टी-20 वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले का मतलब भारत का दबदबा। आखिर जो टीम 8 में से 7 बार जीतेगी उसका पलड़ा भारी कहा ही जाएगा। भारत 7-1 से आगे है। तो फिर इस मैच की इतनी हाइप क्यों होती है? जब एक टीम इतना आगे है तो फिर यह मुकाबला रोमांचक क्यों बन जाता है? इसकी दो वजहें हैं। एक तो यह कि दोनों देशों के संबंध हमेशा खराब रहे हैं। इसलिए दो दुश्मनों के बीच मैच का हाइप अपने आप बन जाता है। दूसरी वजह यह है कि नतीजे भले ज्यादातर भारत के पक्ष में आए हों लेकिन मुकाबले काफी नजदीकी होते रहे हैं। स्टोरी में आगे हम टी-20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए हर मैच की संक्षिप्त कहानी जानेंगे। साथ ही यह भी समझने की कोशिश करेंगे कि इस बार कैसा खेल देखने को मिल सकता है।
2007 में दो बार भिड़ंत, दोनों में दर्शकों की सांसें थम गई थी
2007 में पहली बार टी-20 वर्ल्ड हुआ। साउथ अफ्रीका में हुए इस टूर्नामेंट में दो बार भारत-पाकिस्तान की भिड़ंत हुई। पहली बार लीग मैच में मुकाबला हुआ। यह टाई रहा था। भारत ने बॉल आउट में जीत हासिल की। तब सुपर ओवर नहीं होते थे। पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी, भारत ने 9 विकेट के नुकसान पर 141 रन बनाए। पाकिस्तान भी दूसरी पारी में 141 रन ही बना सका और मैच टाई हो गया। इसके बाद बॉल आउट हुआ। इसमें भारत की ओर से रॉबिन उथप्पा, हरभजन सिंह और वीरेंद्र सहवाग ने स्टंप हिट किए। पाकिस्तान के तीन गेंदबाज निशाना चूक गए थे। इसके बाद फाइनल में भी भारत-पाकिस्तान टक्कर हुई। इस बार भारत ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी और 5 विकेट पर 157 रन बनाए। पाकिस्तान टीम स्कोर के करीब पहुंची, लेकिन 19.3 ओवर में 152 रन पर ऑलआउट हो गई। 2012 से 2022 तक चेज करने वाली टीम ही जीती
2012 में कोलंबो के मैदान पर पाकिस्तान ने टॉस जीतकर बैटिंग चुनी, लेकिन टीम 19.4 ओवर में 128 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। भारत ने विराट कोहली की फिफ्टी की मदद से 17 ओवर में ही 2 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। यह मैच एकतरफा साबित हुआ था। 2014 में मीरपुर के मैदान पर भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। पाकिस्तान 7 विकेट पर 130 रन ही बना सका। भारत ने 18.3 ओवर में 3 विकेट के नुकसान पर आसानी से टारगेट हासिल कर लिया। यह मैच भी एकतरफा था। 2016 में कोलकाता के मैदान पर भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। बारिश के कारण मैच 18-18 ओवर का हुआ, पाकिस्तान ने 5 विकेट पर 118 रन बनाए। भारत ने 15.5 ओवर में 4 विकेट खोकर मैच जीत लिया। 2021 में दुबई के मैदान पर पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। भारत 7 विकेट खोकर 151 रन ही बना सका। पाकिस्तान ने 17.5 ओवर में बगैर नुकसान के ही टारगेट हासिल कर लिया। मोहम्मद रिजवान और बाबर आजम ने रिकॉर्ड 152 रन की पार्टनरशिप कर दी। 2022 में मेलबर्न के मैदान पर भारत ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। पाकिस्तान ने 8 विकेट पर 159 रन बनाए। भारत ने 31 रन पर ही 4 विकेट गंवा दिए, यहां से हार्दिक पंड्या और विराट कोहली ने पारी संभाली। कोहली ने 82 रन बनाए और भारत को आखिरी बॉल तक चले मुकाबले में 4 विकेट से जीत दिला दी। 2024 में भी आखिरी गेंद तक चली फाइट
2024 में न्यूयॉर्क के मैदान पर पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। भारत 19 ओवर में 119 रन पर ऑलआउट हो गया। भारत वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ लगातार दूसरी हार की कगार पर था। जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या ने गेंदबाजी में कमबैक कराया और पाकिस्तान को 113 रन ही बनाने दिए। 159 रन पहली पारी का हाईएस्ट स्कोर
दोनों के बीच अब तक हुए 8 वर्ल्ड कप मुकाबलों में 159 रन पहली पारी का हाईएस्ट स्कोर रहा, जो पाकिस्तान ने 2022 में मेलबर्न के मैदान पर बनाया। हालांकि, भारत ने इसे चेज कर लिया था। दोनों के बीच 118 रन सबसे छोटा स्कोर रहा, जो पाकिस्तान ने 2016 में बनाया। यह मैच बारिश के कारण 18-18 ओवर का किया गया था। चेज करने वाली टीमों का सक्सेस रेट 75%
भारत और पाकिस्तान की टीमें टी-20 इंटरनेशनल में अब तक 16 बार ही आमने-सामने हुईं। यानी इनके बीच इस फॉर्मेट में जितने मैच हुए हैं, आधे वर्ल्ड कप में खेले गए हैं। इन 16 मैचों में 13 बार भारत को जीत मिली है। पाकिस्तान सिर्फ तीन बार नतीजा अपने नाम कर पाया है। वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ टीम इंडिया ने 3 मैच पहले बैटिंग करते हुए और 4 मैच पहले बॉलिंग करते हुए जीते। पाकिुस्तान को इकलौती जीत 2021 में बाद में बैटिंग करते हुए मिली थी। इस बार क्या उम्मीद?
भारत और पाकिस्तान इस बार कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में भिड़ने वाले हैं। दोनों टीमें यहां 2012 के वर्ल्ड कप में भी भिड़ चुकी है। तब पहले बैटिंग करते हुए पाकिस्तान 128 रन ही बना सका। भारत ने 17 ओवर में ही टारगेट हासिल कर लिया। विराट कोहली ने 78 रन बनाने के साथ 1 विकेट भी लिया था। भारत के स्पिनर्स ने तब 4 विकेट लिए थे। इस बार भी स्पिनर्स को मदद देने वाली पिच मुमकिन है। हो सकता है स्पिन कॉन्टेस्ट : दोनों टीमों में से जिस टीम के स्पिनर बेहतर कर गए वह टीम हावी हो सकती है। भारत के पास वरुण चक्रवर्ती, अक्षर पटेल और कुलदीप यादव हैं तो पाकिस्तान की ओर से शादाब खान, मोहम्मद नवाज, उस्मान तारिक और अबरार अहमद के साथ पार्ट टाइम स्पिनर सईम अयूब भी हैं। टीम बैलेंस को देखते हुए भारत ज्यादा से ज्यादा तीन स्पिनर उतार सकता है। वहीं पाकिस्तान की टीम पांचों स्पिनर को प्लेइंग-11 में शामिल कर सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि भारतीय स्पिनर्स में सिर्फ अक्षर पटेल ऑलराउंडर हैं। दूसरी ओर पाकिस्तान के तीन स्पिनर शादाब खान, सईम अयूब और मोम्मद नवाज ऑलराउंडर हैं। पहले बैटिंग फायेदमंद: भले ही भारत और पाकिस्तान के बीच टी-20 फॉर्मेट में 75% मैचों में बाद में बैटिंग करने वाली टीम जीती है प्रेमदासा स्टेडियम में टॉस जीतने वाला कप्तान पहले बैटिंग कर सकता है। इस वर्ल्ड कप में अब तक यहां 3 मैच खेले गए। हर बार पहले बैटिंग करने वाली टीम को ही जीत मिली। जिम्बाब्वे ने भी ऑस्ट्रेलिया को पहले बैटिंग करते हुए ही हराया। इसलिए पहले बैटिंग करना ही फायदेमंद होगा।
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