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खिलाड़ियों के कमरे तक पहुंचे बाहरी लोग:IPL के एंटी-करप्शन नियमों में चूक; टीमों को चेतावनी, नियम तोड़ने पर होगी कड़ी कार्रवाई


इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के मौजूदा सीजन में सुरक्षा और एंटी करप्शन प्रोटोकॉल के उल्लंघन का मामला सामने आया है। BCCI की एंटी करप्शन एंड सिक्योरिटी यूनिट (ACSU) की रिपोर्ट के मुताबिक, कई मैचों के दौरान टीम के डगआउट, होटल और टीम बस में ऐसे लोग देखे गए, जिन्हें वहां रहने की अनुमति नहीं थी। इस लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए BCCI सभी 10 फ्रेंचाइजी के लिए सख्त एडवाइजरी जारी करेगा। बोर्ड ने साफ किया है कि भविष्य में ऐसी गलती दोहराने पर कड़ा एक्शन लिया जाएगा। ACSU ने रिपोर्ट में जताई चिंता IPL के चेयरमैन अरुण धूमल ने पुष्टि की कि ACSU ने इस मामले पर बोर्ड को विस्तृत रिपोर्ट सौंपी है। धूमल ने बताया, ‘एंटी-करप्शन यूनिट ने कुछ अनियमितताओं की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाहरी व्यक्ति डगआउट, टीम बस और होटल के उन एरिया में पाए गए जहां सिर्फ खिलाड़ियों और मैच अधिकारियों को जाने की अनुमति है। ‘प्लेयर्स एंड मैच ऑफिशियल्स एरिया’ (PMOA) के अपने प्रोटोकॉल होते हैं। हम फ्रेंचाइजी से कहेंगे कि वे SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) का सख्ती से पालन करें ताकि टूर्नामेंट की निष्पक्षता बनी रहे।’ खिलाड़ियों के कमरों तक पहुंच रहे थे बाहरी लोग BCCI सचिव देवाजीत सैकिया ने इस मामले पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि इस बार कुछ फ्रेंचाइजी और खिलाड़ियों के व्यवहार में खामियां देखी गई हैं। सैकिया के मुताबिक,’हमने देखा है कि बहुत से बाहरी लोग टीम के सदस्यों के साथ घूम रहे हैं। कुछ लोग बिना परमिशन के होटल के उन कमरों तक पहुंच रहे हैं जहां खिलाड़ी या टीम अधिकारी ठहरे हुए हैं। यह हमारे एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का सीधा उल्लंघन है।’ टीम मालिकों पर भी गिरेगी गाज! बोर्ड की नजर सिर्फ बाहरी लोगों पर नहीं, बल्कि टीम मालिकों और अधिकारियों पर भी है। सैकिया ने कहा,’यह भी देखा गया है कि कुछ टीम मालिक और बड़े अधिकारी उन जगहों पर खिलाड़ियों के साथ घुल-मिल रहे हैं जहां उनका जाना वर्जित है। हमने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। हम एक एडवाइजरी जारी कर रहे हैं जिसे सख्ती से लागू किया जाएगा। इसके बाद अगर कोई भी उल्लंघन होता है, तो BCCI और IPL मैनेजमेंट कड़ी कार्रवाई करेगा।’ क्या होता है PMOA प्रोटोकॉल? सुरक्षा को लेकर पहले भी रहे हैं सख्त नियम BCCI IPL की साख को लेकर हमेशा संवेदनशील रहा है। 2013 के स्पॉट फिक्सिंग मामले के बाद एंटी-करप्शन यूनिट की भूमिका बढ़ गई है। हर टीम के साथ एक डेडिकेटेड ACSU अधिकारी तैनात रहता है, जो खिलाड़ियों की गतिविधियों और उनसे मिलने वाले लोगों पर नजर रखता है। मौजूदा रिपोर्ट बताती है कि इस बार निगरानी तंत्र में सेंध लगाने की कोशिश हुई, जिसे बोर्ड शुरुआती स्तर पर रोकना चाहता है।

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