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फॉर्मूला-1 की रेस देखते समय हमारी नजर आमतौर पर ड्राइवर की स्पीड, ओवरटेक या आखिरी लैप पर टिक जाती है। लगता है कि जीत उसी की होगी जिसकी कार सबसे तेज होगी या जिसका ड्राइवर सबसे बेहतर होगा। लेकिन आज की फॉर्मूला-1 में एक और खिलाड़ी है, जो ट्रैक पर दिखाई नहीं देता। उसका नाम है- डेटा। इसी डेटा ने मर्सिडीज-एएमजी पेट्रोनास को दुनिया की सबसे मजबूत तकनीकी टीमों में शामिल कर दिया है। रेस शुरू होते ही मर्सिडीज की हर कार सिर्फ दौड़ती नहीं, बल्कि लगातार ‘बोलती’ भी रहती है। कार में लगे करीब 300 सेंसर हर सेकंड 10 लाख से ज्यादा जानकारी टीम तक भेजते हैं। इंजन कितना गर्म है, टायर कितने घिस चुके हैं, ब्रेक कितने दबाव में हैं, ईंधन कितनी तेजी से खर्च हो रहा है, ड्राइवर कब एक्सिलरेटर दबा रहा है और कब ब्रेक लगा रहा है… हर छोटी-बड़ी चीज लगातार रिकॉर्ड होती रहती है। ट्रैक पर ड्राइवर स्टीयरिंग संभाल रहा होता है, लेकिन सैकड़ों किलोमीटर दूर कंट्रोल रूम में इंजीनियर इन आंकड़ों को पढ़ रहे होते हैं। कई बार इन्हीं आंकड़ों से कुछ सेकंड में फैसला लिया जाता है कि ड्राइवर को पिट स्टॉप के लिए बुलाना है या नहीं, टायर बदलने हैं या नहीं, या फिर रणनीति पूरी तरह बदलनी है। यही कुछ सेकंड पूरी रेस का नतीजा बदल सकते हैं। मर्सिडीज के आईटी डायरेक्टर माइकल टेलर 25 साल से टीम के साथ हैं। उनका मानना है कि पहले जीत का पैमाना सिर्फ स्टॉपवॉच थी, लेकिन अब कार के लगभग हर हिस्से को मापा जाता है। उनका सीधा-सा सिद्धांत है- जिस चीज को मापा जा सकता है, उसे बेहतर भी बनाया जा सकता है। हालांकि रेस के दौरान कार से लाइव डेटा भेजने की शुरुआत नई नहीं है। फॉर्मूला-1 में यह तकनीक 1980 के दशक से मौजूद है। ब्रिटेन के ब्रैक्ली में बने मर्सिडीज के विशाल टेक्नोलॉजी कैंपस में यही आंकड़े नई कारों का डिजाइन तय करते हैं। कौन-सा पार्ट बेहतर होगा, कहां वजन कम करना है, हवा का असर कैसे घटाना है और अगली रेस में क्या बदलाव करने हैं, लगभग हर फैसला डेटा के आधार पर लिया जाता है। अब इस खेल में एआई भी उतर चुका है। मर्सिडीज मशीन लर्निंग और एआई की मदद से प्रोडक्शन प्लानिंग, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और दूसरे तकनीकी काम आसान बना रही है। फिर भी टीम पूरी तरह मशीनों पर भरोसा नहीं करती। अंतिम फैसला आज भी इंसान ही लेता है। तकनीक सलाह देती है, लेकिन जिम्मेदारी इंसान की रहती है। यही वजह है कि मर्सिडीज ने 2014 से 2021 तक लगातार आठ कंस्ट्रक्टर्स चैम्पियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया। इसी दौरान लुईस हैमिल्टन ने टीम के साथ छह बार ड्राइवर्स वर्ल्ड चैम्पियन बनने का गौरव हासिल किया। मौजूदा सीजन में भी मर्सिडीज 333 अंक लेकर कंस्ट्रक्टर्स चैम्पियनशिप में टॉप पर है। उसके ड्राइवर किमी एंटोनेली (179 अंक) पहले और जॉर्ज रसेल (154) दूसरे नंबर पर हैं।
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मर्सिडीज की 8 कंस्ट्रक्टर्स जीत और हैमिल्टन के 6 खिताब:300 सेंसर और एआई तकनीक से मर्सिडीज बनी फॉर्मूला-1 की सबसे सफल टीम

