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चेन्नई में भारतीय तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने कहा कि दलीप ट्रॉफी में लंबे स्पेल करने के बाद उनकी लय और रफ्तार वापस आ गई है। सिराज ने बताया कि 8 जून को अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट खत्म होने के बाद उन्होंने दो महीने का ब्रेक लिया था। इसके बाद श्रीलंका दौरे पर उनकी लय और रफ्तार प्रभावित हुई। सिराज ने कहा दो महीने के ब्रेक के बाद सीधे मैच में उतरने से मेरी लय पूरी तरह नहीं बन पाई थी। मैं पूरी तरह लय पर निर्भर गेंदबाज हूं। अगर मेरा तालमेल सही नहीं होता, तो क्रीज से पूरी ताकत के साथ गेंद नहीं निकाल पाता। श्रीलंका दौरे पर सामान्य रफ्तार से स्लो बॉलिंग की श्रीलंका के खिलाफ दो टेस्ट की सीरीज में सिराज करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी कर रहे थे, जबकि उनकी सामान्य रफ्तार 140 से 145 किलोमीटर प्रति घंटे रहती है। उन्होंने श्रीलंका दौरे पर चार पारियों में 44 ओवर गेंदबाजी की और 4 विकेट लिए। हालांकि, इस दौरान वह अपनी सामान्य रफ्तार और लय में नजर नहीं आए। 41 ओवर के स्पेल से लय वापस आई सिराज ने कहा कि चेपॉक में दलीप ट्रॉफी फाइनल के दौरान 41 ओवर गेंदबाजी करने से उन्हें काफी फायदा हुआ। उन्होंने कहा, यहां सब कुछ अपनी जगह पर आ गया और रफ्तार अपने आप लौट आई। यह बहुत मुश्किल था। हम श्रीलंका से सीधे आए थे। उन्होंने आगे कहा, दूसरे टेस्ट में हमने साढ़े तीन दिन फील्डिंग की थी। इसके एक हफ्ते के भीतर हम चेन्नई की तेज गर्मी में खेल रहे थे। लेकिन मेरे लिए बात जुनून की है। जब आप देश का प्रतिनिधित्व करते हैं, तो बहाने नहीं बना सकते। आपको अपनी टीम और देश के लिए पूरी ताकत लगानी होती है। पहली पारी में 25 ओवर, 140 रन दिए दलीप ट्रॉफी फाइनल की पहली पारी में ईस्ट जोन के बल्लेबाजों ने सिराज के खिलाफ तेजी से रन बनाए। उन्होंने 25 ओवर में 140 रन दिए और उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। हालांकि, सिराज ने कहा कि पहली पारी में विकेट नहीं मिलने से वह ज्यादा चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा, भले ही आज मेरे खाते में विकेट नहीं आए, लेकिन यह मेहनत इंटरनेशनल लेवल पर काम आएगी। सिराज के लिए दलीप ट्रॉफी खेलने का मुख्य लक्ष्य विकेट लेना नहीं, बल्कि अपनी लय हासिल करना था। उन्होंने कहा, इस मैच से पहले मेरा मुख्य लक्ष्य अपना फ्लो हासिल करना था। यह मैच मेरे लिए बहुत फायदेमंद रहा। उन्होंने आगे कहा, दो महीने के ब्रेक के बाद शरीर पहले की तरह रिएक्ट नहीं करता। हर चीज थोड़ी धीमी लगती है। इस मैच को पूरा करने से मेरा शरीर फिर चलने लगा और मेरी लय वापस आ गई। लंबे ब्रेक के बजाय लगातार गेंदबाजी पसंद 32 साल के सिराज ने कहा कि उनका शरीर लंबे ब्रेक के बजाय लगातार मेहनत का आदी है। उन्होंने बताया कि ब्रेक के दौरान फिटनेस के दूसरे पहलुओं पर काम करने का मौका मिला, लेकिन गेंदबाजी की लय वापस पाने के लिए मैच खेलना जरूरी था। सिराज ने कहा, मेरा शरीर लंबे ब्रेक को अच्छी तरह नहीं अपना पाता। छोटा ब्रेक ठीक है, लेकिन 10 साल के करियर में मैंने कभी दो महीने का पूरा ब्रेक नहीं लिया था। उन्होंने कहा, मैं जितने ज्यादा ओवर करता हूं, उतना बेहतर होता जाता हूं। अगर मैं लंबे स्पेल नहीं करूंगा, तो मेरी लय वापस नहीं आएगी। ब्रेक के बाद शरीर सुस्त महसूस कर रहा था सिराज ने बताया कि दलीप ट्रॉफी में 10 और 11 ओवर के स्पेल करने से उन्हें अपनी लय वापस पाने में मदद मिली। उन्होंने कहा, ब्रेक के बाद क्रीज पर मेरा शरीर सुस्त महसूस कर रहा था। मैंने 10 और 11 ओवर के स्पेल किए। इसी से मेरी लय पूरी तरह वापस आई। सिराज ने कहा, मैंने खुद से कहा कि नतीजे के बारे में भूलकर अच्छी और स्वाभाविक लय के साथ रन-अप लेना है। जिस पल मैंने ऐसा किया, पुराना सिराज फिर से एक्शन में आ गया और गेंद बहुत अच्छी तरह निकलने लगी।
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दलीप ट्रॉफी में लंबे स्पेल से सिराज की लय लौटी:बोले- दो महीने के ब्रेक से शरीर सुस्त पड़ा, श्रीलंका में रन-अप बिगड़ गया था

