रोहतक के नेशनल मेडलिस्ट पूर्व रेसलर अमित श्योराण (31) को नशा तस्करी में गिरफ्तार किया गया है। ये कार्रवाई दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रॉन्च और झारखंड पुलिस ने संयुक्त रूप से की। पूछताछ में उसने बताया कि दिल्ली और हरियाणा के अखाड़ों में पहलवानों को अफीम सप्लाई करता था। झारखंड के राजेश नाग से उसे ये अफीम मिलती थी। इससे पहले झारखंड पुलिस राजेश नाग को भी गिरफ्तार कर चुकी है। अमित 2013 में नेशनल कैडेट कुश्ती प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज मेडल जीत चुका है। इसके बाद कुश्ती छोड़कर नशे के धंधे में उतर गया। उस पर झारखंड के धुर्वा थाने में NDPS एक्ट में मामला दर्ज है, 6 दिसंबर 2023 को अपराधी घोषित किया गया। कोर्ट से भगोड़ा घोषित करने के बाद ही पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमित श्योराण पर 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस ने मेट्रो स्टेशन से दबोचा पुलिस अधिकारियों का कहना है कि क्राइम ब्रांच से अमित के रानीबाग-पीतमपुरा एरिया से आने की सूचना मिली थी। यहां वह अपने किसी रिश्तेदार से मिलने वाला था। इसके बाद 18 अगस्त की रात करीब 10 बजे मधुबन चौक मेट्रो स्टेशन के पास उसकी घेराबंदी की गई। अमित के वहां पहुंचते ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया, दिल्ली पुलिस ने अब उसे झारखंड पुलिस को सौंप दिया है। अब जानिए…अमित के ड्रग नेटवर्क से जुड़ने की कहानी अमित ने 2008 में कुश्ती शुरू की: अमित का जन्म 1994 में रोहतक के एक साधारण परिवार में हुआ था। 14 साल की उम्र में 2008 में कुश्ती शुरू की थी। इसके बाद कई साल लगातार प्रैक्टिस की और कई स्टेट व नेशनल लेवल की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। नेशनल लेवल पर ब्रॉन्ज मेडल जीता: पुलिस पूछताछ में सामने आया, अमित 2013 में कन्याकुमारी में हुई नेशनल कैडेट रेसलिंग चैंपियनशिप में तीसरा स्थान हासिल किया था। इसके बाद कुछ सालों तक उसने कुश्ती जारी रखी। फिर दिल्ली के बार और नाइट क्लब में बाउंसर की नौकरी करने लगा। रांची में नशा तस्करों की जुड़ा: पुलिस के अनुसार, इसके बाद अधिक पैसा कमाने के लालच में ड्रग सप्लाई नेटवर्क से जुड़ गया। इस धंधे में वो पहले रंजीत नाम के व्यक्ति के संपर्क में आया। रंजीत ने उसे रांची में अफीम तस्करों से मिलवाया। यहां से उसने अफीम खरीदकर हरियाणा, दिल्ली के अखाड़ों में सप्लाई की। अमित का साथी गिरफ्तार हो चुका: सूत्रों की मानें तो ये अफीम उसे तस्कर राजेश नाम से मिलती थी, मामले में 20 अप्रैल 2023 को राजेश को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। उसके पास से 492 ग्राम अफीम मिली थी। वहीं, अमित पर हत्या, हत्या की साजिश, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े 6 आपराधिक मामले दर्ज हैं। स्टैमिना बढ़ाने के लिए अफीम लेते थे पहलवान अमित से पुलिस पूछताछ के दौरान सामने आया है कि रोहतक और दिल्ली के नामी अखाड़ों में प्रशिक्षण के दौरान कई पहलवान अपनी क्षमता और प्रैक्टिस का समय बढ़ाने के लिए अफीम का सेवन करते थे। पूछताछ में यह भी बताया, स्टेट और नेशनल लेवल पर मेडल जीतने के बाद भी उसका रेलवे में नौकरी पाने सपना अधूरा रह गया। जिसके बाद इन अखाड़ों में अफीम सप्लाई की।
Source link
