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सिंधु 2021 के बाद बैडमिंटन वर्ल्ड टूर फाइनल्स खेलेंगी:जापान और हाइलो ओपन जीतकर बनाई जगह, टूर्नामेंट 9 से 13 दिसंबर तक


भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालिफाई कर लिया है। यह टूर्नामेंट 9 से 13 दिसंबर तक चीन के होंगझोउ में खेला जाएगा। सिंधु 2021 के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में खेलेंगी। वे 2021 में इसकी उपविजेता रही थीं। 2022 में भी सिंधु ने क्वालिफाई किया था, लेकिन बाएं टखने में स्ट्रेस फ्रैक्चर के कारण नाम वापस लेना पड़ा। इसके बाद वे 2023 से 2025 तक इस टूर्नामेंट में नहीं खेलीं। विमेंस सिंगल्स में 8 खिलाड़ियों को जगह मिलती है विमेंस सिंगल्स में 8 खिलाड़ियों को जगह मिलती है। इनमें से सिंधु समेत 5 खिलाड़ी क्वालिफाई कर चुकी हैं। साउथ कोरिया की एन से-युंग, जापान की अकाने यामागुची और चीन की वांग झी यी और चेन यू फेई ने भी जगह पक्की कर ली है। बाकी 3 स्थानों के लिए 6 खिलाड़ियों के बीच मुकाबला है। इस सीजन 2 खिताब और एक फाइनल के दम पर बनाई जगह सिंधु ने 2026 में अब तक शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने जुलाई में जापान ओपन का खिताब जीता। 19 जुलाई को खेले गए फाइनल में सिंधु ने जापान की अकाने यामागुची को 21-17, 21-17 से हराया। इसके बाद अक्टूबर में वे फ्रेंच ओपन के फाइनल में पहुंचीं। हालांकि, खिताबी मुकाबले में उन्हें एन से-युंग के खिलाफ 21-16, 11-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। सिंधु ने इसके एक हफ्ते बाद जर्मनी में हाइलो ओपन का खिताब जीतकर वापसी की। उन्होंने फाइनल में डेनमार्क की लाइन हजमार्क क्यार्सफेल्ड को 39 मिनट में 21-12, 21-14 से हराया। हाइलो ओपन में एक भी गेम नहीं गंवाया सिंधु ने हाइलो ओपन में लगातार 5 मैच जीते और पूरे टूर्नामेंट में एक भी गेम नहीं गंवाया। दूसरी वरीयता प्राप्त सिंधु ने सेमीफाइनल में भारत की अनमोल खरब को 21-13, 21-16 से हराया था। इसके बाद फाइनल में आठवीं वरीयता प्राप्त क्यार्सफेल्ड को सीधे गेम में मात दी। इस सुपर 500 टूर्नामेंट का खिताब जीतने पर सिंधु को 9,200 रैंकिंग पॉइंट मिले। जापान ओपन और हाइलो ओपन के खिताब के साथ फ्रेंच ओपन के फाइनल तक पहुंचने से उनकी क्वालिफिकेशन मजबूत हुई। वर्ल्ड रैंकिंग में छठे और टूर रेस में पांचवें नंबर पर ताजा BWF वर्ल्ड रैंकिंग में सिंधु 74,421 पॉइंट के साथ छठे स्थान पर हैं। दिसंबर 2022 के बाद यह उनकी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए अलग रेस रैंकिंग होती है। इसमें सिंधु 81,060 पॉइंट के साथ पांचवें स्थान पर हैं। नियमित वर्ल्ड रैंकिंग में पिछले 52 हफ्तों का प्रदर्शन गिना जाता है, जबकि वर्ल्ड टूर रेस में मौजूदा सीजन के सर्वश्रेष्ठ 14 टूर्नामेंट के पॉइंट शामिल होते हैं। एक देश से अधिकतम 2 खिलाड़ी क्वालिफाई कर सकते हैं। सिंधु बोलीं- जीत से मिला आत्मविश्वास हाइलो ओपन का खिताब जीतने के बाद सिंधु ने कहा था, “इस जीत से मुझे काफी बढ़ावा और बहुत सारा आत्मविश्वास मिला है।” होंगझोउ में होने वाले वर्ल्ड टूर फाइनल्स की कुल इनामी राशि 35 लाख डॉलर (करीब 29 करोड़ रुपए) है। 8 खिलाड़ियों को 4-4 के दो ग्रुप में बांटा जाएगा। राउंड रॉबिन मुकाबलों के बाद हर ग्रुप की टॉप-2 खिलाड़ी सेमीफाइनल में पहुंचेंगी। सिंधु अब 8 साल बाद दूसरी बार यह खिताब जीतने के इरादे से उतरेंगी। —————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… बैडमिंटन खिलाड़ियों ने अपने खर्च पर खेले 4 टूर्नामेंट:SAI ने फंडिंग रोकी, पीवी सिंधु और लक्ष्य सेन ने खिताब जीतकर दिया जवाब भारत के बैडमिंटन खिलाड़ियों को अक्टूबर में यूरोप के चार टूर्नामेंट खेलने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने पड़े। उन्हें टूर्नामेंट से कुछ दिन पहले पता चला कि इस दौरे के लिए सरकारी मदद नहीं मिलेगी। इसके बाद खिलाड़ियों ने यात्रा, खाने और होटल में रुकने का खर्च खुद उठाया। बजट की कमी के कारण कुछ खिलाड़ी अपने निजी कोच को भी साथ नहीं ले जा सके। पूरी खबर

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