का परिवार किराए के एक छोटे से कमरे में रहता है, जहां 6 सदस्य रहते हैं। पिता राम अवध यादव ट्रक ड्राइवर हैं। उन्होंने बताया कि ऑक्शन के बाद मंगेश का फोन आया, वह खुशी से रो रहा था। 12वीं के बाद पढ़ाई छोड़ चुके मंगेश ने क्रिकेट को ही अपना रास्ता चुना।

फटे जूते पहनकर रणजी खेलने वाला साकिब अब SRH में बिहार के गोपालगंज के साकिब हुसैन को सनराइजर्स हैदराबाद ने 30 लाख रुपए में खरीदा। साकिब के बड़े भाई के मुताबिक, रणजी ट्रॉफी में चयन के वक्त उनके पास खेलने के लिए जूते तक नहीं थे। साकिब ने फटे जूते पहनकर मैच खेले। पिता पहले विदेश में मजदूरी करते थे, अब गांव में खेती करते हैं। परिवार चाहता था कि साकिब आर्मी में जाए, लेकिन मेहनत और खेल ने उसे IPL तक पहुंचा दिया।

अपने माता-पिता के साथ साकिब।

अपने माता-पिता के साथ साकिब।

मजदूरी करते थे, अब पंजाब किंग्स में

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के 22 वर्षीय स्पिनर विशाल निषाद को पंजाब किंग्स ने 30 लाख रुपए में टीम में शामिल किया।विशाल के पिता उमेश निषाद राजमिस्त्री हैं। आर्थिक तंगी के कारण विशाल भी मजदूरी करता था। कोच कल्याण सिंह ने उसकी स्पिन गेंदबाजी को पहचानकर उसे प्रोफेशनल ट्रेनिंग दी।

पिता डॉक्टर बनाना चाहते थे, बेटा बना क्रिकेटर

जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के तेज गेंदबाज आकिब नबी डार को दिल्ली कैपिटल्स ने 8.40 करोड़ रुपए में खरीदा।पिता गुलाब नबी डार के मुताबिक, वे बेटे को डॉक्टर बनाना चाहते थे। आकिब ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा दी, लेकिन चयन नहीं हुआ। इसके बाद उसने क्रिकेट को ही अपना लक्ष्य बना लिया।आकिब पढ़ाई में भी अव्वल रहा और 12वीं के बाद क्रिकेट पर पूरी तरह फोकस किया।

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