511 officers and personnel engaged for the examination of 255 candidates | ऐसा पहली बार हुआ…255 कैंडिडेट्स का एग्जाम,511 अफसर-कर्मचारी लगाए: RPSC को खर्च करने पड़े 20 लाख से ज्यादा रुपए,चेतावनी के बाद 6 हजार फॉर्म विड्रॉ – Ajmer News

राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने रविवार को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमांडेंट पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की, जो पहली बार इतने बड़े पैमाने पर हुई। इस परीक्षा में कुल 255 उम्मीदवार शामिल हुए, जबकि इसके लिए 17 परीक्षा केंद्र बनाए गए और 511 अध

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इस साल परीक्षा के लिए शुरुआत में 4,221 उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन बड़ी संख्या में कैंडिडेट गैरहाजिर रहे।

आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक (IAS) आशुतोष गुप्ता ने बताया कि आयोग के नियमों के अनुसार, 255 उम्मीदवारों के लिए सिर्फ एक केंद्र पर्याप्त होता, जहां केवल 36 कर्मचारियों की जरूरत पड़ती और खर्च मात्र 1.25 लाख रुपए होता।

भर्ती परीक्षाओं में आवेदन फीस न होने के कारण लोग बिना सोचे-समझे फॉर्म भर रहे हैं, जिससे न सिर्फ पैसा बल्कि समय और मानव संसाधनों का भी दुरुपयोग हो रहा है। इसे रोकने के लिए आरपीएससी ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है, लेकिन यह अभी पेंडिंग है।

परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था कैसी होती है?

  • प्रत्येक केंद्र पर एक सेंटर इंचार्ज,जिला प्रशासन की ओर से नियुक्त एक ऑब्जर्वर, एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, दो लिपिक या अन्य सहयोगी होते हैं।
  • हर रूम में 24 कैंडिडेट्स की सिटिंग का अरेंजमेंट होता है, और उसमें दो एक्जामिनर लगाए जाते हैं।
  • हर तीन केंद्रों पर एक डिप्टी कोऑर्डिनेटर, हर छह केंद्रों पर एक फ्लाइंग स्क्वाड (आरएएस अधिकारी, आरपीएस अधिकारी, शिक्षा विभाग का अधिकारी और ड्राइवर सहित)।
  • इसके अलावा आयोग का अलग स्टाफ कार्यरत रहता है।
अजमेर के 17 सेंटर पर रविवार को यह एग्जाम हुआ और इसमें 4221 में से केवल 255 कैंडिडेट्स शामिल हुए।

अजमेर के 17 सेंटर पर रविवार को यह एग्जाम हुआ और इसमें 4221 में से केवल 255 कैंडिडेट्स शामिल हुए।

मार्च 2025 में निकाली वैकेंसी

RPSC ने 18 मार्च 2025 को गृह रक्षा विभाग में डिप्टी कमाडेंट के 4 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया। इसके लिए 24 मार्च से 22 अप्रेल 2025 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए थे।

वैकेंसी में आवेदन करने के लिए केवल सेना के कैप्टन स्तर के सेवानिवृत्त/त्यागपत्र देने वाले भूतपूर्व अधिकारी अथवा इमरजेंसी व शॉर्ट सर्विस कमीशन से मुक्त/विमुक्त कैंडिडेट्स ही योग्य थे।

बिना योग्यता बड़ी संख्या में भरे फॉर्म

फिर भी, बिना योग्यता वाले कई लोगों ने आवेदन किए। कुल 10 हजार से ज्यादा आवेदन आए, जिनकी जांच में कई अयोग्य पाए गए। इन्हें फॉर्म वापस लेने का मौका दिया गया।

आयोग ने फॉर्म विड्रो नहीं करने पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 217 के अन्तर्गत कार्रवाई करने की चेतावनी दी। विज्ञापन के अनुसार योग्यताधारी अभ्यर्थियों को भी अपना सेवानिवृत्ति प्रमाण-पत्र ऑनलाइन आवेदन पत्र के साथ अपलोड करने के निर्देश दिए। इसके बाद करीब छह हजार कैंडिडेट्स ने आवेदन फॉर्म विड्रो कर लिए।

भर्ती के लिए योग्य न होने के बाद भी अनेक अयोग्य अभ्यर्थियों ने इस पद के लिए आवेदन किया। करीब 10 हजार से ज्यादा ऑनलाइन आवेदन प्राप्त होने पर प्राप्त आवेदनों की आयोग की ओर से जांच की गई।

जांच में पाया कि बिना योग्यता भी कई कैंडिडेट्स ने आवेदन फॉर्म भर दिए। बिना योग्यता आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स को अपना ऑनलाइन आवेदन पत्र विड्रॉ करने का अवसर दिया।

गत दिनों आयोग अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने प्रेस वार्ता में बताया था कि कैंडिडेट्स से शुल्क वसूली का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इस दौरान आयोग सचिव रामनिवास मेहता, मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता भी मौजूद थे।

गत दिनों आयोग अध्यक्ष उत्कल रंजन साहू ने प्रेस वार्ता में बताया था कि कैंडिडेट्स से शुल्क वसूली का प्रस्ताव सरकार को भेजा है। इस दौरान आयोग सचिव रामनिवास मेहता, मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता भी मौजूद थे।

सरकार को प्रस्ताव भेज चुकी RPSC

आरपीएससी ने सरकार को सलाह दी है कि हर आवेदन पर शुल्क लिया जाए, लेकिन परीक्षा में उपस्थित होने वालों का शुल्क वापस कर दिया जाए। गैरहाजिर रहने वालों का शुल्क नहीं लौटाया जाएगा। यह प्रस्ताव अभी सरकार के पास विचाराधीन है।

आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक (IAS) आशुतोष गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक उम्मीदवार पर औसतन 400-500 रुपए खर्च होते हैं, जिसमें पेपर छपाई, वितरण, केंद्र व्यवस्था, पर्यवेक्षक और जांच शामिल है। अनुपस्थिति से यह सब व्यर्थ जाता है।

राज्य सरकार की वन टाइम रजिस्ट्रेशन (ओटीआर) व्यवस्था में एक बार शुल्क देकर बार-बार आवेदन किए जा सकते हैं, जिससे बेवजह फॉर्म भरे जा रहे हैं। जांच में पाया गया कि बिना योग्यता वाले भी बड़ी संख्या में आवेदन कर रहे हैं।

आरपीएससी की अन्य परीक्षाओं, जैसे आरएएस प्री,में भी औसतन आधे उम्मीदवार गैरहाजिर रहते हैं, लेकिन सभी के लिए व्यवस्था करनी पड़ती है।

एग्जाम में ऐबसेंट रहने वाले कैंडिडेट्स के कारण करोड़ों रुपए की बरबादी के साथ समय व मानवीय संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है।

एग्जाम में ऐबसेंट रहने वाले कैंडिडेट्स के कारण करोड़ों रुपए की बरबादी के साथ समय व मानवीय संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है।

RAS-PRE परीक्षाओं में उपस्थिति…

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित किए जाने वाले भर्ती एग्जाम में आवेदन करने वाले कैंडिडेट्स में से औसतन आधे एग्जाम में शामिल नहीं होते। लेकिन आयोग को आवेदन करने वाले सभी कैंडिडेट्स के लिए व्यवस्थाएं करनी पड़ती है। राजस्थान के सबसे बडे़ पद के लिए होने वाले एग्जाम में भी यही हाल है।

परीक्षा व वर्ष कैंडिडेट्स ने भरे फॉर्म परीक्षा में शामिल कैंडिडेट्स ये रही उपस्थिति प्रतिशत
आरएएस-2021 6,48,000 3,20,034 49.37
आरएएस-2023 6,96,969 4,57,957 65.71
आरएएस-2024 6,75,080 3,75, 657 55.65

मॉडल आंसर की जारी, कल से दर्ज कराएं आपत्ति

राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से डिप्टी कमांडेंट परीक्षा-2025 की मॉडल आंसर-की जारी कर दी गई है। आयोग के मुख्य परीक्षा नियंत्रक आशुतोष गुप्ता ने बताया कि इस परीक्षा का आयोजन 11 जनवरी 2026 को किया गया था। यदि किसी भी अभ्यर्थी को इस मॉडल आंसर-की पर कोई आपत्ति हो तो निर्धारित शुल्क के साथ 14 से 16 जनवरी 2026 को रात्रि 12 बजे तक अपनी आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करवा सकता है। आयोग द्वारा प्रत्येक प्रश्न के लिए आपत्ति शुल्क 100 रुपए (सेवा शुल्क अतिरिक्त) निर्धारित किया गया है।

इस साल होने वाले एग्जाम…(RPSC की ओर से जारी किया कैलेंडर)

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राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) ने सहायक आचार्य (कॉलेज शिक्षा विभाग) परीक्षा-2025 के 10 विषयों की मॉडल आंसर-की जारी की है। इन विषयों में जूलॉजी, म्यूजिक (वोकल), संस्कृत, उर्दू, लॉ, केमिस्ट्री, बॉटनी, इकोनॉमिक्स, होम साइंस और ईएएफएम शामिल हैं। अभ्यर्थी इन पर आपत्ति आज रात 12 बजे (12 जनवरी 2026) तक ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। (पूरी खबर पढ़ें)

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