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पूर्व सिलेक्टर बोले- शमी को न्यूजीलैंड सीरीज में मौका मिले:प्रसाद ने कहा- विंडीज के खिलाफ बुमराह की कमी खली, भुवी का चयन सही


पूर्व चीफ सिलेक्टर एमएसके प्रसाद ने भारतीय टेस्ट और वनडे टीम में तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी की वापसी की वकालत की है। उन्होंने भुवनेश्वर कुमार की टीम इंडिया में वापसी का सपोर्ट भी किया। प्रसाद ने कहा कि भुवनेश्वर ने पिछले दो IPL सीजन में 45 विकेट लिए हैं। जबकि, शमी ने नए रणजी ट्रॉफी सीजन में दिल्ली के खिलाफ चार विकेट लेकर अपनी फिटनेस और फॉर्म साबित की है। भारत का न्यूजीलैंड दौरा ऑल-फॉर्मेट है। टी20 टीम घोषित हो चुकी है, जबकि वनडे और टेस्ट टीम का ऐलान बाकी है। 6 अक्टूबर को टी-20 टीम में भुवनेश्वर कुमार को मौका दिया गया है। भारत का न्यूजीलैंड दौरा 22 अक्टूबर से शुरू होगा। शमी को न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया सीरीज में मौका देना चाहिए बंगाल के इस तेज गेंदबाज ने नए रणजी ट्रॉफी सीजन की शुरुआत दिल्ली के खिलाफ चार विकेट लेकर की। शमी ने इस मैच में 17.3 ओवर गेंदबाजी की। प्रसाद बोले- भुवनेश्वर टीम में जगह पाने के हकदार थे प्रसाद ने कहा, ‘यह शानदार चयन है। पिछले तीन-चार IPL सीजन में 72 विकेट लेने वाला खिलाड़ी टीम में जगह पाने का पूरा हकदार है।’ भुवनेश्वर ने 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के लिए 17 विकेट लिए थे। 2026 सीजन में उन्होंने 28 विकेट लिए। इस तरह दोनों सीजन में उनके कुल 45 विकेट रहे। उनके प्रदर्शन की मदद से RCB ने लगातार दो IPL खिताब जीते। भुवनेश्वर ने भारत के लिए आखिरी टी-20 मैच नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था। उनकी वापसी ऐसे समय हुई है, जब उनका अंतरराष्ट्रीय करियर लगभग खत्म माना जा रहा था। मैं भुवनेश्वर को वनडे टीम में नहीं देखता हूं- प्रसाद प्रसाद को वनडे में भुवनेश्वर के भविष्य को लेकर भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे ज्यादा उपयोगिता टी-20 क्रिकेट में है। प्रसाद ने कहा, ‘मैं भुवी को वनडे फॉर्मेट में नहीं देखता। वह टी-20 फॉर्मेट तक रहेंगे। उनमें जो क्लास है, उसके कारण वह अब भी खेल सकते हैं।’ ——————————————————— क्रिकेट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… गावस्कर बोले- इंटरनेशनल क्रिकेट में भी फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम हो, कहा- रणजी में भी प्लेट और एलीट टीमों के रिकॉर्ड अलग हों दिग्गज क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने इंटरनेशनल क्रिकेट में फुटबॉल जैसा डिविजन सिस्टम लागू करने की मांग की है। गावस्कर ने कहा- ‘अलग-अलग लेवल की टीमों के मैचों के रिकॉर्ड एक जैसे नहीं माने जाने चाहिए।’ पढ़ें पूरी खबर

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